Indore News: रास्ता रोकने पर भड़के IAS आकाश सिंह, नेता प्रतिपक्ष से बोले- ‘बदतमीजी मत कीजिए’, निगम मुख्यालय में हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
Indore News: इंदौर नगर निगम मुख्यालय में गुरुवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जमकर हंगामा हुआ। नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट और अपर आयुक्त एवं आईएएस अधिकारी आकाश सिंह के बीच तीखी बहस का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दोनों के बीच कार्रवाई को लेकर बहस होती दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि विवाद एबी रोड स्थित एक गुमटी को हटाने की कार्रवाई से जुड़ा है। नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट इस मामले को लेकर करीब 40 प्रभावित लोगों के साथ नगर निगम मुख्यालय पहुंची थीं। उनका आरोप है कि निगम की रिमूवल कार्रवाई में समानता नहीं बरती जा रही है। वहीं अपर आयुक्त आकाश सिंह का कहना है कि निगम नियमों के अनुसार अवैध गुमटियों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और किसी विशेष व्यक्ति को राहत नहीं दी जा सकती।
रास्ता रोकने पर नाराज हुए अपर आयुक्त
विवाद उस समय बढ़ गया जब नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने अपर आयुक्त आकाश सिंह से बातचीत करने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। आकाश सिंह ने आरोप लगाया कि उनका रास्ता रोकने का प्रयास किया गया।
वायरल वीडियो में आईएएस आकाश सिंह को नाराजगी जताते हुए महिला नेता से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ बदतमीजी न की जाए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही।
आकाश सिंह ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उन्हें ‘बंदी बनाने’ का प्रयास किया जा रहा है। घटना के दौरान नगर निगम मुख्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों का ध्यान भी इस विवाद की ओर गया। कुछ समय बाद मामला शांत हुआ, लेकिन घटना की चर्चा पूरे दिन निगम कार्यालय में होती रही।
गुमटी हटाने की कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत एबी रोड स्थित एक गुमटी को हटाने की कार्रवाई को लेकर हुई। नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के अनुसार, एक गुमटी संचालक ने शिकायत की थी कि नगर निगम की कार्रवाई में उसकी गुमटी हटा दी गई, जबकि उसके आसपास मौजूद अन्य गुमटियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मिमरोट का कहना है कि उनकी आपत्ति किसी अवैध गतिविधि को संरक्षण देने को लेकर नहीं थी। उनका कहना था कि यदि गुमटियां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं तो नगर निगम को सभी के खिलाफ समान कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने निगम अधिकारियों से कार्रवाई में पारदर्शिता और समानता बरतने की मांग की।
उनके अनुसार संबंधित युवक कई दिनों से अपनी शिकायत लेकर नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी मामले को लेकर वह गुरुवार को करीब 40 प्रभावित लोगों के साथ अपर आयुक्त आकाश सिंह से मिलने पहुंची थीं।
करीब 40 लोगों के साथ निगम कार्यालय पहुंचीं नेता प्रतिपक्ष
सोनिला मिमरोट ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर पहले फोन पर भी अपर आयुक्त आकाश सिंह से बातचीत की थी। इसके बाद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह संबंधित लोगों के साथ निगम मुख्यालय पहुंचीं।
मिमरोट के मुताबिक, जब वह अपर आयुक्त के कार्यालय में पहुंचीं तो आकाश सिंह वहां से बाहर निकल रहे थे। उनका आरोप है कि अधिकारी ने उनकी बात सुनने के बजाय वहां से जाने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
नेता प्रतिपक्ष ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अतिक्रमण हटाना है तो कार्रवाई सभी के खिलाफ समान रूप से होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही क्षेत्र में कुछ गुमटियों को हटाया गया, जबकि अन्य को छोड़ दिया गया।
अपर आयुक्त ने नियमों का दिया हवाला
वहीं अपर आयुक्त आकाश सिंह ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को अलग तरीके से देखा। उनका कहना है कि निगम अवैध गुमटियों और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। उनके मुताबिक किसी भी गुमटी या अतिक्रमण को नियमों के विरुद्ध होने पर कार्रवाई से बाहर नहीं रखा जा सकता।
आकाश सिंह का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष एक गुमटी को कार्रवाई से मुक्त रखने की मांग कर रही थीं। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए इस मांग को स्वीकार नहीं किया। अधिकारी के मुताबिक नगर निगम की कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाकर नहीं की जा रही है, बल्कि नियमों के तहत अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के बाद विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में नेता प्रतिपक्ष और अपर आयुक्त के बीच तीखी बातचीत होती दिखाई दे रही है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं।
घटना को लेकर नगर निगम मुख्यालय में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। कर्मचारियों और निगम से जुड़े लोगों के बीच भी विवाद को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रहीं।
दोनों पक्षों के दावों में अलग-अलग तस्वीर
पूरे मामले में दोनों पक्षों का अपना-अपना पक्ष सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी अवैध गुमटी को बचाना नहीं, बल्कि कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करना था। वहीं अपर आयुक्त आकाश सिंह का कहना है कि निगम की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जा रही है और किसी को भी नियमों से अलग राहत नहीं दी जा सकती।
रास्ता रोकने के आरोप को लेकर भी दोनों पक्षों की स्थिति अलग है। अधिकारी का कहना है कि उनका रास्ता रोकने की कोशिश की गई, जबकि नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि वह संबंधित लोगों की शिकायत के समाधान के लिए अधिकारी से बातचीत करना चाहती थीं।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है और दोनों पक्षों के आरोपों पर प्रशासन की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
