—Advertisement—

कावड़ यात्रा की तैयारियां तेज, पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Author Picture
Published On: 5 August 2026
कावड़

—Advertisement—

कावड़ यात्रा की तैयारियां तेज, पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

संवाददाता :मनोज कुमार पुष्पद

17 अगस्त को निकलेगी त्रिनेत्र कावड़ यात्रा, 85 गांवों के श्रद्धालु करेंगे महाकाल का जलाभिषेक

पड़ाना। श्रावण मास के पावन अवसर पर प्रस्तावित त्रिनेत्र कावड़ यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को पटाड़िया डाबी गांव में त्रिनेत्र कावड़ यात्रा महासंघ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 17 अगस्त को होने वाली भव्य कावड़ यात्रा की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यात्रा को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां तय की गईं और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

बैठक के दौरान हनुमान मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी रहा।

इस अवसर पर जन अभियान परिषद, सुंदरकांड समिति तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पौधारोपण में भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया।

23 वर्ष पूरे कर रही है त्रिनेत्र कावड़ यात्रा

त्रिनेत्र कावड़ यात्रा महासंघ के संचालक प्रदीप सिंह ठाकुर ने बताया कि ग्राम मझानिया द्वारा संचालित त्रिनेत्र कावड़ यात्रा इस वर्ष अपने 23 वर्ष पूर्ण कर रही है। यह यात्रा पिछले दो दशकों से अधिक समय से क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 17 अगस्त को कपिलेश्वर महादेव, सारंगपुर से यात्रा प्रारंभ होगी। इसमें राजगढ़ और शाजापुर जिले के लगभग 85 गांवों के श्रद्धालु शामिल होंगे। सभी श्रद्धालु कालीसिंध नदी का पवित्र जल कावड़ में लेकर पैदल उज्जैन पहुंचेंगे और भगवान महाकाल का जलाभिषेक करेंगे।

विश्व शांति और अच्छी वर्षा की कामना

श्रावण मास की पावन बेला में आयोजित होने वाली त्रिनेत्र कावड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और लोककल्याण का संदेश देने वाला जनआंदोलन बन चुकी है। महासंघ के संचालक प्रदीप सिंह ठाकुर ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान महाकाल के प्रति अटूट श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने के साथ-साथ विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव, अच्छी वर्षा तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करना है। उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा वर्षों से लोगों को आस्था के सूत्र में बांधने का कार्य कर रही है और हर वर्ष इसमें शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि श्रावण मास में भगवान शिव को पवित्र जल अर्पित करने की परंपरा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस माह में सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से किया गया जलाभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालु कालीसिंध नदी से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करेंगे और उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करेंगे।

प्रदीप सिंह ठाकुर ने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालु अनुशासन, सेवा, सहयोग और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए आगे बढ़ेंगे। यह आयोजन समाज में भाईचारे, आपसी प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने के साथ-साथ क्षेत्र में अच्छी वर्षा, समृद्धि और जनकल्याण की सामूहिक प्रार्थना का भी माध्यम बनेगा।

पौधों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी

राजगढ़ जिला अध्यक्ष विजय सिंह बना ने अपने संबोधन में कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पौधों को वृक्ष बनने तक उनका संरक्षण करें। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण और उनकी देखभाल आवश्यक है।

अधिक से अधिक लोगों को यात्रा से जुड़ने का आह्वान

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने क्षेत्र के लोगों से अधिक संख्या में त्रिनेत्र कावड़ यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का भी माध्यम है।

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और मार्ग समन्वय जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

ग्रामीणों और पदाधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में जोजन सिंह पटेल, ईश्वर सिंह, गोविंद पाटीदार, डॉ. राजेंद्र सिंह, भगवान सिंह सहित त्रिनेत्र कावड़ यात्रा महासंघ के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में यात्रा को सफल बनाने और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

बैठक का समापन भगवान शिव के जयघोष और सफल कावड़ यात्रा की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp