अखिल भारतीय श्वेताम्बर जैन महिला संघ की ऑनलाइन मैट्रिमोनी मीट में भारत सहित जर्मनी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के 243 शिक्षित एवं प्रोफेशनल युवक-युवतियों ने जीवनसाथी को लेकर विचार साझा किए।
ऑनलाइन मैट्रिमोनी मीट: 243 हाइली एजुकेटेड युवक-युवतियों ने साझा किए जीवनसाथी से जुड़े विचार
इंदौर। अखिल भारतीय श्वेताम्बर जैन महिला संघ केंद्रीय इकाई द्वारा आयोजित ऑनलाइन मैट्रिमोनी मीट में देश-विदेश के 243 हाइली एजुकेटेड एवं प्रोफेशनल अविवाहित युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत के विभिन्न शहरों के साथ जर्मनी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से जुड़े प्रतिभागियों ने ऑनलाइन मंच पर अपना परिचय देते हुए जीवनसाथी को लेकर अपनी पसंद और विचार साझा किए।
देश-विदेश से 243 युवक-युवतियों ने लिया हिस्सा
ऑनलाइन मैट्रिमोनी मीट में शामिल युवक-युवतियों ने अपनी शिक्षा, व्यवसाय, परिवार, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे अपने भावी जीवनसाथी में किन गुणों को प्राथमिकता देते हैं।
आयोजकों के अनुसार, ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस पहल ने देश और विदेश में रहने वाले जैन समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया। इससे अलग-अलग शहरों और देशों में रहने वाले परिवारों के बीच संपर्क की संभावनाएं भी बढ़ीं।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मेंटर वीरेंद्र कुमार जैन, अध्यक्ष स्नेह कटारिया, संस्थापक रेखा जैन, सचिव पूजा जैन, रेखा नानावटी, कोषाध्यक्ष संगीता पोखरना एवं पूर्व अध्यक्ष उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में अतिथियों और पदाधिकारियों ने इस प्रकार के आयोजनों की उपयोगिता पर जोर दिया तथा युवाओं को अपने जीवनसाथी के चयन में सोच-समझकर निर्णय लेने का संदेश दिया।
युवाओं ने खुलकर रखे जीवनसाथी से जुड़े विचार
मीट के दौरान युवाओं ने जीवनसाथी को लेकर अपने विचार स्पष्ट और बेबाक तरीके से रखे। प्रतिभागियों का कहना था कि जीवनसाथी का चयन केवल शिक्षा, नौकरी या आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
आपसी समझ, संस्कार, विचारों की समानता, सम्मान और परिवार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी उतना ही महत्व दिया जाना चाहिए। युवाओं ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच जुड़ाव भी है। ऐसे में दोनों पक्षों की सोच और जीवन मूल्यों में सामंजस्य महत्वपूर्ण है।
करियर और परिवार के संतुलन को बताया जरूरी
कुछ प्रतिभागियों ने अपनी प्राथमिकताएं साझा करते हुए कहा कि वे ऐसा जीवनसाथी चाहते हैं जो करियर और परिवार के बीच संतुलन को समझे। साथ ही एक-दूसरे के सपनों और व्यक्तिगत लक्ष्यों का सम्मान करे।
युवाओं ने यह भी कहा कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव के दौरान पति-पत्नी को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। आपसी विश्वास और संवाद को सफल वैवाहिक जीवन की महत्वपूर्ण नींव बताया गया।
आधुनिक सोच के साथ जैन संस्कार भी महत्वपूर्ण
ऑनलाइन मैट्रिमोनी मीट में शामिल कई युवाओं ने आधुनिक सोच के साथ जैन संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को भी महत्वपूर्ण बताया।
प्रतिभागियों के अनुसार आज की पीढ़ी शिक्षा और करियर को महत्व देती है, लेकिन इसके साथ परिवार, संस्कार, परंपराओं और रिश्तों के प्रति सम्मान भी जरूरी है। जीवनसाथी ऐसा होना चाहिए जो आधुनिक परिस्थितियों को समझने के साथ पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों का सम्मान करे।
देश-विदेश के युवाओं को एक मंच पर लाने की पहल
आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश में रहने वाले प्रतिभाशाली एवं शिक्षित जैन युवक-युवतियों को एक मंच पर लाना है, ताकि उचित जीवनसाथी की तलाश को सरल, सुरक्षित और व्यापक बनाया जा सके।
243 प्रतिभागियों की सहभागिता से यह स्पष्ट हुआ कि समाज में विवाह योग्य युवक-युवतियों और उनके परिवारों के लिए ऐसे मंच की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन माध्यम ने भौगोलिक दूरी को कम करते हुए विभिन्न देशों में रहने वाले प्रतिभागियों को एक-दूसरे से परिचित होने का अवसर दिया।
अखिल भारतीय श्वेताम्बर जैन महिला संघ की यह पहल समाज के युवाओं के लिए संवाद और परिचय का उपयोगी माध्यम बनकर सामने आई। आयोजन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह भी संकेत दिया कि बदलते समय के साथ विवाह संबंधों की तलाश में नई तकनीक और पारंपरिक मूल्यों का संतुलित समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

