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भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की राष्ट्रीय महामंत्री साधना सेठी ने लिया नेत्रदान और अंगदान का संकल्प, मानव सेवा का दिया प्रेरक संदेश

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Published On: 4 August 2026
Sadhana Sethi, National General Secretary of the Bharatiya Manav Adhikar Sahkar Trust, pledges eye and organ donation as part of a public awareness initiative promoting human service, organ donation, and eye donation
— Sadhana Sethi, National General Secretary of the Bharatiya Manav Adhikar Sahkar Trust, pledges eye and organ donation as part of a public awareness initiative promoting human service, organ donation, and eye donation

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भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की राष्ट्रीय महामंत्री साधना सेठी ने लिया नेत्रदान और अंगदान का संकल्प, मानव सेवा का दिया प्रेरक संदेश

संवाददाता: जीवनलाल जैन
नागदा/उज्जैन।
मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती साधना सेठी ने अपने परिवार की सहमति से नेत्रदान का संकल्प पूरा करने के साथ ही अंगदान की प्रक्रिया भी प्रारंभ की है। उनके इस निर्णय को संगठन ने मानवता, सेवा, त्याग और समाज के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि नेत्रदान और अंगदान जैसे संकल्प न केवल किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद जगाते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी सशक्त माध्यम बनते हैं। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने इस अवसर पर देशवासियों से भी अधिक से अधिक संख्या में इस महादान से जुड़ने की अपील की।

मानव सेवा की दिशा में प्रेरणादायी पहल

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के अनुसार राष्ट्रीय महामंत्री साधना सेठी ने समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संगठन का मानना है कि नेत्रदान और अंगदान केवल चिकित्सा से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह मानवता के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।

संगठन ने कहा कि ऐसे निर्णय समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी इस दिशा में प्रेरित करते हैं। यदि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान और अंगदान के लिए आगे आएं, तो हजारों जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन और नई रोशनी मिल सकती है।

नेत्रदान और अंगदान क्यों है महत्वपूर्ण?

विशेषज्ञों के अनुसार नेत्रदान के माध्यम से दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी मिल सकती है, जबकि अंगदान कई गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए जीवनदान साबित होता है।

भारत में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में ऐसे मरीज होते हैं जिन्हें कॉर्निया, किडनी, लिवर, हृदय अथवा अन्य अंगों की आवश्यकता होती है। अंगों की कमी के कारण अनेक मरीज समय पर उपचार से वंचित रह जाते हैं।

ऐसे में समाज के जागरूक नागरिकों द्वारा लिया गया नेत्रदान और अंगदान का संकल्प अनेक परिवारों के जीवन में नई आशा का संचार कर सकता है।

संगठन ने बताया मानवता का श्रेष्ठ उदाहरण

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने साधना सेठी के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है।

संगठन का कहना है कि जब सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग इस प्रकार की पहल करते हैं, तो आम नागरिकों में भी जागरूकता बढ़ती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।

डॉ. लतीश जैन के सहयोग का किया उल्लेख

संगठन ने इस अवसर पर डॉ. लतीश जैन के प्रति विशेष आभार भी व्यक्त किया।

ट्रस्ट के अनुसार डॉ. जैन ने नेत्रदान और अंगदान की प्रक्रिया को समझाने, मार्गदर्शन देने तथा इस पुनीत कार्य में सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संगठन ने कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से ही ऐसे अभियान अधिक प्रभावी बन सकते हैं।

जल्द आयोजित होगा जागरूकता शिविर

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने जानकारी दी कि शीघ्र ही कांटा फोड़ क्षेत्र में नेत्रदान एवं अंगदान जागरूकता शिविर आयोजित किया जाएगा।

इस शिविर का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान और अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, वैज्ञानिक जानकारी देना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना होगा।

संगठन ने बताया कि इस कार्यक्रम में भी डॉ. लतीश जैन का विशेष सहयोग रहेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव का संदेश

ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री साधना सेठी का यह निर्णय हजारों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

उन्होंने कहा कि—

“श्रीमती साधना सेठी का यह संकल्प केवल एक दान नहीं, बल्कि अनगिनत लोगों के जीवन में आशा और प्रकाश का दीप जलाने वाला निर्णय है। पूरा भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट परिवार उनके इस महान कार्य पर गर्व महसूस करता है।”

उन्होंने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर मानव सेवा करने की शक्ति प्रदान करने की कामना भी की।

‘नेत्रदान महादान, अंगदान जीवनदान’ का दिया संदेश

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा—

“नेत्रदान – महादान, अंगदान – जीवनदान। आइए, मानवता की सेवा का संकल्प लें और दूसरों के जीवन में नई रोशनी बनें।”

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार इस विषय पर सकारात्मक सोच विकसित करे तो भविष्य में हजारों लोगों को समय पर जीवनरक्षक अंग उपलब्ध हो सकते हैं।

पदाधिकारियों ने जताया गर्व

इस अवसर पर संगठन की संस्थापक श्रीमती मालती सुनील सिंह यादव, राष्ट्रीय सचिव शिवम तिवारी, राष्ट्रीय संयोजक प्रेम कुमार वैद्य, युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा यादव, राष्ट्रीय विधिक सलाहकार इंद्रजीत सिंह चौहान, मध्यप्रदेश प्रदेश सचिव अनीता दुबे, मध्यप्रदेश राज्य मीडिया प्रभारी जीवनलाल जैन “चाय वाले”, मनीष गुप्ता, रामवेश सिंह राजावत तथा युवराज सिंह राठौर ने संयुक्त संदेश जारी किया।

उन्होंने कहा कि साधना सेठी का यह संकल्प समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे अधिक से अधिक लोग नेत्रदान एवं अंगदान के लिए आगे आने के लिए प्रेरित होंगे।

जनजागरूकता अभियान जारी रखने का संकल्प

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट भविष्य में भी नेत्रदान, अंगदान, स्वास्थ्य जागरूकता और मानव सेवा से जुड़े अभियानों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।

उन्होंने बताया कि समाज के विभिन्न वर्गों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ने के लिए नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

देशवासियों से की गई विशेष अपील

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे नेत्रदान और अंगदान के महत्व को समझें तथा अपने परिवार के साथ इस विषय पर खुलकर चर्चा करें।

संगठन का कहना है कि जागरूकता और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही समाज में बड़े स्तर पर बदलाव संभव है।

यदि अधिक से अधिक लोग स्वेच्छा से नेत्रदान और अंगदान का संकल्प लें, तो अनेक जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी और दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी मिल सकती है।

समाज में जागरूकता का संदेश

राष्ट्रीय महामंत्री साधना सेठी द्वारा लिया गया यह संकल्प केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि समाज में मानवता, सेवा और परोपकार की भावना को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का मानना है कि इस प्रकार के अभियान समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने, लोगों को जागरूक करने और अधिक से अधिक नागरिकों को मानव सेवा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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