MP Cabinet Decisions 4 August 2026: 100% रिजल्ट वाले स्कूलों के प्राचार्यों को ₹1 लाख का पुरस्कार, 60 नए सांदिपनी स्कूलों को मंजूरी, किसानों और शिक्षकों के लिए भी बड़े फैसले
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को आयोजित मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में शिक्षा, कृषि, जनजातीय कल्याण, औद्योगिक विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के निर्णयों का उद्देश्य प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, किसानों को राहत देना, रोजगार के अवसर सृजित करना और बुनियादी विकास कार्यों को गति देना है।
बैठक में सबसे चर्चित फैसला उन सरकारी स्कूलों के लिए रहा, जो लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम देंगे। ऐसे स्कूलों के प्राचार्यों को ₹1 लाख की सम्मान राशि और स्कूल के विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख की विशेष अनुदान राशि देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा प्रदेश में 60 नए सांदिपनी विद्यालयों की स्थापना, आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान, डिफॉल्टर किसानों के लिए ‘कवच योजना’, ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन और हर घर तिरंगा अभियान जैसे कई अहम फैसलों पर मुहर लगी।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नई प्रोत्साहन योजना
मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक परिणामों को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट के अनुसार जो स्कूल लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम देंगे, उनके प्राचार्यों को उत्कृष्ट कार्य के लिए ₹1 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे विद्यालयों में शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों एवं प्राचार्यों को अतिरिक्त प्रेरणा मिलेगी।
स्कूल विकास के लिए ₹5 लाख का विशेष अनुदान
केवल प्राचार्यों को सम्मानित ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए ₹5 लाख की विशेष सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।
इस राशि का उपयोग विद्यालयों में—
- स्मार्ट क्लासरूम
- पुस्तकालय
- विज्ञान प्रयोगशाला
- डिजिटल शिक्षण सामग्री
- खेल सुविधाओं
- भवन सुधार
जैसे कार्यों में किया जा सकेगा।
प्रदेश में खुलेंगे 60 नए सांदिपनी विद्यालय
शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा निर्णय लेते हुए सरकार ने प्रदेश में 60 नए सांदिपनी विद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है।
इन विद्यालयों के निर्माण और संचालन के लिए लगभग ₹25,500 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
सरकार का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण सरकारी विद्यालय तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
10 हजार शिक्षकों की भर्ती को मिली गति
कैबिनेट में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
नई नियुक्तियों से शिक्षकों की कमी दूर होगी और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 30 वर्ष की सेवा पूरी करने पर क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ देने को मंजूरी दी।
इस निर्णय से विभाग के हजारों शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलेगा और लंबे समय से लंबित मांग पूरी होगी।
डिफॉल्टर किसानों के लिए ‘कवच योजना’ को मंजूरी
कैबिनेट ने सहकारी क्षेत्र से जुड़े किसानों के लिए भी राहत भरा फैसला लिया।
सरकार ने ‘कवच योजना’ को मंजूरी देते हुए उन किसानों को राहत देने का निर्णय लिया है जो सहकारी समितियों के माध्यम से लिए गए ऋण संबंधी समस्याओं से प्रभावित हैं।
बताया गया कि लगभग 5 हजार किसानों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक संकट में फंसे किसानों को राहत देकर उन्हें दोबारा खेती से जोड़ना है।
ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
कैबिनेट की बैठक में औद्योगिक विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया।
प्रदेश के ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित किया जाएगा।
इस परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच पहले ही समझौता (MoU) हो चुका है।
350 एकड़ में विकसित होगा हाई-टेक प्रोजेक्ट
यह परियोजना लगभग 350 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी।
परियोजना के प्रथम चरण के लिए ₹493 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
राज्य सरकार इस परियोजना के लिए लगभग 170 एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹596 करोड़ बताई गई है।
5G और 6G तकनीक पर होगा अनुसंधान
इस हाई-टेक जोन में केवल मोबाइल उपकरणों का निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि—
- 5G तकनीक
- 6G अनुसंधान
- दूरसंचार उपकरण निर्माण
- आधुनिक संचार तकनीक का विकास
जैसे क्षेत्रों में भी कार्य किया जाएगा।
5 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना में ₹12,000 से ₹15,000 करोड़ तक का निवेश आएगा।
इसके माध्यम से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
7 अगस्त से शुरू होगा ‘जल विश्वास अभियान’
कैबिनेट ने राज्यव्यापी जल विश्वास अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया है।
इस अभियान की शुरुआत 7 अगस्त को छिंदवाड़ा से होगी।
अभियान में क्या होगा?
इस दौरान विभिन्न जिलों में—
- जल संवाद
- उद्योग संवाद
- जनसुनवाई
- सेवा वितरण की समीक्षा
- सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का मूल्यांकन
किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण के साथ-साथ विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करना है।
9 से 17 अगस्त तक चलेगा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान
कैबिनेट ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 9 अगस्त से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाने का निर्णय भी लिया।
इस वर्ष अभियान को विशेष रूप से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य से जोड़ा जाएगा।
प्रतियोगिताएं और प्रदर्शनियां भी होंगी
अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में—
- तिरंगा यात्राएं
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- चित्रकला प्रतियोगिताएं
- निबंध प्रतियोगिताएं
- प्रदर्शनी
- राष्ट्रभक्ति आधारित कार्यक्रम
आयोजित किए जाएंगे।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में
- लगातार तीन वर्ष 100% बोर्ड परिणाम देने वाले प्राचार्य को ₹1 लाख का पुरस्कार।
- उत्कृष्ट विद्यालयों को विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख की सहायता।
- प्रदेश में 60 नए सांदिपनी विद्यालय स्थापित होंगे।
- लगभग ₹25,500 करोड़ की स्वीकृति।
- 10 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को गति।
- आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों को 30 वर्ष की सेवा पर क्रमोन्नति वेतनमान।
- डिफॉल्टर किसानों के लिए ‘कवच योजना’ लागू।
- ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन।
- प्रथम चरण के लिए ₹493 करोड़ की स्वीकृति।
- लगभग 5 हजार रोजगार के अवसर।
- 7 अगस्त से ‘जल विश्वास अभियान’।
- 9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान।
प्रदेश के विकास की दिशा में बड़ा कदम
कैबिनेट के इन निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार शिक्षा, कृषि, औद्योगिक निवेश, रोजगार और सामाजिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो इससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।
निष्कर्ष
4 अगस्त 2026 की मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले शिक्षा, किसानों, शिक्षकों और उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों और प्राचार्यों को प्रोत्साहन, नए सांदिपनी विद्यालयों की स्थापना, डिफॉल्टर किसानों के लिए राहत, आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान और ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना जैसे निर्णय राज्य के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम साबित हो सकते हैं।
