टेक्नोलॉजी से बदल रहा बीमा क्षेत्र: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने तेज़ और आसान सेवाओं से बेहतर बनाया ग्राहक अनुभव
डिजिटल केवाईसी, एआई आधारित क्लेम प्रोसेसिंग और व्हाट्सऐप सेवाओं से पॉलिसी जारी करने से लेकर दावा निपटान तक की प्रक्रिया हुई अधिक सरल और तेज़
मुंबई। भारत में डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग ने बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा और ई-कॉमर्स के साथ-साथ बीमा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लाया है। आज का ग्राहक केवल बीमा पॉलिसी खरीदना ही नहीं चाहता, बल्कि वह चाहता है कि पूरी प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और बिना किसी जटिलता के पूरी हो। पॉलिसी जारी होने से लेकर दावा (क्लेम) निपटान तक हर सेवा डिजिटल माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो, यही आधुनिक ग्राहकों की सबसे बड़ी अपेक्षा बन चुकी है।
इन्हीं बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधानों को अपनी सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। कंपनी का कहना है कि डिजिटल नवाचारों के माध्यम से न केवल ग्राहकों को तेज़ और सुविधाजनक सेवाएं मिल रही हैं, बल्कि परिचालन लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर कंपनी का विशेष फोकस
आज बीमा खरीदने वाले अधिकांश ग्राहक चाहते हैं कि उन्हें पॉलिसी के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े। वे चाहते हैं कि पहचान सत्यापन (KYC), दस्तावेज़ जमा करने, पॉलिसी जारी होने और भविष्य में दावा करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और कम समय में पूरी हो।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने इसी दिशा में लगातार निवेश करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई आधारित सेवाओं को मजबूत किया है। कंपनी का मानना है कि तकनीक केवल संचालन को डिजिटल बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ग्राहक संतुष्टि बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका भी है।
लागत अनुपात में आई कमी
कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बचत कारोबार (Savings Business) का लागत अनुपात घटकर 13.6 प्रतिशत रह गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 50 बेसिस पॉइंट कम है।
विशेषज्ञों के अनुसार लागत अनुपात में कमी किसी भी वित्तीय संस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी कम लागत में अधिक प्रभावी ढंग से सेवाएं प्रदान कर रही है।
कंपनी का कहना है कि इस सुधार के पीछे डिजिटल प्रक्रियाओं का विस्तार और स्वचालन (Automation) प्रमुख कारण रहे हैं।
डिजिटल केवाईसी से तेज़ हुई पॉलिसी प्रक्रिया
बीमा क्षेत्र में केवाईसी (Know Your Customer) एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। पहले इसमें दस्तावेज़ों की जांच और सत्यापन में काफी समय लगता था।
अब कंपनी की लगभग 58 प्रतिशत पॉलिसियां डिजिटल केवाईसी के माध्यम से जारी की जा रही हैं।
डिजिटल केवाईसी के कारण ग्राहकों को शाखा जाने या अतिरिक्त दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता कम हो गई है। इससे पॉलिसी जारी होने का समय घटा है और प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक बन गई है।
आधे से अधिक ग्राहकों को उसी दिन मिली पॉलिसी
कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार बचत से जुड़ी लगभग 54 प्रतिशत पॉलिसियां उसी दिन जारी कर दी गईं।
बीमा उद्योग में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि पहले पॉलिसी जारी होने में कई दिन लग जाते थे।
अब डिजिटल सत्यापन, स्वचालित प्रोसेसिंग और एआई आधारित मूल्यांकन की सहायता से ग्राहकों को कम समय में पॉलिसी उपलब्ध कराई जा रही है।
एआई बना बीमा सेवाओं का नया आधार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज लगभग हर उद्योग में अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है और बीमा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने पॉलिसी अंडरराइटिंग, जोखिम मूल्यांकन, ग्राहक सहायता और क्लेम प्रोसेसिंग में एआई आधारित मॉडलों का उपयोग बढ़ाया है।
इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ हुई है, मानवीय त्रुटियों में कमी आई है और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिल रहा है।
ग्राहकों की सहायता कर रहा ‘आस्क खुशमणि’ चैटबॉट
कंपनी का एआई आधारित चैटबॉट ‘आस्क खुशमणि’ ग्राहकों को चौबीसों घंटे सहायता प्रदान कर रहा है।
इस चैटबॉट की सहायता से ग्राहक अपनी पॉलिसी से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, सेवाओं के लिए अनुरोध दर्ज कर सकते हैं तथा आवश्यक जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।
डिजिटल सहायता उपलब्ध होने से ग्राहकों को कॉल सेंटर पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम हो गई है।
व्हाट्सऐप के जरिए भी मिल रही सेवाएं
डिजिटल सुविधा को और आसान बनाने के लिए कंपनी ने व्हाट्सऐप आधारित सेवा भी शुरू की है।
इसके माध्यम से ग्राहक अपनी पॉलिसी संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, क्लेम दर्ज कर सकते हैं तथा अपने दावे की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं।
मोबाइल आधारित सेवाओं के कारण ग्राहकों को कहीं भी और कभी भी सहायता उपलब्ध हो रही है।
क्लेम प्रक्रिया हुई पहले से अधिक आसान
बीमा क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया क्लेम निपटान मानी जाती है।
कंपनी ने दावा प्रक्रिया को डिजिटल बनाते हुए एआई आधारित क्लेम सिस्टम विकसित किया है, जिससे दावा दर्ज करने से लेकर उसके मूल्यांकन तक का समय काफी कम हो गया है।
विशेष रूप से व्यक्तिगत दावों के मामलों में जहां अतिरिक्त जांच की आवश्यकता नहीं होती, वहां औसत भुगतान समय केवल एक दिन रहा।
यह उपलब्धि ग्राहकों के लिए भरोसा बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
99.3 प्रतिशत रहा क्लेम सेटलमेंट अनुपात
कंपनी ने दावा किया है कि उसने 99.3 प्रतिशत क्लेम सेटलमेंट अनुपात हासिल किया है।
बीमा उद्योग में उच्च दावा निपटान अनुपात ग्राहकों के विश्वास का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज़ और पारदर्शी क्लेम प्रक्रिया बीमा कंपनियों की विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सलाहकारों के लिए भी डिजिटल समाधान
कंपनी ने केवल ग्राहकों के लिए ही नहीं बल्कि अपने सलाहकारों (Advisors) के लिए भी डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है।
आईपीआरयू एज ऐप (IPRU Edge App) के माध्यम से सलाहकार ग्राहकों की जानकारी दर्ज करने, दस्तावेज़ अपलोड करने और पॉलिसी प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करने में सक्षम हो रहे हैं।
इससे कार्य क्षमता बढ़ी है और ग्राहकों को बेहतर सेवा मिल रही है।
क्या बोले कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर?
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर गणेशन सौंदिरम ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना नहीं है, बल्कि ग्राहकों के लिए हर चरण को अधिक आसान, तेज़ और सुविधाजनक बनाना है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से पॉलिसी खरीदने, सेवाएं प्राप्त करने और क्लेम करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में कंपनी नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाकर ग्राहक अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करती रहेगी।
बीमा उद्योग में डिजिटल बदलाव का बढ़ता प्रभाव
भारत में डिजिटल भुगतान, आधार आधारित सत्यापन, ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल सेवाओं के विस्तार के साथ बीमा क्षेत्र भी तेजी से तकनीकी बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में एआई, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन बीमा उद्योग के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण ग्राहकों को न केवल तेज़ सेवाएं मिलेंगी, बल्कि पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा।
भविष्य की रणनीति
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का कहना है कि कंपनी भविष्य में भी टेक्नोलॉजी पर लगातार निवेश करती रहेगी।
कंपनी का उद्देश्य डिजिटल नवाचारों के माध्यम से ग्राहकों को सरल, सुरक्षित, तेज़ और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही परिचालन दक्षता बढ़ाकर लागत को नियंत्रित रखना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेषज्ञों के अनुसार बीमा उद्योग में तकनीक का बढ़ता उपयोग आने वाले वर्षों में ग्राहकों के अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। तेज़ पॉलिसी जारी करना, आसान क्लेम प्रक्रिया, डिजिटल सहायता और एआई आधारित सेवाएं भविष्य की बीमा व्यवस्था का प्रमुख आधार बनेंगी। ऐसे में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस की यह पहल डिजिटल बीमा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
