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Indore एयरपोर्ट विस्तार की योजना अधर में, 143 एकड़ जमीन का इंतजार; तैयार टर्मिनल-1 भी चार माह से बंद

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Published On: 8 August 2026
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— इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार की योजना जमीन के इंतजार में अटकी

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Indore एयरपोर्ट विस्तार की योजना अधर में, 143 एकड़ जमीन का इंतजार; तैयार टर्मिनल-1 भी चार माह से बंद

Indore देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना लंबे समय से कागजों में आगे बढ़ रही है, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण इसका वास्तविक काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। एयरपोर्ट के रनवे को लंबा करने, विमान पार्किंग क्षमता बढ़ाने और भविष्य की यात्री जरूरतों को देखते हुए टर्मिनल सुविधाओं के विस्तार की योजना तैयार की गई है। इसके लिए करीब 143 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता बताई गई है। सर्वे और अन्य प्रक्रियाएं आगे बढ़ने के बावजूद जमीन उपलब्ध नहीं होने से योजना की रफ्तार धीमी है।

Indore एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा सुविधाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना चाहता है, लेकिन जमीन की समस्या विस्तार के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।

दो चरणों में प्रस्तावित है एयरपोर्ट का विस्तार

एयरपोर्ट विस्तार की योजना को दो चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण काम मौजूदा रनवे की लंबाई बढ़ाना है। वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे करीब 2754 मीटर लंबा है। इसे बढ़ाकर लगभग 3500 से 4000 मीटर तक करने की योजना है।

रनवे की लंबाई बढ़ने से बड़े और लंबी दूरी के विमानों के संचालन की संभावना बढ़ जाएगी। इससे इंदौर एयरपोर्ट से अधिक शहरों और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता में भी सुधार होगा।

रनवे विस्तार के अलावा विमान पार्किंग की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में एयरपोर्ट पर एक समय में करीब 26 विमानों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। भविष्य में विमानों की संख्या और उड़ानों में संभावित वृद्धि को देखते हुए पार्किंग क्षेत्र का विस्तार जरूरी माना जा रहा है।

पार्किंग विस्तार के लिए 89 एकड़ जमीन की जरूरत

विमान पार्किंग क्षेत्र के विस्तार के लिए करीब 89 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता बताई गई है। जमीन मिलने के बाद यहां पार्किंग और उससे जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जा सकेगा। इससे एक साथ अधिक विमानों को खड़ा करने और उड़ानों के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

एयरपोर्ट के बढ़ते यात्री और विमान यातायात को देखते हुए यह विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल योजना के कई हिस्से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

तैयार है टर्मिनल-1, फिर भी उड़ान संचालन शुरू नहीं

एयरपोर्ट विस्तार की योजना के साथ एक और महत्वपूर्ण मुद्दा टर्मिनल-1 से जुड़ा है। नए टर्मिनल के निर्माण और भविष्य की व्यवस्थाओं के बीच पुराने टर्मिनल को दोबारा तैयार किया गया था। टर्मिनल-1 का नवनिर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन तैयार होने के करीब चार माह बाद भी यहां से उड़ान संचालन शुरू नहीं किया जा सका है।

टर्मिनल के तैयार होने के बावजूद उसका उपयोग शुरू नहीं होने से यात्रियों और एयरपोर्ट से जुड़े लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। यदि टर्मिनल-1 का संचालन शुरू होता है तो मौजूदा टर्मिनल पर यात्रियों और एयरलाइन संचालन का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

जमीन उपलब्ध नहीं होने से अटकी कई योजनाएं

एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। योजना के अनुसार करीब 143 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसमें रनवे विस्तार, विमान पार्किंग और अन्य एयरपोर्ट सुविधाओं के विकास के लिए अलग-अलग हिस्सों में जमीन का उपयोग किया जाना है।

जमीन की आवश्यकता को लेकर सर्वे की प्रक्रिया की जा चुकी है, लेकिन अब तक एयरपोर्ट को आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है। इसी कारण विस्तार योजना का जमीनी काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

बड़े विमानों के संचालन से बढ़ सकती है कनेक्टिविटी

रनवे की लंबाई बढ़ने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर बड़े विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे एयरपोर्ट की क्षमता में विस्तार के साथ नई उड़ानों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं। इंदौर मध्य प्रदेश का प्रमुख व्यावसायिक और औद्योगिक केंद्र होने के कारण बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की मांग लगातार बढ़ रही है।

शहर से देश के प्रमुख महानगरों के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाने के साथ अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में भी एयरपोर्ट विस्तार अहम भूमिका निभा सकता है। इसके लिए रनवे और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।

यात्रियों को भी है सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद

Indore एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ टर्मिनल और अन्य सुविधाओं पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में टर्मिनल विस्तार, अतिरिक्त पार्किंग, रनवे विस्तार और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास आने वाले वर्षों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत जमीन उपलब्ध कराने और तैयार टर्मिनल-1 का संचालन शुरू करने की है। यदि जमीन से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी होती है तो एयरपोर्ट विस्तार की योजना को गति मिल सकती है। इससे न केवल इंदौर बल्कि पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, इंदौर एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की योजना तैयार है, लेकिन जमीन की उपलब्धता और कुछ लंबित प्रक्रियाओं के कारण इसका क्रियान्वयन धीमा है। अब नजर इस बात पर है कि आवश्यक 143 एकड़ जमीन कब तक उपलब्ध होती है और टर्मिनल-1 से उड़ान संचालन कब शुरू किया जाता है।

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