MP New Flights: मध्यप्रदेश को मिली 4 नई सीधी उड़ानें, भोपाल से रीवा-पटना और रीवा-जबलपुर से कोलकाता कनेक्टिविटी शुरू
MP New Flights 2026: मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश को चार नई सीधी उड़ानों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से इन नई उड़ानों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे।
नई उड़ानों के शुरू होने से भोपाल, रीवा और जबलपुर के बीच हवाई संपर्क मजबूत होगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर सीधे तौर पर पटना और कोलकाता जैसे महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ गए हैं। सरकार का कहना है कि इस कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भोपाल-रीवा के बीच शुरू हुई सीधी उड़ान
नई सेवाओं में भोपाल से रीवा के बीच सीधी उड़ान को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भोपाल और रीवा के बीच हवाई सेवा शुरू होने का लंबे समय से इंतजार था। उन्होंने बताया कि जब वे मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के अध्यक्ष थे, तब भी दोनों शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने के प्रयास किए गए थे।
अब नियमित विमान सेवा शुरू होने से विंध्य क्षेत्र को प्रदेश की राजधानी भोपाल से सीधा हवाई संपर्क मिल गया है। इससे रीवा और आसपास के जिलों के लोगों को भोपाल आने-जाने में समय की बचत होगी। साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों और पर्यटन को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
चार नई फ्लाइट्स से बढ़ी कनेक्टिविटी
कार्यक्रम के दौरान चार नई डायरेक्ट फ्लाइट्स का शुभारंभ किया गया। इनमें भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच हवाई सेवाएं शामिल हैं।
इन उड़ानों के शुरू होने से यात्रियों के पास अब मध्यप्रदेश के इन शहरों से देश के दूसरे प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। खासकर रीवा और जबलपुर जैसे शहरों के यात्रियों को कोलकाता के लिए सीधी उड़ान मिलने से लंबी यात्रा और कनेक्टिंग फ्लाइट पर निर्भरता कम होगी।
MP में पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी
MP मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दतिया, सतना और रीवा में एयरपोर्ट शुरू हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी के लिए भी मंजूरी मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को पांच नए एयरपोर्ट की मंजूरी मिली है। सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश के अधिक से अधिक शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। इससे प्रदेश में पर्यटन और उद्योग के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इंदौर से अबूधाबी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू हो चुकी है। वहीं भोपाल से भी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लगभग दो महीने बाद भोपाल से शारजाह के लिए सीधी उड़ान शुरू हो सकती है। इसके बाद भोपाल के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
कम किराये में हवाई यात्रा का दावा
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि नई उड़ानों का उद्देश्य केवल कनेक्टिविटी बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाना भी है। उन्होंने बताया कि रीवा से भोपाल का किराया करीब 2700 रुपये से शुरू होगा और इसे लगभग 3500 रुपये तक सीमित रखने का प्रयास किया गया है।
इसी तरह रीवा से कोलकाता की उड़ान का किराया करीब 3700 रुपये से शुरू होकर अधिकतम लगभग 5000 रुपये तक रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि नियंत्रित किराये के कारण मध्यम वर्ग और आम यात्रियों के लिए भी विमान यात्रा आसान होगी।
आम नागरिक तक पहुंची हवाई सेवा: केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में पिछले वर्षों के दौरान तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि एक समय हवाई यात्रा को सीमित वर्ग की सुविधा माना जाता था, लेकिन उड़ान योजना—उड़े देश का आम नागरिक के माध्यम से इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, उड़ान योजना के तहत देश में करीब 90 एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। एयरक्राफ्ट की संख्या और हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छोटे शहरों में एयरपोर्ट और उड़ान सेवाएं शुरू होने से स्थानीय पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
MP की एविएशन पॉलिसी की तारीफ
केंद्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश सरकार की एविएशन पॉलिसी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विमानन क्षेत्र में लगातार नए कदम उठा रही है और मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार की ताकत बताया।
अगले 10 साल तक चलेगा मॉडिफाइड उड़ान कार्यक्रम
विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को मॉडिफाइड उड़ान योजना की शुरुआत की है, जिसे अगले 10 वर्षों तक चलाया जाएगा।
मध्यप्रदेश में मौजूद एयरस्ट्रिप और एयरपोर्ट की क्षमता को देखते हुए नए शहरों की पहचान की जा रही है। केंद्र सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राज्य सरकार मिलकर ऐसे क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में और अधिक एयरलाइंस मध्यप्रदेश में अपनी सेवाएं शुरू करेंगी।
हवाई कनेक्टिविटी अब जरूरत: राजेंद्र शुक्ल
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि भोपाल-रीवा हवाई सेवा विंध्य क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विंध्य में सीमेंट, बिजली, खनिज संसाधन और पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन लंबे समय तक सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी की कमी विकास में बाधा रही।
उन्होंने बताया कि रीवा एयरपोर्ट का भूमिपूजन वर्ष 2023 में हुआ था और 2024 में इसका लोकार्पण किया गया। एयरपोर्ट के बाद एयरलाइंस को आकर्षित करने में राज्य की एविएशन पॉलिसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज के दौर में हवाई यात्रा केवल लग्जरी नहीं रह गई है। निवेश, पर्यटन, व्यापार और रोजगार को गति देने के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी आवश्यक हो गई है। नई उड़ानों के साथ मध्यप्रदेश के एयर नेटवर्क के विस्तार को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
