राज्यमंत्री लखन पटेल के प्रयासों से मिली स्वीकृति
पथरिया विधानसभा की वर्षों पुरानी मांग पूरी, चार शासकीय विद्यालयों में शुरू होगा कृषि संकाय
पथरिया/Damoh। पथरिया विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी और महत्वपूर्ण सौगात सामने आई है। क्षेत्र के चार शासकीय विद्यालयों में कृषि संकाय प्रारंभ करने की शासन से स्वीकृति मिल गई है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग के पूरा होने से अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को कृषि विषय की पढ़ाई के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें अपने ही क्षेत्र में कृषि शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय विद्यालय पथरिया, खड़ेरी, असलाना एवं बेलापुरवा में कृषि संकाय प्रारंभ किया जाएगा। इन विद्यालयों में कृषि शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग क्षेत्र के विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। शासन की स्वीकृति मिलने के साथ ही क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है।
विद्यार्थियों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर कृषि शिक्षा का अवसर
पथरिया विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि वाला क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में विद्यालय स्तर पर कृषि शिक्षा की उपलब्धता विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व रखती है।
कृषि संकाय प्रारंभ होने के बाद विद्यार्थियों को कृषि विषय का व्यवस्थित अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। इससे वे खेती-किसानी से जुड़ी पारंपरिक जानकारी के साथ-साथ आधुनिक कृषि विज्ञान की बारीकियों को भी समझ सकेंगे।
कृषि शिक्षा विद्यार्थियों को केवल नौकरी की संभावनाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें कृषि आधारित स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों से भी परिचित कराती है। विद्यार्थी आधुनिक तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों, फसल प्रबंधन और कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाओं को समझ सकेंगे।
राज्यमंत्री लखन पटेल के प्रयासों को मिला परिणाम
चार शासकीय विद्यालयों में कृषि संकाय प्रारंभ करने की स्वीकृति के पीछे आनंद विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है।
राज्यमंत्री लखन पटेल द्वारा पथरिया विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा और कृषि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए शासन स्तर पर लगातार पहल की गई। क्षेत्र में विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं और ग्रामीण पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए कृषि शिक्षा के विस्तार की दिशा में प्रयास किए गए।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप शासन द्वारा चार शासकीय विद्यालयों में कृषि संकाय प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि कृषि संकाय की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खोलने वाली पहल साबित हो सकती है।
कृषि विज्ञान और आधुनिक खेती की तकनीक का मिलेगा ज्ञान
कृषि संकाय शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त होगी। इसके माध्यम से वे आधुनिक खेती की तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों और कृषि क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों से परिचित हो सकेंगे।
आज के समय में कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक कृषि में वैज्ञानिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई प्रबंधन, मृदा परीक्षण, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण और बाजार आधारित उत्पादन जैसे अनेक पहलू महत्वपूर्ण हो गए हैं।
ऐसे में विद्यालय स्तर पर कृषि शिक्षा मिलने से विद्यार्थियों में प्रारंभ से ही कृषि के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है।
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत
कृषि विषय पढ़ने के इच्छुक ग्रामीण विद्यार्थियों को कई बार अपने गांव या क्षेत्र से बाहर जाकर शिक्षा प्राप्त करनी पड़ती है। दूरी, आवागमन और आर्थिक खर्च जैसी समस्याओं के कारण कई विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार विषय का अध्ययन नहीं कर पाते।
चार शासकीय विद्यालयों में कृषि संकाय की शुरुआत होने से ऐसे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। वे अपने घर के नजदीक रहकर कृषि विषय की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी कम होने की उम्मीद है। विशेष रूप से ग्रामीण और सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि के परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
कृषि आधारित रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं
कृषि शिक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ा हुआ है। कृषि क्षेत्र में केवल खेती ही रोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय, बीज उत्पादन, खाद एवं कृषि इनपुट, पशुपालन, उद्यानिकी, कृषि विपणन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी अनेक संभावनाएं हैं।
कृषि संकाय के माध्यम से विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों की प्रारंभिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इससे वे भविष्य में उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कृषि आधारित व्यवसाय अथवा स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
ग्रामीण युवाओं के लिए कृषि आधारित उद्यमिता रोजगार का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग करके युवा अपने लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर सकते हैं।
पथरिया और बटियागढ़ में 13-13 करोड़ की लागत से बनेंगे आईटीआई भवन
शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में पथरिया विधानसभा को एक और महत्वपूर्ण सौगात मिलने जा रही है। राज्यमंत्री लखन पटेल के प्रयासों से पथरिया और बटियागढ़ में लगभग 13-13 करोड़ रुपये की लागत से नए आईटीआई भवन भी तैयार किए जाने की दिशा में कार्य आगे बढ़ रहा है।
इन संस्थानों के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। आईटीआई जैसी संस्थाएं युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आज के समय में केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी और व्यावसायिक कौशल की भी बड़ी आवश्यकता है। ऐसे में क्षेत्र में आधुनिक आईटीआई भवन और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।
कौशल विकास से युवाओं को मिलेगा लाभ
पथरिया और बटियागढ़ में आईटीआई भवनों के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा। इससे वे निजी क्षेत्र, सरकारी सेवाओं तथा स्वरोजगार के लिए आवश्यक कौशल विकसित कर सकेंगे।
स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होने से युवाओं को प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की आवश्यकता भी कम होगी। इसका सीधा लाभ ग्रामीण और छोटे कस्बों के विद्यार्थियों को मिल सकता है।
इसके साथ ही कुशल युवाओं की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे व्यवसायों के विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम
पथरिया विधानसभा क्षेत्र में एक ओर चार शासकीय विद्यालयों में कृषि संकाय शुरू करने की स्वीकृति और दूसरी ओर पथरिया तथा बटियागढ़ में लगभग 13-13 करोड़ रुपये की लागत से आईटीआई भवनों की सौगात को शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कृषि संकाय ग्रामीण विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा से जोड़ेंगे, वहीं आईटीआई संस्थान युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रदान करने में मदद करेंगे। इस तरह शिक्षा के दोनों क्षेत्रों—कृषि एवं कौशल विकास—को मजबूत करने का प्रयास क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
क्षेत्रवासियों में उत्साह
वर्षों पुरानी मांग पूरी होने और शिक्षा से जुड़ी नई सुविधाओं की स्वीकृति मिलने से पथरिया विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों में उत्साह का माहौल है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। वहीं युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधाएं बढ़ने से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मजबूत होंगे।
कृषि संकाय की स्वीकृति और आईटीआई भवनों की सौगात को क्षेत्र के शैक्षणिक एवं कौशल विकास के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि इन संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्याप्त संसाधन और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, तो आने वाले समय में इसका व्यापक लाभ क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं को मिल सकता है।
इस पहल से पथरिया विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, कृषि और कौशल विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
संवाददाता— सोनू अठया
स्वराज वाणी, दमोह, मध्य प्रदेश
