—Advertisement—

अजिंक्य रहाणे का बड़ा बयान: ‘टेस्ट क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान जरूरी’, गौतम गंभीर को दिया अहम संदेश

Author Picture
Published On: 6 August 2026
Former India Test vice-captain Ajinkya Rahane speaks about the importance of senior players in Test cricket after announcing his international retirement, while sharing his views on Team India and head coach Gautam Gambhir.
— Former India Test vice-captain Ajinkya Rahane speaks about the importance of senior players in Test cricket after announcing his international retirement, while sharing his views on Team India and head coach Gautam Gambhir.

—Advertisement—

अजिंक्य रहाणे का बड़ा बयान: ‘टेस्ट क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान जरूरी’, गौतम गंभीर को दिया अहम संदेश

संन्यास के बाद पहली बार बोले रहाणे, भारतीय टेस्ट टीम के भविष्य और अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका पर जताई चिंता

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टेस्ट उपकप्तान और अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पहली बार भारतीय टेस्ट टीम की मौजूदा स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी है। रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट केवल प्रतिभा का खेल नहीं, बल्कि अनुभव, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता का भी नाम है। उनका मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टेस्ट टीम से एक साथ कई अनुभवी खिलाड़ियों के बाहर होने से टीम के संतुलन पर असर पड़ा है।

रहाणे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेस्ट टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। हाल के वर्षों में रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन और अब स्वयं अजिंक्य रहाणे जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से दूर होने के बाद टीम में युवा खिलाड़ियों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में रहाणे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल युवाओं के भरोसे टेस्ट क्रिकेट में लगातार सफलता हासिल करना आसान नहीं होगा।

संन्यास के बाद पहली बार रखी खुलकर राय

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले अजिंक्य रहाणे ने एक क्रिकेट पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भारतीय टेस्ट टीम की वर्तमान स्थिति और भविष्य को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से वह भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन एक दर्शक के रूप में उन्होंने टीम के प्रदर्शन को करीब से देखा है। टीम को घरेलू मैदान पर भी संघर्ष करते देख उन्हें निराशा हुई और इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों की अहमियत पर जोर दिया।

‘टेस्ट क्रिकेट में अनुभव का कोई विकल्प नहीं’

रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट सबसे कठिन प्रारूप है, जहां केवल आक्रामक बल्लेबाजी या तेज रन बनाने से सफलता नहीं मिलती।

उनके अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है जो लंबे समय तक क्रीज पर टिक सकें, कठिन परिस्थितियों का धैर्यपूर्वक सामना कर सकें और मैच के मुश्किल दौर में टीम को संभाल सकें।

उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत टेस्ट टीम की पहचान उसके अनुभवी खिलाड़ियों से होती है, क्योंकि वही युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते हैं और टीम को मानसिक मजबूती प्रदान करते हैं।

‘घर पर भी टीम को हारते देखा’

रहाणे ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने भारतीय टीम को घरेलू परिस्थितियों में भी टेस्ट मैच हारते देखा, जो पहले बहुत कम देखने को मिलता था।

उनका मानना है कि भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत हमेशा मजबूत बल्लेबाजी क्रम और अनुभवी खिलाड़ियों का संयोजन रहा है। यदि टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की संख्या लगातार कम होती जाएगी तो उसका असर प्रदर्शन पर दिखाई देना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि टीम को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो दबाव के समय जिम्मेदारी उठाने से पीछे न हटें।

मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य सबसे बड़ी ताकत

रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी खूबी बताते हुए कहा कि यह प्रारूप “सेशन दर सेशन” खेला जाता है।

उन्होंने कहा कि कई बार मैच में ऐसा दौर आता है जब रन बनाना मुश्किल होता है। ऐसे समय में बल्लेबाज का धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती सबसे ज्यादा काम आती है।

रहाणे के अनुसार आधुनिक क्रिकेट में कई टीमें कठिन सत्रों का सामना करने के बजाय जल्दी विकेट गंवा देती हैं, जबकि टेस्ट क्रिकेट की सफलता का मूल मंत्र मुश्किल परिस्थितियों से लड़ना है।

गौतम गंभीर को लेकर क्या बोले रहाणे?

रहाणे ने बातचीत के दौरान भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि वह गंभीर के साथ भारतीय टीम में खिलाड़ी के रूप में खेल चुके हैं, हालांकि कोच के रूप में उनके साथ काम करने का अवसर उन्हें नहीं मिला।

रहाणे ने कहा कि गंभीर टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता को अच्छी तरह समझते हैं और उन्हें उम्मीद है कि भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट की मूल भावना—धैर्य, अनुशासन और लंबी साझेदारियों—को आगे भी प्राथमिकता देगी।

हालांकि उन्होंने किसी भी व्यक्ति की आलोचना नहीं की, लेकिन उनके बयान को कई क्रिकेट विशेषज्ञ भारतीय टीम के मौजूदा बदलाव के दौर से जोड़कर देख रहे हैं।

‘सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान जरूरी’

रहाणे ने स्पष्ट कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों को बनाए रखना और उनका सम्मान करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई देशों में अनुभवी खिलाड़ियों को लंबे समय तक टीम के साथ रखा गया, जिससे युवा खिलाड़ियों को सीखने और धीरे-धीरे जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिला।

उनका मानना है कि भारत में कई वरिष्ठ खिलाड़ी लगभग एक साथ टीम से बाहर हुए, जिससे अनुभव की कमी साफ दिखाई देने लगी।

टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर जताई चिंता

रहाणे ने कहा कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंता होती है।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर में टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट ही इस खेल की वास्तविक परीक्षा है।

उनके अनुसार भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को टेस्ट क्रिकेट की परंपरा को मजबूत बनाए रखने के लिए संतुलित टीम संयोजन तैयार करना होगा।

उन्होंने कहा कि यदि अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका लगातार कम होती गई तो भविष्य में टेस्ट क्रिकेट की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।

टीम संयोजन पर दी अहम सलाह

रहाणे ने भारतीय टेस्ट टीम के लिए एक संतुलित संयोजन की वकालत की।

उन्होंने कहा कि आदर्श स्थिति यह होगी कि टीम में 7 से 8 अनुभवी खिलाड़ी और 2 से 3 युवा खिलाड़ी हों। इससे युवा खिलाड़ियों को सीखने का अवसर मिलेगा और टीम में स्थिरता भी बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में टीम में नए खिलाड़ियों की संख्या अधिक है और अनुभवी खिलाड़ियों की कमी स्पष्ट दिखाई देती है।

रोहित, विराट और अश्विन के बाद बदला टीम का स्वरूप

भारतीय टेस्ट क्रिकेट में पिछले कुछ समय के दौरान कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।

रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से दूर होने के बाद टीम का स्वरूप काफी बदल गया है। अब अजिंक्य रहाणे के संन्यास के बाद भारतीय टीम ने एक और अनुभवी खिलाड़ी खो दिया है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतने अनुभवी खिलाड़ियों का लगभग एक साथ टीम से बाहर होना किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।

युवाओं पर भरोसा, लेकिन अनुभव भी जरूरी

रहाणे ने यह भी स्पष्ट किया कि वह युवा खिलाड़ियों के खिलाफ नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें धीरे-धीरे तैयार करना अधिक प्रभावी रणनीति होगी।

उन्होंने कहा कि जब युवा खिलाड़ी अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं तो उन्हें मैच की परिस्थितियों को समझने, दबाव झेलने और बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है।

क्या रहाणे के बयान से उठे नए सवाल?

रहाणे के बयान के बाद क्रिकेट जगत में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

हालांकि उन्होंने किसी खिलाड़ी या चयनकर्ता का नाम लेकर आलोचना नहीं की, लेकिन उनके बयान को भारतीय टेस्ट टीम में हाल के वर्षों में हुए बदलावों और वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय टीम फिलहाल संक्रमण के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में अनुभवी खिलाड़ियों का मार्गदर्शन टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

भारतीय टेस्ट टीम के सामने नई चुनौती

भारतीय टेस्ट टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने के साथ-साथ टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच संतुलन बनाए रखने की है।

अजिंक्य रहाणे का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट केवल तकनीक का खेल नहीं बल्कि धैर्य, मानसिक मजबूती और अनुभव का भी खेल है। यदि भारतीय टीम इन सभी पहलुओं को संतुलित रखती है, तो भविष्य में भी वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीमों में अपनी जगह बनाए रख सकती है।

रहाणे के इस बयान ने भारतीय क्रिकेट में एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि क्या टीम में युवाओं के साथ अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका को और मजबूत किया जाना चाहिए। आने वाले समय में चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की रणनीति इस दिशा में क्या होती है, इस पर क्रिकेट प्रेमियों की नजरें बनी रहेंगी।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp