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दिल्हारी के युवाओं ने नर्मदा जल से किया भगवान भोलेनाथ का भव्य जलाभिषेक, 35 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा से दिया आस्था और एकता का संदेश

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Published On: 4 August 2026
Around 40 young Kanwar pilgrims from Dilhari carry sacred Narmada water after a 35-kilometre foot pilgrimage and perform a ceremonial Jalabhishek of Lord Shiva at a village temple during the holy month of Sawan
— Around 40 young Kanwar pilgrims from Dilhari carry sacred Narmada water after a 35-kilometre foot pilgrimage and perform a ceremonial Jalabhishek of Lord Shiva at a village temple during the holy month of Sawan

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दिल्हारी के युवाओं ने नर्मदा जल से किया भगवान भोलेनाथ का भव्य जलाभिषेक, 35 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा से दिया आस्था और एकता का संदेश

संवाददाता: पंडित विपिन शर्मा

बम्होरी। सावन माह भगवान शिव की उपासना, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसी पावन अवसर पर क्षेत्र के ग्राम दिल्हारी के लगभग 40 श्रद्धालु युवाओं ने धार्मिक आस्था का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नर्मदा नदी के पवित्र क्योगन घाट से कांवड़ में जल भरकर लगभग 30 से 35 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी की। इसके बाद ग्राम दिल्हारी स्थित माता मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ का नर्मदा जल से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा, शांति और जनकल्याण की कामना की।

पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं का उत्साह, अनुशासन और भक्ति भाव लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

सावन माह में निकली भव्य कांवड़ यात्रा

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान देशभर में लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए ग्राम दिल्हारी के युवाओं ने भी सामूहिक रूप से कांवड़ यात्रा का आयोजन किया।

श्रद्धालु प्रातःकाल नर्मदा नदी के क्योगन घाट पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ में पवित्र नर्मदा जल भरा गया। इसके पश्चात सभी श्रद्धालु पैदल यात्रा पर निकले।

30 से 35 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की


कांवड़ियों ने लगभग 30 से 35 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा पूरी की। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर विश्राम करते हुए श्रद्धालु लगातार शिव भक्ति के भजनों और जयघोषों के साथ आगे बढ़ते रहे।

“हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे अनुशासन और धार्मिक मर्यादा का पालन करते हुए यात्रा को सफल बनाया।

नर्मदा जल से हुआ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक

ग्राम दिल्हारी पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालु माता मंदिर परिसर में एकत्रित हुए, जहां भगवान भोलेनाथ का पवित्र नर्मदा जल से विधिवत जलाभिषेक किया गया।

पूजा-अर्चना के दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया तथा भगवान शिव से क्षेत्र में—

  • सुख-समृद्धि,
  • अच्छी वर्षा,
  • शांति,
  • खुशहाली,
  • जनकल्याण

की प्रार्थना की गई।

जलाभिषेक के बाद भगवान शिव की विशेष आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

यात्रा मार्ग में हुआ भव्य स्वागत

कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों एवं कस्बों में श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया गया।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। कई स्थानों पर फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया गया।

बम्होरी कस्बे में भी श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहां स्थानीय नागरिकों ने जलपान और विश्राम की विशेष व्यवस्था की।

सेवा और सहयोग का दिखा सुंदर उदाहरण

यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पेयजल, शरबत, फल एवं अन्य जलपान की व्यवस्था कर कांवड़ियों की सेवा की।

सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने मिलकर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान पूरे मार्ग पर धार्मिक और सामाजिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।

श्रद्धालुओं ने बताया आध्यात्मिक अनुभव

कांवड़ यात्रा में शामिल युवाओं ने कहा कि सावन माह में नर्मदा जल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करना उनके जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण क्षण है।

श्रद्धालुओं के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, अनुशासन, सेवा और सामूहिक एकता का भी संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि कठिन पदयात्रा के बावजूद भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और आस्था ने उन्हें पूरे मार्ग में ऊर्जा प्रदान की।

धार्मिक आयोजन से मिला सामाजिक एकता का संदेश

कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का आयोजन नहीं रही, बल्कि इसने सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया।

यात्रा में युवा, वरिष्ठजन और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर भागीदारी निभाई। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने जाति, वर्ग और समुदाय से ऊपर उठकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जिससे सामाजिक समरसता की सुंदर मिसाल देखने को मिली।

गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

बम्होरी में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान अनेक गणमान्य नागरिक और समाजसेवी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से—

  • किशोर सोनी
  • मदन गोपाल वर्मा
  • राजेश बघेल
  • ललित आचार्य
  • महेश बैरागी
  • मिथुन लोधी
  • शिवाजी मीणा
  • सूर्यजीत सिंह
  • सूरज उइके
  • सौरभ साहू

सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

सावन में बढ़ रहा शिवभक्ति का उत्साह

सावन माह के दौरान पूरे क्षेत्र में भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। कांवड़ यात्राएं, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन बड़ी संख्या में आयोजित किए जा रहे हैं।

धार्मिक जानकारों के अनुसार सावन में नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे परिवार तथा समाज में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

आस्था, अनुशासन और सेवा का प्रेरक उदाहरण

ग्राम दिल्हारी के युवाओं द्वारा आयोजित यह कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था, अनुशासन और सामूहिक सेवा भावना का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई।

लगभग 35 किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ का नर्मदा जल से जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं ने यह संदेश दिया कि जब आस्था और विश्वास मजबूत हो, तो कठिन से कठिन यात्रा भी सरल लगने लगती है।

इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति का वातावरण निर्मित करने के साथ-साथ सामाजिक एकता, सहयोग और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का भी प्रेरक संदेश दिया।

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