MP में बस किराया बढ़ा: पांच साल बाद सरकार ने लागू की नई दरें, साधारण बस का न्यूनतम किराया 10 रुपये
MP के यात्रियों को महंगाई का एक और झटका लगा है। राज्य सरकार ने प्रदेश में चलने वाली यात्री बसों के किराये में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। करीब पांच साल बाद बस किराये की नई दरें लागू की गई हैं। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणी की बसों के किराये में 25 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। साधारण बसों का किराया सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जिसमें प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाकर दो रुपये कर दिया गया है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नई किराया दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। अब साधारण बस में सफर करने वाले यात्रियों को न्यूनतम किराये के रूप में 10 रुपये चुकाने होंगे। इससे पहले न्यूनतम किराया सात रुपये था। वहीं, साधारण बसों का प्रति किलोमीटर किराया पहले करीब सवा रुपये था, जिसे बढ़ाकर दो रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
पांच साल बाद बढ़ाया गया बस किराया
MP में इससे पहले बस किराये में वृद्धि 20 अप्रैल 2021 को की गई थी। इसके बाद डीजल, रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्चों में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण बस संचालक लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
बस ऑपरेटर संगठनों का कहना था कि वर्ष 2021 में डीजल की कीमत करीब 79 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। बढ़ती लागत के कारण बस संचालन मुश्किल हो रहा था। इसी को देखते हुए सरकार ने नई किराया दरों को मंजूरी दी है।
अलग-अलग बसों के लिए नई किराया व्यवस्था
नई दरों के अनुसार साधारण बसों का किराया दो रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है। इसके अलावा अन्य श्रेणी की बसों के लिए सामान्य बस किराये के आधार पर अतिरिक्त राशि निर्धारित की गई है।
- साधारण बस: दो रुपये प्रति किलोमीटर, न्यूनतम किराया 10 रुपये।
- रात्रिकालीन बस सेवा: सामान्य किराये से 10 प्रतिशत अधिक।
- नॉन-एसी डीलक्स बस: सामान्य बस किराये से 25 प्रतिशत अधिक।
- स्लीपर बस: सामान्य किराये से 40 प्रतिशत अधिक।
- एसी डीलक्स बस: सामान्य किराये से 50 प्रतिशत अधिक।
- सुपर लग्जरी एसी कोच: सामान्य किराये से 75 प्रतिशत अधिक।
हालांकि डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों में अलग से नाइट चार्ज नहीं लिया जाएगा। वहीं, एक्सप्रेस बस सेवाओं में भी यात्रियों से अतिरिक्त किराया वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
भोपाल से इंदौर तक सफर होगा महंगा
नई किराया दर लागू होने के बाद प्रमुख रूटों पर यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। भोपाल से इंदौर के बीच बस यात्रा के लिए अब यात्रियों को नई दरों के अनुसार किराया देना होगा।
- साधारण बस: 360 रुपये
- नॉन-एसी डीलक्स बस: 425 रुपये
- एसी डीलक्स बस: 540 रुपये
- स्लीपर बस: 504 रुपये
- रात्रिकालीन बस: 396 रुपये
रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक चलने वाली बसों को रात्रिकालीन सेवा में शामिल किया गया है।
बस ऑपरेटरों के आंदोलन से पहले सरकार का फैसला
बस किराया बढ़ाने का फैसला उस समय आया है जब प्रदेश के कई बस ऑपरेटर संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। संगठनों ने किराया वृद्धि सहित सात मांगों को लेकर सात अगस्त की रात 12 बजे से आंदोलन शुरू करने की बात कही थी।
हालांकि सरकार ने आंदोलन से पहले ही नई किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी। इसके बाद बस संचालकों ने किराया बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। प्राइम रूट बस आनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने कहा कि यह मांग काफी समय से लंबित थी और सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है।
बस ऑपरेटर संगठनों का कहना है कि किराया बढ़ने से उन्हें बढ़ती लागत को संभालने में मदद मिलेगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य मांगों को लेकर सरकार से बातचीत जारी रहेगी। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो आगे आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की तैयारी
राज्य सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत निजी बसों को अनुबंध के आधार पर सरकार के नियंत्रण में चिन्हित मार्गों पर चलाया जाएगा।
इस सेवा में यात्रियों की संख्या, किराया व्यवस्था और संचालन पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे सहित आधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। बस संचालक निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठा सकेंगे और किराया चोरी रोकने के लिए निगरानी की जाएगी।
इस सेवा की शुरुआत सबसे पहले इंदौर से प्रस्तावित है। इसके लिए करीब 40 मार्गों को अधिसूचित किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि नई परिवहन व्यवस्था से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और बस संचालन में पारदर्शिता आएगी।
नई किराया दरों के लागू होने से जहां बस संचालकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं यात्रियों को अब सफर के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा।
