MP Primary Teacher Recruitment 2025: 800 सफल अभ्यर्थी अपात्र घोषित, भोपाल में DPI कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
MP Teacher Recruitment 2025: मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पात्रता और शैक्षणिक योग्यता की कटऑफ तारीख को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विभाग से भर्ती प्रक्रिया में पात्रता के नियमों को लेकर पुनर्विचार करने की मांग की।
अभ्यर्थियों का दावा है कि प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफल होने के बावजूद करीब 800 उम्मीदवारों को बाद में अपात्र घोषित कर दिया गया। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें डीएलएड की डिग्री निर्धारित कटऑफ तारीख के बाद प्राप्त होने के आधार पर भर्ती प्रक्रिया से बाहर किया गया है। अभ्यर्थियों ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए DPI अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखी।
करीब 300 अभ्यर्थियों ने किया DPI कार्यालय का घेराव
प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़े विवाद को लेकर शुक्रवार को करीब 300 सफल अभ्यर्थी DPI कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों से मुलाकात की और अपनी समस्या बताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्होंने भर्ती परीक्षा के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की थी और परीक्षा में सफलता भी हासिल की, लेकिन बाद में पात्रता की शर्तों को लेकर उन्हें अपात्र कर दिया गया।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने वर्ष 2026 तक डीएलएड की पढ़ाई पूरी की है और मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उन्हें भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान पात्रता को लेकर उन्हें अलग जानकारी दी गई थी, जबकि बाद में कटऑफ तारीख के आधार पर बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया।
13,089 पदों पर हुई थी प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा
MP में प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 13,089 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती परीक्षा में भाग लिया और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षा पास की। उनके मुताबिक आवेदन और परीक्षा के समय पात्रता से संबंधित नियमों को लेकर ऐसी स्थिति नहीं थी कि परिणाम के बाद बड़ी संख्या में सफल उम्मीदवारों को शैक्षणिक योग्यता की तारीख के आधार पर बाहर कर दिया जाएगा।
इसी कारण अब अभ्यर्थी विभाग से नियमों को स्पष्ट करने और उनकी पात्रता पर दोबारा विचार करने की मांग कर रहे हैं।
कटऑफ तारीख बदलने का आरोप
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने DPI पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शैक्षणिक योग्यता की कटऑफ तारीख को लेकर बाद में बदलाव किया गया। अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा के लिए आवेदन करते समय यह जानकारी दी गई थी कि परिणाम घोषित होने तक आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले उम्मीदवारों को पात्र माना जाएगा।
हालांकि, अभ्यर्थियों का दावा है कि परिणाम जारी होने के लगभग एक वर्ष बाद विभाग ने 25 अगस्त 2025 को शैक्षणिक योग्यता की कटऑफ तारीख मानकर करीब 800 सफल उम्मीदवारों को अपात्र घोषित कर दिया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन उम्मीदवारों को अपात्र घोषित किया गया, उनमें कई ऐसे हैं जिन्होंने निर्धारित शैक्षणिक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और उनके पास मान्यता प्राप्त संस्थानों की डीएलएड डिग्री है।
डीएलएड की तारीख बनी विवाद की मुख्य वजह
पूरे विवाद का मुख्य केंद्र डीएलएड की डिग्री हासिल करने की तारीख है। अभ्यर्थियों के अनुसार, कई उम्मीदवारों ने परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद अपनी डीएलएड की पढ़ाई पूरी की। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में परिणाम तक योग्यता पूरी करने की बात लागू थी, तो बाद में कटऑफ तारीख के आधार पर उन्हें अपात्र नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर ही उम्मीदवारों की योग्यता का परीक्षण किया जा रहा है। इसी नियम को लेकर अभ्यर्थियों और विभाग के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई है।
अभ्यर्थियों ने की नियमों में राहत की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जिन अभ्यर्थियों ने मान्यता प्राप्त संस्थानों से डीएलएड पूरा किया है, उन्हें प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल होने का मौका दिया जाए। उनका कहना है कि कई उम्मीदवारों ने वर्षों तक तैयारी की, परीक्षा पास की और शिक्षक बनने की उम्मीद लगाई थी। ऐसे में उन्हें अचानक अपात्र घोषित किए जाने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
अभ्यर्थियों ने अधिकारियों से मांग की कि मामले की दोबारा समीक्षा की जाए और पात्रता की कटऑफ तारीख को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
भर्ती प्रक्रिया पर बढ़ सकता है विवाद
प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब हजारों उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं। करीब 800 सफल उम्मीदवारों के अपात्र घोषित होने से भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर आगे भी अधिकारियों से संपर्क करेंगे। उनका कहना है कि जब तक पात्रता संबंधी विवाद का उचित समाधान नहीं होता, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले में अभ्यर्थियों की ओर से कटऑफ तारीख और डीएलएड योग्यता को लेकर आपत्ति जताई गई है। भर्ती प्रक्रिया में अंतिम निर्णय विभाग द्वारा निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के आधार पर लिया जाएगा। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार और DPI उनकी मांगों पर विचार कर उन्हें राहत देने की दिशा में कदम उठाएंगे।
