पेटलावद में हरिराम गेहलोत हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
मारपीट का वीडियो वायरल कर दहशत फैलाने का आरोप, दो आरोपी पुलिस अभिरक्षा में
पेटलावद (मनीष कुमट) । पेटलावद में हरिराम पिता गोमाजी गेहलोत हत्याकांड का झाबुआ पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, हथियार एवं आरोपियों के कपड़े भी जब्त किए हैं। मामले में एक आरोपी अर्जुन उर्फ राजू भूरिया, निवासी छोटा माछलिया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार 2 अगस्त 2026 की रात्रि फरियादिया भुलीबाई, उम्र 42 वर्ष, निवासी अटल बस्ती पेटलावद ने थाना पेटलावद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसके परिचित हरिराम पिता गोमाजी गेहलोत, निवासी धुलेट जिला धार, के साथ देवा सिंगाड पिता थावरिया सिंगाड, निवासी संजय कॉलोनी राजगढ़ जिला धार, एक विधि-विरुद्ध बालक, देवा के जमाई एवं एक अन्य व्यक्ति द्वारा गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई। गंभीर चोटों के कारण हरिराम की मृत्यु हो गई।
पुलिस ने फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना पेटलावद में अपराध क्रमांक 349/2026 के तहत धारा 103(1), 115(2), 296(a), 351(2), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दहशत फैलाने का प्रयास
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। वीडियो के माध्यम से पेटलावद सहित राजगढ़ एवं धुलेट क्षेत्र में भय एवं दहशत का माहौल बनाने का प्रयास किए जाने से आमजन में सनसनी फैल गई।
जांच के दौरान थाना राजगढ़, जिला धार से प्राप्त जानकारी के आधार पर देवा उर्फ देवीलाल सिंगाड, निवासी संजय कॉलोनी राजगढ़ के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस के अनुसार देवा सिंगाड आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसके विरुद्ध पूर्व में 13 अपराध पंजीबद्ध पाए गए हैं।
एसपी के निर्देशन में गठित की गई पुलिस टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेन्द्र पाटीदार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया एवं एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति साबनानी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। वहीं पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए अर्जुन उर्फ राजू भूरिया, निवासी छोटा माछलिया एवं एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया।
संबंधों के संदेह में हत्या की वारदात
पुलिस विवेचना में अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार देवा सिंगाड के फरियादिया भुलीबाई के साथ पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से संबंध होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार देवा ने ही भुलीबाई को पेटलावद में मकान किराये पर दिलवाने तथा उसके खर्च की व्यवस्था करने में मदद की थी।
विवेचना के अनुसार देवा को संदेह था कि हरिराम गेहलोत के भी भुलीबाई के साथ संबंध हैं। इसी संदेह के चलते देवा फरियादिया के घर पहुंचा, जहां उसने हरिराम को देखा। इसके बाद देवा एवं उसके साथियों द्वारा फरियादिया और हरिराम के साथ मारपीट की गई। मारपीट में गंभीर चोट लगने से हरिराम की मृत्यु हो गई।
मृतक के परिजनों को भी धमकाने का आरोप
पुलिस के अनुसार घटना के बाद देवा एवं उसके साथियों द्वारा मृतक हरिराम के ग्राम धुलेट स्थित घर पर जाकर उसके परिजनों को डराया-धमकाया गया। आरोपियों ने परिजनों को मारपीट का वीडियो भी दिखाया और हरिराम की हत्या किए जाने की बात बताई।
गिरफ्तार आरोपी
1. अर्जुन उर्फ राजू भूरिया, निवासी छोटा माछलिया
2. एक विधि-विरुद्ध बालक
पुलिस ने मामले में घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, हथियार एवं कपड़े जब्त किए हैं। प्रकरण में अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर विवेचना जारी है।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी एवं सफल अनुसंधान में थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक गोवर्धन मकवाना, उप निरीक्षक राजाराम भगोरा, सउनि लाखनसिंह भाटी, सउनि महेन्द्रसिंह पटेल सहित प्रधान आरक्षक पवन चौहान, विजय शर्मा, अरविन्द बारिया, अनिल अमलियार तथा आरक्षक राजेन्द्र परिहार, कैलाश मोयल, महेन्द्र चन्देल, प्रकाश भगोरा, राहुल, घनश्याम मालवीय, राकेश डामोर एवं चालक आरक्षक मोतीलाल डिण्डोर की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
