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Sardarpur News: सरदारपुर में विशाल निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद निवारण शिविर आयोजित, 106 मरीजों की जांच, 36 मरीज ऑपरेशन के लिए चयनित

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Published On: 4 August 2026
Sardarpur Civil Hospital me ayojit free eye check-up aur cataract (motiyabind) camp me doctors patients ki aankhon ki jaanch karte hue. Camp me 106 patients ki screening ki gayi aur 36 patients ko free cataract surgery aur lens implantation ke liye select kiya gaya
— Sardarpur Civil Hospital me ayojit free eye check-up aur cataract (motiyabind) camp me doctors patients ki aankhon ki jaanch karte hue. Camp me 106 patients ki screening ki gayi aur 36 patients ko free cataract surgery aur lens implantation ke liye select kiya gaya

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Sardarpur News: सरदारपुर में विशाल निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद निवारण शिविर आयोजित, 106 मरीजों की जांच, 36 मरीज ऑपरेशन के लिए चयनित

संवाददाता: महेश कुमार वर्मा
सरदारपुर (धार)।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क नेत्र उपचार का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जिला अंधत्व निवारण समिति, धार एवं चौइथराम नेत्रालय, इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को सिविल अस्पताल सरदारपुर में विशाल निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद निवारण (लेंस प्रत्यारोपण) शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का परीक्षण किया गया, जिसमें 106 मरीजों की नेत्र जांच की गई तथा 36 पात्र मरीजों का चयन निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण के लिए किया गया। चयनित मरीजों को चौइथराम नेत्रालय, इंदौर भेजा गया, जहां उनका निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा।

संयुक्त प्रयास से आयोजित हुआ स्वास्थ्य शिविर

यह शिविर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जिला अंधत्व निवारण समिति, धार तथा चौइथराम नेत्रालय, इंदौर के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. शीला मुजाल्दा (बीएमओ, सरदारपुर) तथा डॉ. सौरभ बौरासी (डीपीएम एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय धार) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे लोगों तक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना था, जो आर्थिक या अन्य कारणों से समय पर उपचार नहीं करा पाते।

भगवान गणेश के पूजन के साथ हुआ शुभारंभ


कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के पूजन-अर्चन के साथ किया गया।

इसके बाद अतिथियों का स्वागत भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।

इस अवसर पर ट्रस्ट के—

  • राष्ट्रीय संयोजक प्रेम कुमार वैद्य
  • प्रदेश अध्यक्ष महेश कुमार वर्मा
  • प्रदेश विधि प्रभारी बी. जे. उपाध्याय
  • जिला अध्यक्ष योगेन्द्र तिवारी

ने अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।

एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ रहे मुख्य अतिथि

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरदारपुर अजमेर सिंह गौड़ रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शीला मुजाल्दा ने की।

एसडीएम श्री गौड़ ने फीता काटकर शिविर का औपचारिक शुभारंभ किया और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

उन्होंने कहा कि समय पर नेत्र जांच और उपचार से हजारों लोगों की दृष्टि बचाई जा सकती है।

ट्रस्ट ने जनसेवा का संकल्प दोहराया

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय संयोजक प्रेम कुमार वैद्य ने स्वागत उद्बोधन देते हुए संगठन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

उन्होंने भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रदेश अध्यक्ष महेश कुमार वर्मा ने दी आगामी योजनाओं की जानकारी

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुमार वर्मा ने संगठन द्वारा आगामी समय में संचालित किए जाने वाले विभिन्न स्वास्थ्य एवं जनकल्याण कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार प्राथमिकता है।

सतीश पाराशर का किया गया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान नेत्र चिकित्सा सहायक सतीश पाराशर को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं समर्पित योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ ने उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित स्वास्थ्यकर्मी समाज के लिए प्रेरणा हैं।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण

शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की आंखों एवं स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की।

  • नेत्र परीक्षण – सतीश पाराशर
  • स्वास्थ्य परीक्षण – डॉ. अरुण मोहरानी
  • चिकित्सकीय परामर्श – डॉ. अनिल पाटीदार

विशेषज्ञों ने मरीजों को आंखों की देखभाल, मोतियाबिंद की पहचान तथा समय पर उपचार के संबंध में भी जागरूक किया।

106 मरीजों की जांच, 36 मरीज ऑपरेशन के लिए चयनित

शिविर में कुल 106 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया।

जांच के दौरान 36 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि होने पर उन्हें निःशुल्क ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण के लिए चयनित किया गया।

सभी चयनित मरीजों को चौइथराम नेत्रालय, इंदौर बस के माध्यम से भेजा गया, जहां उनका निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा।

ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

शिविर का सबसे बड़ा लाभ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के उन लोगों को मिला जो आर्थिक कारणों से निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करा पाते।

मरीजों को न केवल निःशुल्क जांच की सुविधा मिली बल्कि आवश्यकता अनुसार ऑपरेशन और लेंस प्रत्यारोपण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे सामाजिक कार्यकर्ता

कार्यक्रम में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के अनेक पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • कैलाश चंद्र बघेल
  • बुद्धेसिंह पांडर
  • सीता शर्मा
  • मानकुंवर
  • भारत सिंह खराड़ी
  • कन्हैयालाल यादव
  • विजय सोलंकी
  • हरीश लश्करी
  • रोजीन राजू
  • शुभम शर्मा
  • निर्मल सिंह पंवार

सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रोफेसर आर.के. जैन ने किया संचालन

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर आर.के. जैन ने किया।

उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहयोग के महत्व पर भी अपने विचार व्यक्त किए।

आशा कार्यकर्ताओं और अस्पताल स्टाफ का रहा विशेष सहयोग

शिविर को सफल बनाने में—

  • आशा कार्यकर्ताओं
  • सिविल अस्पताल के चिकित्सकों
  • नर्सिंग स्टाफ
  • अस्पताल कर्मचारियों

का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मरीजों के पंजीयन से लेकर जांच और ऑपरेशन के लिए चयन तक सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की गईं।

ट्रस्ट ने जताया सभी का आभार

कार्यक्रम के समापन पर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने सभी सहयोगी संस्थाओं, चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों, अस्पताल स्टाफ और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

संगठन ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प दोहराया।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों की बढ़ती आवश्यकता

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर इस प्रकार के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव हो जाती है।

मोतियाबिंद जैसी बीमारी का समय पर उपचार होने से मरीजों की दृष्टि सुरक्षित रहती है और उनका जीवन सामान्य हो सकता है।

प्रमुख उपलब्धियां

  • सरदारपुर सिविल अस्पताल में निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित।
  • भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट एवं जिला अंधत्व निवारण समिति का संयुक्त आयोजन।
  • 106 मरीजों की नेत्र जांच।
  • 36 मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित।
  • चयनित मरीजों को चौइथराम नेत्रालय, इंदौर भेजा गया।
  • नेत्र चिकित्सा सहायक सतीश पाराशर सम्मानित।
  • एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ ने किया शिविर का शुभारंभ।

निष्कर्ष

सरदारपुर में आयोजित विशाल निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद निवारण शिविर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हुआ। शिविर में 106 मरीजों की जांच कर 36 जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जिला अंधत्व निवारण समिति एवं चौइथराम नेत्रालय के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए नेत्र चिकित्सा सहायक सतीश पाराशर का सम्मान कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।

 

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