मूंग खरीदी में अव्यवस्था से नाराज किसानों ने सीहोर-भैरूंदा रोड पर किया चक्काजाम, प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम
संवाददाता: विकास सैनी
भैरूंदा (सीहोर)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरूंदा क्षेत्र में मूंग खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर दिखाई दिया। ग्राम भादाकुई स्थित साईंराम वेयरहाउस में मूंग खरीदी के दौरान कथित अव्यवस्थाओं और स्लॉट की समस्या से परेशान किसानों ने सीहोर-भैरूंदा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया।
सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों से बातचीत के बाद प्रशासन ने मूंग खरीदी की व्यवस्था को पवनपुत्र वेयरहाउस में स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया और सड़क पर लगा जाम समाप्त कर दिया गया।
मूंग खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों में बढ़ी नाराजगी
भैरूंदा क्षेत्र में इन दिनों समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी का कार्य जारी है। किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्र पर व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, कई किसान अपनी उपज लेकर समय पर खरीदी केंद्र पहुंचे, लेकिन स्लॉट उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। इससे किसानों में असंतोष बढ़ता गया और अंततः उन्होंने विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।
किसानों का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सीहोर-भैरूंदा रोड पर लगाया चक्काजाम
सोमवार को बड़ी संख्या में किसान सीहोर-भैरूंदा मुख्य मार्ग पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर चक्काजाम कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। दोनों ओर ट्रक, बस, कार और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
यात्रियों और वाहन चालकों को भी कुछ समय तक असुविधा का सामना करना पड़ा।
हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसानों ने अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखने पर जोर दिया।
प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया।
तहसीलदार सौरभ शर्मा और भैरूंदा थाना प्रभारी घनश्याम दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।
प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया कि खरीदी व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
किसानों ने बताई अपनी समस्याएं
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधिकारियों के सामने कई समस्याएं रखीं।
उनका कहना था कि—
- खरीदी केंद्र पर स्लॉट समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे।
- लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
- खरीदी प्रक्रिया में अव्यवस्था है।
- किसानों को पर्याप्त जानकारी समय पर नहीं मिलती।
- व्यवस्थाओं की कमी के कारण आर्थिक और समय दोनों का नुकसान हो रहा है।
किसानों ने मांग की कि खरीदी व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए ताकि उन्हें बार-बार परेशानी न उठानी पड़े।
स्लॉट फुल होने से बनी स्थिति
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, समस्या का मुख्य कारण खरीदी केंद्र पर उपलब्ध स्लॉट का पूरी तरह भर जाना था।
साईंराम वेयरहाउस में निर्धारित क्षमता पूरी होने के कारण नए किसानों की उपज तत्काल नहीं खरीदी जा सकी।
अधिकारियों का कहना है कि इसी कारण असंतोष की स्थिति बनी।
पवनपुत्र वेयरहाउस में खरीदी शिफ्ट करने का निर्णय
किसानों की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने मूंग खरीदी की व्यवस्था को दूसरे केंद्र पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
अधिकारियों ने बताया कि अब खरीदी कार्य को पवनपुत्र वेयरहाउस में स्थानांतरित किया जाएगा।
इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है और खरीदी प्रक्रिया अधिक सुचारु रूप से संचालित की जा सकेगी।
प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
किसानों और प्रशासन के बीच हुई चर्चा के बाद अधिकारियों ने जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया और सड़क से हट गए।
इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने यातायात को सामान्य कराया।
कुछ ही समय में सड़क पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई।
यातायात हुआ प्रभावित
चक्काजाम के कारण कुछ समय तक सीहोर-भैरूंदा मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस ने स्थिति सामान्य होने के बाद धीरे-धीरे सभी वाहनों को गंतव्य की ओर रवाना कराया।
समर्थन मूल्य खरीदी में व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
इस घटना के बाद समर्थन मूल्य पर की जा रही खरीदी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
किसानों का कहना है कि यदि खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था और पूर्व योजना हो तो इस प्रकार की स्थिति से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि खरीदी सीजन के दौरान किसानों की संख्या और वेयरहाउस की क्षमता को ध्यान में रखते हुए पहले से पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
किसानों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के सामने निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
- खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त स्लॉट उपलब्ध कराए जाएं।
- खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
- किसानों को समय पर सूचना दी जाए।
- अतिरिक्त खरीदी केंद्रों की व्यवस्था की जाए।
- किसानों को अनावश्यक इंतजार से बचाया जाए।
प्रशासन की आगे की तैयारी
प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यदि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा सकती है ताकि किसानों को परेशानी न हो।
हालांकि खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया था।
कृषि विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात समय पर और व्यवस्थित खरीद प्रक्रिया है।
यदि किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़े तो इससे उनकी लागत बढ़ती है और परेशानी भी बढ़ती है।
इसलिए खरीदी केंद्रों की क्षमता, स्टाफ और लॉजिस्टिक व्यवस्था को पहले से मजबूत किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
भैरूंदा क्षेत्र में मूंग खरीदी व्यवस्था में कथित अव्यवस्था के विरोध में किसानों द्वारा किया गया चक्काजाम प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्रों पर स्लॉट की कमी और प्रबंधन संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए खरीदी व्यवस्था को पवनपुत्र वेयरहाउस में स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासन अपने आश्वासन को कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू करता है।
