जैन नारी शक्ति मंच का पहला सेवा प्रकल्प बना मानवता की मिसाल, जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक वितरित किए वस्त्र
संस्थापक-संचालक राजेश सकलेचा के मार्गदर्शन में सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता की अनूठी पहल
संवाददाता: प्रमोद कुमार जैन
नागदा। समाज सेवा केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति के आत्मसम्मान को बनाए रखते हुए उसकी सहायता करना ही वास्तविक मानवता है। इसी सोच को साकार करते हुए जैन नारी शक्ति मंच ने अपने प्रथम सेवा प्रकल्प की सफल शुरुआत की। संस्थापक-संचालक राजेश सकलेचा के मार्गदर्शन में आयोजित इस सेवा अभियान के तहत जरूरतमंद महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों को सम्मानपूर्वक नए वस्त्र भेंट किए गए। यह आयोजन केवल वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग, करुणा और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश भी देकर गया।
बुधवार शाम पाल्या कला स्थित ओमप्रकाश कुमावत के निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मंच की पदाधिकारी, सदस्याएं, समाजसेवी एवं सहयोगी परिवार उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान सेवा भावना और आत्मीयता का वातावरण देखने को मिला।
जरूरतमंद परिवारों तक सम्मान के साथ पहुंचाई सहायता
जैन नारी शक्ति मंच द्वारा आयोजित इस प्रथम सेवा प्रकल्प का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाना था, लेकिन विशेष बात यह रही कि पूरे कार्यक्रम में लाभार्थियों के आत्मसम्मान का पूरा ध्यान रखा गया।
कार्यक्रम में महिलाओं को सुंदर साड़ियां, पुरुषों को कुर्ता-पायजामा तथा छोटे बच्चों को नए वस्त्र एवं ड्रेस वितरित किए गए। मंच के सदस्यों ने प्रत्येक लाभार्थी का सम्मानपूर्वक स्वागत किया और उन्हें आत्मीय भाव से वस्त्र भेंट किए।
आयोजकों ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की सहायता करते समय उसका सम्मान बनाए रखना सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी होती है। यही सोच इस सेवा प्रकल्प की सबसे बड़ी विशेषता रही।
दो गुप्त लाभार्थी परिवारों के सहयोग से हुआ आयोजन
इस सेवा अभियान की एक और उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि इसका पूरा आयोजन जैन समाज के दो गुप्त लाभार्थी परिवारों के सहयोग से संपन्न हुआ।
दानदाताओं ने बिना किसी प्रचार-प्रसार के समाजसेवा को प्राथमिकता देते हुए जरूरतमंदों की सहायता के लिए अपना योगदान दिया। मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि भारतीय संस्कृति में गुप्त दान को सर्वोत्तम दान माना गया है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस आयोजन को सफल बनाया गया।
उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे अनेक परिवार हैं जो बिना किसी पहचान या सम्मान की अपेक्षा किए जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव आगे रहते हैं। ऐसे लोगों के सहयोग से समाज सेवा के कार्य और अधिक प्रभावी बनते हैं।
सेवा, सहयोग और करुणा का दिया प्रेरक संदेश
कार्यक्रम के दौरान मंच के सदस्यों ने कहा कि समाज में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना प्रत्येक सक्षम व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार किसी एक जरूरतमंद परिवार की सहायता करे तो समाज से अनेक समस्याओं का समाधान स्वतः निकल सकता है।
मंच का उद्देश्य केवल वस्त्र वितरण करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य के साथ आगे भी विभिन्न सेवा प्रकल्प संचालित किए जाएंगे।
राजेश सकलेचा के मार्गदर्शन में शुरू हुआ सेवा अभियान
जैन नारी शक्ति मंच के संस्थापक-संचालक राजेश सकलेचा ने कहा कि समाज सेवा किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि मंच का गठन समाज में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने, सेवा कार्यों को संगठित स्वरूप देने तथा जरूरतमंदों तक सम्मानपूर्वक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंच की यह छोटी शुरुआत भविष्य में एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप लेगी और समाज के अधिक से अधिक लोग इससे जुड़कर सेवा कार्यों में अपना योगदान देंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर रहेगा विशेष फोकस
राजेश सकलेचा एवं दीपक जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि जैन नारी शक्ति मंच केवल वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, बाल कल्याण, गरीब परिवारों की सहायता, छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, पौधारोपण एवं अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियों को भी प्राथमिकता देगा।
इसके साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज में उनकी सकारात्मक भूमिका को मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर संगठन विस्तार की तैयारी
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि जैन नारी शक्ति मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन का विस्तार कर रहा है।
देश के विभिन्न शहरों में मंच की नई इकाइयों के गठन की योजना बनाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस सामाजिक अभियान से जुड़ सकें और सेवा कार्यों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि समाज की शक्ति तभी बढ़ती है जब महिलाएं सामाजिक नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। यही उद्देश्य मंच की आगामी योजनाओं का आधार होगा।
चंचल जैन और आशा जैन की रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस सेवा प्रकल्प को सफल बनाने में मंच की सक्रिय कार्यकर्ता चंचल जैन (चोरड़िया) एवं आशा जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दोनों ने आयोजन की संपूर्ण व्यवस्थाओं का संचालन किया तथा लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में विशेष योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से भविष्य में ऐसे सेवा प्रकल्प नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल सके।
उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी इस अभियान से जुड़ने और सेवा कार्यों में सहयोग करने की अपील की।
आत्मसम्मान के साथ सहायता पहुंचाने पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सहायता का सबसे सुंदर स्वरूप वही है जिसमें जरूरतमंद व्यक्ति का आत्मसम्मान बना रहे।
इसी सोच के साथ लाभार्थियों को सार्वजनिक प्रदर्शन के बजाय सम्मानपूर्वक वस्त्र प्रदान किए गए।
मंच के सदस्यों का मानना है कि समाज सेवा का उद्देश्य केवल वस्तुएं वितरित करना नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना और उसे यह विश्वास दिलाना है कि समाज उसके साथ खड़ा है।
मंच की महिलाओं ने निभाई सक्रिय भूमिका
जैन नारी शक्ति मंच की सदस्याओं ने पूरे आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
उन्होंने वस्त्रों की व्यवस्था, लाभार्थियों के चयन, वितरण व्यवस्था और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महिला सदस्यों ने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और भविष्य में भी मंच इसी भावना के साथ निरंतर कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम का सफल संचालन और आभार
कार्यक्रम का संचालन आशा जैन ने प्रभावी ढंग से किया।
उन्होंने मंच की गतिविधियों, सेवा प्रकल्प के उद्देश्य तथा आगामी योजनाओं की जानकारी उपस्थित लोगों को दी।
कार्यक्रम के अंत में चंचल जैन ने सभी अतिथियों, सहयोगी परिवारों, मंच की सदस्याओं एवं समाजसेवियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह प्रथम सेवा प्रकल्प सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे समाजजन
इस अवसर पर प्रीति भटेवरा, मोनिका जैन (नवादावाला), उर्मिला कोठारी, अनुज नाहर, दीपक जैन, जीवनलाल जैन, ओमप्रकाश कुमावत, धर्मेन्द्र कुमावत, अंकित कुमावत सहित मंच की पदाधिकारी, सदस्याएं, समाजसेवी, सहयोगी परिवार एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने जैन नारी शक्ति मंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में सेवा, सहयोग, संवेदना और सामाजिक समरसता की दिशा में एक प्रेरणादायी शुरुआत बताया।
समाज सेवा की नई शुरुआत बनी प्रेरणा
जैन नारी शक्ति मंच का यह पहला सेवा प्रकल्प केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि समाज के लोग संगठित होकर सेवा भावना के साथ कार्य करें तो जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
मंच की इस पहल से यह स्पष्ट हुआ कि सेवा का वास्तविक अर्थ केवल दान देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति के सम्मान, आत्मविश्वास और जीवन में आशा का संचार करना भी है। आने वाले समय में मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण से जुड़े अनेक सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका को और अधिक मजबूत करेगा। ऐसी पहलें न केवल जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बनाती हैं, बल्कि समाज में सहयोग, भाईचारे और मानवता की भावना को भी सशक्त करती हैं।
