Indore-उज्जैन पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा हुई महंगी, यात्रियों को अब देने होंगे 1,500 रुपये ज्यादा
मध्यप्रदेश में Indore से उज्जैन के बीच संचालित की जा रही पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा अब यात्रियों की जेब पर थोड़ा ज्यादा भार डालेगी। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इस हेली सेवा का किराया बढ़ा दिया गया है। पहले जहां यात्रियों को एक तरफ की यात्रा के लिए 5,000 रुपये खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब यही किराया बढ़ाकर 6,500 रुपये प्रति यात्री कर दिया गया है। यानी यात्रियों को अब पहले की तुलना में 1,500 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
किराए में यह बढ़ोतरी करीब 30 प्रतिशत की है। नई दरें लागू होने के बाद इंदौर से उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा के लिए अधिक राशि खर्च करनी होगी। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि संचालन लागत में वृद्धि और ईंधन की कीमत बढ़ने के कारण किराए में संशोधन करना जरूरी हो गया था।
ATF की कीमत बढ़ने से बढ़ी संचालन लागत
पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा के किराए में बदलाव का मुख्य कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की बढ़ती कीमतों को बताया जा रहा है। हेलिकॉप्टर संचालन में ईंधन की लागत सबसे महत्वपूर्ण होती है। एटीएफ के महंगे होने से उड़ान संचालन का खर्च भी बढ़ गया है।
अधिकारियों के अनुसार, सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने और संचालन लागत को संतुलित करने के लिए किराए में वृद्धि का निर्णय लिया गया है। नई दरों के अनुसार अब यात्रियों को इंदौर से उज्जैन तक की एकतरफा हवाई यात्रा के लिए 6,500 रुपये देने होंगे।
छह यात्रियों की क्षमता वाला हेलिकॉप्टर
Indore-उज्जैन के बीच चलने वाली यह हेली सेवा मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के सहयोग से संचालित की जा रही है। हेलिकॉप्टर में एक बार में छह यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यह सेवा सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहती है।
इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और श्रद्धालुओं को कम समय में उज्जैन पहुंचने की सुविधा देना है। सड़क मार्ग से इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा करने में लगने वाले समय को देखते हुए हेली सेवा को एक तेज और सुविधाजनक विकल्प के रूप में शुरू किया गया था।
ऑनलाइन बुकिंग में दिख रही खाली सीटें
किराया बढ़ने के बाद ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। बुकिंग पोर्टल पर फिलहाल कई उड़ानों में सीटें खाली नजर आ रही हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि बढ़े हुए किराए के कारण कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा योजना में बदलाव किया है।
हालांकि, अधिकारियों को उम्मीद है कि धार्मिक पर्यटन के सीजन और विशेष अवसरों के दौरान इस सेवा की मांग फिर बढ़ सकती है। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में कम समय में यात्रा पूरी करने वाले यात्रियों के लिए हेली सेवा अब भी एक आकर्षक विकल्प बनी हुई है।
महाकाल दर्शन के लिए शुरू की गई थी सेवा
Indore-उज्जैन पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत नवंबर 2025 में की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य दोनों शहरों के बीच धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना था। खासकर उन श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए यह सेवा शुरू की गई थी, जो कम समय में उज्जैन पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन करना चाहते हैं।
इंदौर मध्यप्रदेश का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जबकि उज्जैन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर है। दोनों शहरों के बीच सड़क मार्ग से नियमित आवागमन होता है, लेकिन भीड़ और यातायात के कारण समय अधिक लग सकता है। हेली सेवा के जरिए यात्रियों को कम समय में आरामदायक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराया गया।
यात्रियों के लिए सुविधा और चुनौती दोनों
हेली सेवा का किराया बढ़ने के बाद यात्रियों के सामने सुविधा और खर्च के बीच संतुलन की चुनौती होगी। जहां एक ओर यह सेवा समय बचाने और आरामदायक यात्रा का अवसर देती है, वहीं दूसरी ओर बढ़ा हुआ किराया कई यात्रियों के लिए महंगा साबित हो सकता है।
विशेष रूप से परिवार के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को अब पहले की तुलना में अधिक बजट तय करना होगा। हालांकि, समय की बचत और विशेष अनुभव के कारण कुछ यात्री अभी भी इस सेवा को प्राथमिकता दे सकते हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश जारी
मध्यप्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग लगातार धार्मिक एवं हवाई पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उज्जैन में महाकाल लोक के विकास के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। ऐसे में इंदौर-उज्जैन हेली सेवा को पर्यटन के नए विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
किराया बढ़ने के बावजूद प्रशासन का प्रयास है कि सेवा नियमित रूप से संचालित होती रहे और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलती रहे। आने वाले समय में मांग और संचालन लागत के आधार पर सेवा में अन्य बदलाव भी किए जा सकते हैं।
