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MP NEET Counselling 2026: सरकारी स्कूल कोटे पर बड़ा अपडेट, 6वीं से 12वीं तक के दस्तावेज जरूरी; प्रपत्र-10 नहीं हुआ तो छिन सकता है लाभ

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Published On: 10 August 2026
MP NEET
— MP NEET Counselling 2026 में बड़ा अपडेट!

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MP NEET Counselling 2026: सरकारी स्कूल कोटे पर बड़ा अपडेट, 6वीं से 12वीं तक के दस्तावेज जरूरी; प्रपत्र-10 नहीं हुआ तो छिन सकता है लाभ

MP NEET Counselling 2026: मध्य प्रदेश में NEET UG 2026-27 की राज्य स्तरीय संयुक्त काउंसलिंग में सरकारी स्कूल विद्यार्थी कोटे के तहत मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग के दौरान सीट आवंटित होने के बाद दस्तावेज सत्यापन में निर्धारित प्रमाण पत्र और अंकसूचियां प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जरूरी दस्तावेज नहीं दिखाने पर अभ्यर्थी को सरकारी स्कूल विद्यार्थी कोटे की पात्रता से बाहर किया जा सकता है और आवंटित सीट भी निरस्त होने की स्थिति बन सकती है।

इस बार दस्तावेज सत्यापन में खास तौर पर कक्षा छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई से संबंधित रिकॉर्ड और प्रपत्र-10 को महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए सरकारी स्कूल कोटे के तहत मेडिकल प्रवेश की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मूल दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है।

6वीं से 12वीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ाई का प्रमाण जरूरी

MP के मेडिकल कॉलेजों में सरकारी स्कूल विद्यार्थी कोटे के तहत पांच प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इस कोटे का लाभ उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जो निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं।

चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. अरुणा कुमार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कक्षा छठवीं से 12वीं तक मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी शासकीय विद्यालय विद्यार्थी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसे प्रपत्र-10 के नाम से जाना जाता है।

दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रपत्र-10 उपलब्ध नहीं होने पर अभ्यर्थी के सरकारी स्कूल कोटे के दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में मेडिकल सीट मिलने के बावजूद कोटे का लाभ समाप्त हो सकता है।

सभी मूल अंकपत्र भी रखने होंगे साथ

सिर्फ प्रपत्र-10 होना ही पर्याप्त नहीं होगा। अभ्यर्थियों को कक्षा छठवीं से 12वीं तक के सभी मूल अंकपत्र भी सत्यापन के समय प्रस्तुत करने होंगे।

यदि किसी विद्यार्थी की किसी कक्षा की अंकसूची उपलब्ध नहीं है या वह किसी कारण से खो गई है, तो संबंधित शासकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य से पढ़ाई का प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। संचालनालय के अनुसार, ऐसी स्थिति में प्रधानाचार्य द्वारा जारी प्रमाण पत्र को मान्य दस्तावेज माना जाएगा।

इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच कर लें, ताकि सत्यापन के समय किसी तरह की परेशानी न हो।

RTE के तहत निजी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के लिए भी नियम

सरकारी स्कूल विद्यार्थी कोटे के लिए उन छात्रों के दस्तावेजों को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं, जिन्होंने शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक निजी स्कूल में पढ़ाई की है और इसके बाद कक्षा नौवीं से 12वीं तक शासकीय विद्यालय में अध्ययन किया है।

ऐसे विद्यार्थियों को संबंधित निजी स्कूल के प्रधानाचार्य की ओर से जारी प्रमाण पत्र देना होगा। इसके साथ ही प्रपत्र-10 और कक्षा नौवीं से 12वीं तक शासकीय विद्यालय के मूल अंकपत्र प्रस्तुत करने होंगे।

दस्तावेज सत्यापन के समय यदि अभ्यर्थी प्रपत्र-10 अथवा निर्धारित अंकसूचियां उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो उसे सरकारी स्कूल विद्यार्थी कोटे के लिए अपात्र माना जा सकता है।

प्रदेश में 4900 MBBS सीटें

MP में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर कुल 4900 MBBS सीटें उपलब्ध बताई गई हैं। इनमें प्रदेश के 18 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 2700 सीटें हैं, जबकि 12 निजी मेडिकल कॉलेजों में लगभग 2200 सीटें उपलब्ध हैं।

पिछले साल प्रदेश में कुल 4775 MBBS सीटें थीं। इस वर्ष सीटों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। धार, बैतूल, कटनी और पन्ना में PPP मॉडल के तहत चार नए मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटें जुड़ने के बाद कुल संख्या बढ़कर 4900 हो गई है।

सरकारी स्कूल कोटे में करीब 245 सीटें

MP में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए मेडिकल कॉलेजों की पांच प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। कुल 4900 MBBS सीटों के आधार पर इस कोटे के तहत करीब 245 सीटें उपलब्ध हो सकती हैं।

ये सीटें राज्य कोटे की सीटों में से सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में निर्धारित नियमों के अनुसार आवंटित की जाएंगी। ऐसे में इस श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए दस्तावेज सत्यापन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

13 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन पंजीयन

NEET UG 2026-27 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग के पहले दौर के लिए पात्र अभ्यर्थियों को 13 अगस्त रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन पंजीयन करने का अवसर दिया गया है।

काउंसलिंग कार्यक्रम के अनुसार, रिक्त सीटों की जानकारी 11 अगस्त को जारी की जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थी 12 अगस्त शाम 5 बजे तक रिक्त सीटों को लेकर आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। अंतिम रिक्त सीटों का प्रकाशन 13 अगस्त को किया जाएगा।

राज्य की मेरिट सूची 14 अगस्त को जारी होगी। इसके बाद अभ्यर्थियों को कॉलेज और पाठ्यक्रम के लिए च्वाइस फिलिंग तथा लॉकिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह प्रक्रिया 15 से 18 अगस्त रात 11:59 बजे तक चलेगी।

काउंसलिंग के इस चरण में केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी पात्र अभ्यर्थी ही भाग ले सकेंगे।

दस्तावेजों में गलती न करें

सरकारी स्कूल कोटे से MBBS सीट हासिल करने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए इस बार दस्तावेजों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए अभ्यर्थियों को प्रपत्र-10, कक्षा छठवीं से 12वीं तक के अंकपत्र और पात्रता से जुड़े अन्य प्रमाण पत्र पहले से तैयार रखने चाहिए।

दस्तावेज सत्यापन के दौरान जानकारी में अंतर, प्रमाण पत्र की कमी या निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में सरकारी स्कूल कोटे का लाभ प्रभावित हो सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को काउंसलिंग की प्रत्येक तारीख और दस्तावेज संबंधी शर्तों का विशेष ध्यान रखना होगा।

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