केसली में पटवारियों की अनिश्चितकालीन ‘कलम बंद’ हड़ताल शुरू, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता: सोनू कुशवाहा
केसली (सागर)। मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर सागर जिले की केसली तहसील के समस्त पटवारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन ‘कलम बंद’ हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले दिन पटवारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार केसली को ज्ञापन सौंपा और शासन से शीघ्र समाधान की मांग की। पटवारी संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
पटवारियों की हड़ताल के कारण तहसील स्तर पर कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की संभावना है। इससे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्यों और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए आने वाले नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
प्रांतीय आह्वान पर शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल
मध्य प्रदेश पटवारी संघ द्वारा प्रदेशभर में घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तहत केसली तहसील के पटवारियों ने भी अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी है।
संघ का कहना है कि लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में यह आंदोलन शुरू किया गया है।
हड़ताल के पहले दिन सभी पटवारी एकत्रित हुए और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
हड़ताल की शुरुआत के साथ ही पटवारी संघ के पदाधिकारी तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संघ ने शासन से अपनी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
पटवारियों का कहना है कि उनकी अधिकांश मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
20 जुलाई से चल रहा है चरणबद्ध आंदोलन
पटवारी संघ के अध्यक्ष चंद्रभान कुर्मी ने बताया कि संघ द्वारा 20 जुलाई 2026 से चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के पहले चरण में शासन को ज्ञापन और विभिन्न माध्यमों से मांगों की जानकारी दी गई थी।
इसके बावजूद कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आने के कारण अब अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल शुरू की गई है।
पटवारियों की पांच प्रमुख मांगें
संघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से शासन के समक्ष रखा है।
1. कैडर रिव्यू लागू किया जाए
पटवारियों की मांग है कि लंबे समय से लंबित कैडर रिव्यू लागू किया जाए।
इसके माध्यम से पदोन्नति की प्रक्रिया को गति मिलेगी और कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ प्राप्त होगा।
2. नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा आयोजित हो
संघ ने मांग की है कि पात्र पटवारियों के लिए नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति हेतु विभागीय परीक्षा शीघ्र आयोजित की जाए।
उनका कहना है कि लंबे समय से परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
3. जज प्रोटेक्शन एक्ट में शामिल किया जाए
पटवारी संघ ने मांग की है कि पटवारियों को भी जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल किया जाए।
संघ का कहना है कि राजस्व संबंधी कार्यों के दौरान कई बार कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के दबाव और विवादों का सामना करना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में कानूनी सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
4. लंबित भुगतान जल्द जारी किए जाएं
पटवारियों ने स्वामित्व योजना, कृषि संगणना और अन्य शासकीय कार्यों से जुड़े लंबित वित्तीय भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग भी की है।
संघ के अनुसार कई योजनाओं में कार्य पूर्ण होने के बाद भी कर्मचारियों का भुगतान लंबित है।
5. नियम विरुद्ध स्थानांतरण निरस्त किए जाएं
संघ ने मांग की है कि मध्य प्रदेश पटवारी संघ के पदाधिकारियों के कथित नियम विरुद्ध किए गए स्थानांतरण निरस्त किए जाएं।
संघ का कहना है कि स्थानांतरण नियमों के अनुरूप और पारदर्शी प्रक्रिया से किए जाने चाहिए।
राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर
अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल के कारण तहसील कार्यालय में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
विशेष रूप से निम्न सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना है—
- नामांतरण
- बंटवारा
- सीमांकन
- राजस्व अभिलेखों का अद्यतन
- भूमि संबंधी प्रमाण पत्र
- अन्य राजस्व प्रक्रियाएं
हालांकि आवश्यक सेवाओं को लेकर प्रशासन की ओर से अभी कोई अलग व्यवस्था घोषित नहीं की गई है।
आम नागरिकों को हो सकती है परेशानी
पटवारियों की हड़ताल का सीधा असर आम नागरिकों पर भी पड़ सकता है।
जो लोग भूमि संबंधी कार्यों के लिए तहसील कार्यालय पहुंचेंगे, उन्हें कार्यों में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो राजस्व मामलों के लंबित होने की संभावना बढ़ सकती है।
शासन से जल्द समाधान की उम्मीद
पटवारी संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।
संघ का कहना है कि यदि सकारात्मक वार्ता होती है और मांगों पर उचित निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि फिलहाल आंदोलन अनिश्चितकालीन घोषित किया गया है।
आंदोलन में मौजूद रहे ये पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपने और हड़ताल के दौरान पटवारी संघ के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इनमें प्रमुख रूप से—
- चंद्रभान कुर्मी (अध्यक्ष)
- धर्मेंद्र ठाकुर
- संजय श्रीवास्तव
- नंदकिशोर
- लालसिंह ठाकुर
- राजेंद्र ठाकुर
- निधि सोनी
सहित अन्य पटवारी शामिल रहे।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर शासन और पटवारी संघ के बीच संभावित वार्ता पर है।
यदि शासन की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आता है तो समाधान निकलने की संभावना बन सकती है।
वहीं यदि मांगों पर कोई निर्णय नहीं होता है तो आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।
निष्कर्ष
सागर जिले की केसली तहसील में मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर शुरू हुई अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल से राजस्व सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। पटवारियों ने कैडर रिव्यू, पदोन्नति, लंबित भुगतान, विभागीय परीक्षा और स्थानांतरण सहित पांच प्रमुख मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण यह कदम उठाया गया है। अब नागरिकों और कर्मचारियों दोनों की नजर शासन की आगामी कार्रवाई और संभावित समाधान पर टिकी हुई है।
