Raja Raghuvanshi Case Update: भाई विपिन ने कहा- सोनम फर्जी आईडी से गेस्ट हाउस में रुकी थी, परिवार पर उठाए सवाल
Raja Raghuvanshi Case Update: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। मेघालय से लौटे राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने मामले को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने दावा किया है कि मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सरेंडर करने से पहले शिलॉन्ग के एक गेस्ट हाउस में फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर ठहरने की व्यवस्था की थी।
विपिन रघुवंशी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामले से जुड़ी कार्रवाई के सिलसिले में शिलॉन्ग पहुंचे थे। वहां उन्होंने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कई अहम बातें साझा कीं। उनके इन दावों के बाद मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं।
हालांकि, सोनम रघुवंशी के परिवार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने कहा कि लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और उस समय उनके माता-पिता इंदौर में ही मौजूद थे।
सोनम के गेस्ट हाउस में रुकने को लेकर बड़ा दावा
विपिन रघुवंशी का कहना है कि शिलॉन्ग पुलिस से बातचीत के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि सोनम रघुवंशी ने सरेंडर से पहले गेस्ट हाउस में रुकने के लिए फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने पुलिस से मांग की है कि गेस्ट हाउस के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और जमा कराई गई आईडी की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे।
विपिन ने यह भी दावा किया कि जिस गेस्ट हाउस में सोनम रुकी थी, वहां उसका पूरा परिवार करीब चार से पांच दिन तक ठहरा हुआ था। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है।
दूसरी ओर, सोनम के परिवार का कहना है कि यह केवल आरोप हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्वेलरी को लेकर भी उठाए सवाल
Raja Raghuvanshi के भाई विपिन ने मामले में बरामद ज्वेलरी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कोर्ट में जब रतलाम स्थित शिलोम जेम्स के घर से बरामद आभूषण दिखाए गए तो उन्होंने उनमें से कुछ की पहचान की।
विपिन के अनुसार, बरामद ज्वेलरी में सोने का मंगलसूत्र और चेन शामिल थी। उन्होंने दावा किया कि यह ज्वेलरी राज कुशवाह के नाम से जुड़ी थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि सामान्य नौकरी करने वाला व्यक्ति इतनी महंगी ज्वेलरी कैसे खरीद सकता है। विपिन ने आशंका जताई कि यह ज्वेलरी राजा और सोनम की शादी से पहले खरीदी गई थी, जिससे सोनम और राज कुशवाह के संबंधों को लेकर शक और गहरा होता है।
हालांकि, इन दावों की सच्चाई जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी पर निर्भर करेगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपियों को देखा
विपिन रघुवंशी ने बताया कि कोर्ट परिसर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने मामले में गिरफ्तार आरोपियों को देखा। इनमें सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, आनंद कुर्मी, आकाश राजपूत और विशाल चौहान सहित अन्य आरोपी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि मामले की जांच तेजी से पूरी हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। राजा के परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद है।
हनीमून ट्रिप के दौरान हुई थी राजा रघुवंशी की हत्या
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड मई महीने में सामने आया था। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे।
20 मई को राजा और सोनम मेघालय के लिए रवाना हुए थे। दोनों 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) इलाके में नोंग्रियाट गांव स्थित एक होमस्टे से चेक आउट करने के बाद लापता हो गए थे।
इसके बाद परिवार का संपर्क दोनों से टूट गया। 27 मई से उनकी तलाश शुरू की गई। खोज अभियान के दौरान 2 जून को राजा रघुवंशी का शव एक खाई से बरामद हुआ।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि राजा की हत्या किसी धारदार हथियार से की गई थी। जांच के दौरान सोनम भी लापता थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही।
सोनम सहित कई आरोपी गिरफ्तार
9 जून को सोनम रघुवंशी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस को मिली थी। इसके बाद मेघालय पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ में हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम खुलासे हुए। पुलिस ने इस मामले में सोनम रघुवंशी समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। राजा रघुवंशी के परिवार और आरोपियों के पक्ष की अलग-अलग दलीलों के बीच अब सभी की नजरें कोर्ट की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
