Satna School Fee Controversy: फीस विवाद में 10वीं की छात्रा से मारपीट का आरोप, प्राचार्य पर FIR दर्ज
अनाथ छात्रा ने लगाया प्रिंसिपल पर मारपीट और अभद्रता का आरोप, स्कूल प्रबंधन ने भी दर्ज कराई शिकायत
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक स्कूल फीस विवाद का मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और छात्र सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के कोलगवां थाना क्षेत्र स्थित सरस्वती विद्यालय, कृष्णनगर में फीस जमा न करने को लेकर कक्षा 10वीं की एक छात्रा और स्कूल प्रबंधन के बीच विवाद हो गया।
छात्रा ने स्कूल के प्राचार्य पर फीस मांगने के दौरान मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। छात्रा का दावा है कि मारपीट के दौरान उसकी नाक से खून निकल आया और हाथ में चोट भी लगी। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फीस मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा और उसका भाई दोनों सरस्वती विद्यालय में कक्षा 10वीं में अध्ययनरत हैं। छात्रा ने बताया कि कुछ वर्ष पहले उसके माता-पिता का निधन हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्कालीन स्कूल प्राचार्य ने दोनों बच्चों की फीस माफ करने की बात कही थी।
छात्रा के अनुसार, पुराने प्राचार्य के समय उन्हें निःशुल्क शिक्षा दी जा रही थी, लेकिन नए प्राचार्य के आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने फीस जमा करने की मांग शुरू कर दी।
छात्रा का कहना है कि फीस जमा नहीं होने के कारण कई बार स्कूल में प्रवेश रोकने की बात कही गई, जिसके बाद यह विवाद बढ़ गया।
प्राचार्य कक्ष में हुई घटना का आरोप
बताया जा रहा है कि यह घटना बुधवार 5 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे की है। छात्रा अपनी समस्या बताने के लिए प्राचार्य के कमरे में गई थी।
छात्रा का आरोप है कि फीस को लेकर बातचीत के दौरान प्राचार्य मुद्रिका प्रसाद दुबे ने उसके साथ मारपीट की। छात्रा के अनुसार, इस दौरान उसकी नाक से खून निकलने लगा और दाहिने हाथ में भी चोट आई।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और छात्रा, स्कूल प्रबंधन तथा संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन ने भी दर्ज कराई शिकायत
वहीं दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन ने भी छात्रा के चाचा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रा और उसके भाई की फीस लंबे समय से बकाया है।
प्रबंधन के अनुसार, दोनों विद्यार्थियों की पिछले और वर्तमान सत्र की कुल फीस लगभग 58 हजार 930 रुपए बकाया है। स्कूल की ओर से कई बार फीस जमा करने के लिए परिवार को सूचना दी गई थी।
स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि फीस जमा करने के बजाय परिवार के लोगों ने स्कूल पहुंचकर विवाद किया।
दोनों पक्षों के आरोपों की जांच
इस पूरे मामले में छात्रा और स्कूल प्रबंधन दोनों ने अपनी-अपनी शिकायतें पुलिस को दी हैं। एक ओर छात्रा ने प्राचार्य पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया है, वहीं स्कूल प्रबंधन फीस बकाया और विवाद की बात कह रहा है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फीस माफी और छात्र सहायता पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अनाथ और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। छात्रा का कहना है कि माता-पिता के निधन के बाद स्कूल ने पहले फीस माफ की थी, लेकिन बाद में फीस की मांग शुरू कर दी गई।
वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि फीस नियमों के अनुसार मांगी गई थी और लंबे समय से भुगतान नहीं हुआ था।
फिलहाल सतना का यह मामला शिक्षा संस्थानों में फीस व्यवस्था, छात्र अधिकार और स्कूल प्रबंधन के व्यवहार को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
