—Advertisement—

‘चल ना रील बनाते हैं’ कैसे बना जेन ज़ी का नया एंथम? अमित त्रिवेदी ने सुनाया दिलचस्प किस्सा, ‘ये फितूर तेरा’ का गाना सोशल मीडिया पर छाया

Author Picture
Published On: 4 August 2026
National Award-winning composer Amit Trivedi talks about the inspiration behind the viral song “Chal Na Reel Banate Hain” from Star Plus' upcoming show Ye Fitoor Tera, highlighting its Gen Z appeal and modern social media vibe
— National Award-winning composer Amit Trivedi talks about the inspiration behind the viral song “Chal Na Reel Banate Hain” from Star Plus' upcoming show Ye Fitoor Tera, highlighting its Gen Z appeal and modern social media vibe

—Advertisement—

‘चल ना रील बनाते हैं’ कैसे बना जेन ज़ी का नया एंथम? अमित त्रिवेदी ने सुनाया दिलचस्प किस्सा, ‘ये फितूर तेरा’ का गाना सोशल मीडिया पर छाया

मुंबई। टेलीविजन और डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में इन दिनों जेन ज़ी (Gen Z) दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे कंटेंट का दौर है। बदलती लाइफस्टाइल, सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और युवाओं की पसंद को देखते हुए अब टीवी शो और उनके म्यूज़िक ट्रैक भी उसी अंदाज़ में तैयार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्टार प्लस के नए शो ‘ये फितूर तेरा’ का म्यूज़िक वीडियो रिलीज़ होते ही चर्चा का विषय बन गया है। खास तौर पर इसका गाना ‘फील बनाते हैं’ और उसकी हुक लाइन “चल ना रील बनाते हैं, फील बनाते हैं” सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

गाने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी भाषा, संगीत और प्रस्तुति पूरी तरह आज की युवा पीढ़ी की सोच और डिजिटल लाइफस्टाइल को दर्शाती है। यही वजह है कि रिलीज़ के बाद यह ट्रैक युवाओं के बीच तेजी से वायरल हो रहा है और इसे जेन ज़ी का नया एंथम कहा जा रहा है।

जेन ज़ी की भाषा और लाइफस्टाइल को दर्शाता है गाना

आज के समय में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। इंस्टाग्राम रील्स, शॉर्ट वीडियो और वायरल ट्रेंड्स ने बातचीत के तरीके तक बदल दिए हैं। ऐसे दौर में “चल ना रील बनाते हैं” जैसी लाइन युवाओं की रोजमर्रा की भाषा का हिस्सा महसूस होती है।

इसी सोच को ध्यान में रखते हुए स्टार प्लस ने अपने नए शो ‘ये फितूर तेरा’ के लिए ऐसा म्यूज़िक तैयार किया है, जो सिर्फ शो का प्रमोशनल सॉन्ग नहीं बल्कि युवाओं की भावनाओं और उनके सोशल मीडिया कल्चर को भी दर्शाता है।

अमित त्रिवेदी ने बताया कैसे आया यह आइडिया

नेशनल अवॉर्ड विजेता संगीतकार अमित त्रिवेदी ने हाल ही में इस गाने के निर्माण को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि शुरुआत से ही उनकी टीम का उद्देश्य ऐसा गाना तैयार करना था, जिसे सुनते ही युवा उससे जुड़ाव महसूस करें।

अमित त्रिवेदी के अनुसार, शो की कहानी और उसके किरदारों को ध्यान में रखते हुए यह तय किया गया कि संगीत भी उसी ऊर्जा और आधुनिक सोच को दर्शाए। उन्होंने कहा कि जब गाने की अवधारणा पर काम शुरू हुआ तो यह विचार सामने आया कि कहानी में एक लड़की अपने पसंदीदा लड़के के लिए गाना गा रही है। उसी समय यह लाइन “चल ना रील बनाते हैं” उनके दिमाग में आई।

उनका मानना है कि आज के दौर में लगभग हर युवा किसी न किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है और रील बनाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। इसलिए यह लाइन न केवल आकर्षक लगी बल्कि वर्तमान पीढ़ी की जीवनशैली से पूरी तरह मेल खाती है।

गीतकार सागर ने दिए भावनाओं को शब्द

अमित त्रिवेदी ने इस गाने के गीतकार सागर की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सागर ने गाने के मूड, रोमांस और फीमेल लीड के इमोशन्स को बेहद खूबसूरती से शब्दों में पिरोया है।

उनके मुताबिक किसी भी गाने की सफलता सिर्फ उसके संगीत पर निर्भर नहीं करती बल्कि उसके बोल भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। “फील बनाते हैं” के बोल इतने सहज और आधुनिक हैं कि सुनने वालों को तुरंत याद हो जाते हैं। यही वजह है कि गाना सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

लंबे समय बाद मिला हल्का-फुल्का गाना बनाने का मौका

अमित त्रिवेदी ने बताया कि काफी समय बाद उन्हें इतना मस्तीभरा और हल्का-फुल्का गाना कंपोज़ करने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि अक्सर फिल्मों और अन्य प्रोजेक्ट्स में गंभीर या भावनात्मक संगीत पर काम करना पड़ता है, लेकिन इस बार उन्हें पूरी तरह फन, रोमांस और युवाओं की ऊर्जा से भरपूर ट्रैक तैयार करने का मौका मिला। उन्होंने स्वीकार किया कि इस गाने को बनाने की पूरी प्रक्रिया उन्होंने बेहद एंजॉय की।

उनका कहना था कि जब कलाकार किसी प्रोजेक्ट का आनंद लेते हुए काम करता है, तो उसका असर सीधे दर्शकों तक भी पहुंचता है। शायद यही कारण है कि यह गाना रिलीज़ होते ही लोगों की जुबान पर चढ़ गया है।

यंग लव और दोस्ती की कहानी है ‘ये फितूर तेरा’

स्टार प्लस का नया शो ‘ये फितूर तेरा’ आधुनिक रिश्तों, नई दोस्ती और युवा प्रेम की कहानी पर आधारित है।

शो में आज की युवा पीढ़ी के सपनों, संघर्षों, रिश्तों और सोशल मीडिया से जुड़े अनुभवों को दिखाया गया है। इसके पात्र, संवाद और संगीत पूरी तरह जेन ज़ी दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

निर्माताओं का मानना है कि आज का युवा ऐसा कंटेंट पसंद करता है जो उसकी वास्तविक जिंदगी और अनुभवों से मेल खाता हो। इसी कारण शो की पूरी प्रस्तुति आधुनिक अंदाज़ में की गई है।

सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रही लोकप्रियता

गाना रिलीज़ होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर लोग इस गाने की हुक लाइन पर रील्स बना रहे हैं। कई कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने भी इस ट्रैक को अपने वीडियो में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

मनोरंजन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी गाने की लोकप्रियता अब केवल रेडियो या टीवी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सोशल मीडिया पर बनने वाली रील्स और यूजर जनरेटेड कंटेंट उसकी सफलता तय करते हैं। इस लिहाज से “चल ना रील बनाते हैं” शुरुआत से ही मजबूत पकड़ बनाता नजर आ रहा है।

टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों पर मिलेगा शो

स्टार प्लस ने घोषणा की है कि ‘ये फितूर तेरा’ का प्रसारण 5 अगस्त 2026 से हर रात 8:30 बजे किया जाएगा।

जो दर्शक टीवी पर शो नहीं देख पाएंगे, वे इसे जियो हॉटस्टार पर अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी स्ट्रीम कर सकेंगे। इससे दर्शकों को पारंपरिक टीवी और ओटीटी दोनों माध्यमों पर शो देखने का विकल्प मिलेगा।

मनोरंजन जगत में बढ़ रहा जेन ज़ी कंटेंट का ट्रेंड

पिछले कुछ वर्षों में मनोरंजन उद्योग में जेन ज़ी दर्शकों को केंद्र में रखकर कंटेंट तैयार करने का चलन तेजी से बढ़ा है। चाहे वेब सीरीज़ हों, टीवी शो हों या म्यूज़िक वीडियो—हर जगह युवाओं की भाषा, उनकी सोच, सोशल मीडिया संस्कृति और डिजिटल लाइफस्टाइल को प्रमुखता दी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे कंटेंट की मांग और बढ़ेगी, क्योंकि नई पीढ़ी वही कहानियां और संगीत पसंद करती है जो उनके अनुभवों और जीवनशैली को प्रतिबिंबित करते हों।

गाने की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी

‘फील बनाते हैं’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरल भाषा, कैची धुन और आधुनिक अंदाज़ है। गाने का संगीत सुनने में हल्का, रोमांटिक और ऊर्जावान है, जबकि इसकी हुक लाइन इतनी आसान है कि पहली बार सुनने पर ही याद हो जाती है।

यही कारण है कि यह ट्रैक केवल शो का प्रमोशनल गाना नहीं रह गया, बल्कि युवाओं के बीच एक ट्रेंड बनता दिखाई दे रहा है।

निष्कर्ष

स्टार प्लस का नया शो ‘ये फितूर तेरा’ और उसका म्यूज़िक ट्रैक ‘फील बनाते हैं’ जेन ज़ी दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नेशनल अवॉर्ड विजेता संगीतकार अमित त्रिवेदी की धुन, गीतकार सागर के बोल और सोशल मीडिया कल्चर से जुड़ी हुक लाइन “चल ना रील बनाते हैं” इस गाने को अलग पहचान देती है।

युवाओं की भाषा, आधुनिक रिश्तों और डिजिटल दौर की झलक पेश करता यह गाना रिलीज़ के साथ ही चर्चा में है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 5 अगस्त से शुरू होने वाला ‘ये फितूर तेरा’ दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और क्या यह गाना वास्तव में जेन ज़ी का नया एंथम साबित होता है।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp