जर्जर मकान की दीवार गिरने से दर्दनाक हादसा, मजदूर की मौत और तीन घायल
संवाददाता :विपिन शर्मा
कुंडाली गांव में देर रात हुआ हादसा
मध्य प्रदेश के बम्होरी क्षेत्र के ग्राम कुंडाली में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। वर्षों से जर्जर पड़े एक कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में चार लोग आ गए। हादसे में एक दिहाड़ी मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्होरी ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सिविल अस्पताल सिलवानी रेफर कर दिया गया।
कई वर्षों से खराब हालत में था मकान
जानकारी के अनुसार, जिस मकान की दीवार गिरी, वह चेतराम अहिरवार और दौलतराम अहिरवार का बताया जा रहा है। दोनों पिछले कई वर्षों से ग्राम जाम में निवास कर रहे हैं और यह मकान लंबे समय से बंद तथा जर्जर अवस्था में था।
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले लगातार हुई बारिश के दौरान इस कच्चे मकान की एक दीवार पहले ही गिर चुकी थी। इसके बावजूद दूसरी दीवार भी कमजोर हालत में खड़ी थी, जो कभी भी गिर सकती थी।
बताया जा रहा है कि हादसे वाली रात कुछ लोग इसी जर्जर दीवार के पास बैठे हुए थे। अचानक कमजोर दीवार गिर गई और सभी लोग उसके नीचे दब गए।
चार लोग आए चपेट में
हादसे के समय हाकम पिता हरभजन अहिरवार, धनसिंह पिता रामबगस अहिरवार, अशोक पिता देवकरण अहिरवार और सुप्यार पिता मन्नालाल अहिरवार दीवार के पास बैठे थे।
अचानक दीवार गिरने से चारों लोग मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला।
हादसे में हाकम पिता हरभजन अहिरवार की मौत हो गई। वहीं धनसिंह अहिरवार को कमर से लेकर पैर तक गंभीर चोटें आई हैं। अशोक अहिरवार के कंधे और हाथ में गंभीर चोट बताई जा रही है, जबकि सुप्यार अहिरवार भी घायल हुए हैं।


अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
घटना के बाद ग्रामीणों ने घायलों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्होरी पहुंचाया। हालांकि वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए सिविल अस्पताल सिलवानी भेजा गया।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि गंभीर स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी है। घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
मृतक और घायल मजदूरी कर चलाते थे परिवार
बताया जा रहा है कि मृतक हाकम अहिरवार दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे। हादसे में घायल हुए अन्य लोग भी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
इस घटना के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है।
प्रशासन की ओर से भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जर्जर मकान की स्थिति को लेकर पहले कोई सूचना दी गई थी या नहीं।
ग्रामीणों ने जर्जर मकानों को हटाने की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव में मौजूद अन्य जर्जर और खतरनाक मकानों को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कमजोर मकान कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मकानों का सर्वे कराया जाए और जो मकान लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं, उन्हें समय रहते हटाया जाए या सुरक्षित कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कदम उठाए गए तो भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है और लोगों की जान बचाई जा सकती है।
