धार भोजशाला को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, केंद्र सरकार ने स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को दी मंजूरी
धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले भोजशाला परिसर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने भोजशाला के सम्मान में स्मारक डाक टिकट (Commemorative Postage Stamp) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की पहल पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले को धार जिले, मध्य प्रदेश और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
स्मारक डाक टिकट जारी होने के बाद भोजशाला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को देश-विदेश तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे प्रदेश में सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भोजशाला पर जारी होगा स्मारक डाक टिकट
केंद्रीय संचार मंत्रालय ने भोजशाला पर स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। मंत्रालय की ओर से इस संबंध में स्वीकृति पत्र भी जारी किया गया है।
यह निर्णय लंबे समय से उठाई जा रही उस मांग के बाद लिया गया है, जिसमें भोजशाला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की बात कही गई थी।
स्मारक डाक टिकट किसी भी ऐतिहासिक स्थल, महान व्यक्तित्व या राष्ट्रीय महत्व की धरोहर को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। ऐसे टिकट देश की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की पहल लाई रंग
भोजशाला पर डाक टिकट जारी कराने की पहल केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने की थी।
उन्होंने 1 जून 2026 को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया को पत्र लिखकर भोजशाला की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए इस स्थल पर स्मारक डाक टिकट जारी करने का अनुरोध किया था।
पत्र में उन्होंने कहा था कि भोजशाला भारतीय सभ्यता, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान मिलना चाहिए।
सिंधिया से व्यक्तिगत मुलाकात में रखा था प्रस्ताव
केवल पत्र लिखने तक ही यह पहल सीमित नहीं रही।
सावित्री ठाकुर ने बाद में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर भी इस विषय पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने भोजशाला की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक महत्व और क्षेत्र की जनभावनाओं से जुड़े पक्षों को विस्तार से रखा।
बताया जाता है कि मंत्री ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय संचार मंत्रालय ने दी मंजूरी
केंद्रीय संचार मंत्रालय ने प्रस्ताव की समीक्षा के बाद इसे राष्ट्रीय महत्व का विषय मानते हुए स्वीकृति प्रदान कर दी।
मंत्रालय की ओर से 29 जुलाई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से इस प्रस्ताव की मंजूरी की औपचारिक जानकारी दी गई।
इसके बाद धार सहित पूरे मध्य प्रदेश में इस निर्णय का स्वागत किया जा रहा है।
क्या होता है स्मारक डाक टिकट?
स्मारक डाक टिकट (Commemorative Stamp) भारत सरकार द्वारा विशेष अवसरों, ऐतिहासिक स्थलों, महान व्यक्तित्वों, सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय आंदोलनों या महत्वपूर्ण घटनाओं के सम्मान में जारी किया जाता है।
इन डाक टिकटों का उद्देश्य केवल डाक सेवा तक सीमित नहीं होता बल्कि यह देश की विरासत, इतिहास और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी माध्यम बनते हैं।
फिलेटली (डाक टिकट संग्रह) के क्षेत्र में ऐसे टिकटों का विशेष महत्व होता है और इन्हें संग्रहकर्ता भी संजोकर रखते हैं।
भोजशाला का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
धार स्थित भोजशाला भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक मानी जाती है।
इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल परमार वंश के महान शासक राजा भोज से जुड़ा हुआ है।
भोजशाला को भारतीय ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और स्थापत्य कला की महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है।
इस स्थल का उल्लेख लंबे समय से इतिहास, पुरातत्व और सांस्कृतिक अध्ययनों में किया जाता रहा है।
इसके कारण भोजशाला देशभर के इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी नई पहचान
स्मारक डाक टिकट जारी होने के बाद भोजशाला की पहचान केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि देश और विदेश में भी इसे नई पहचान मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डाक टिकट पर किसी ऐतिहासिक स्थल का चित्र प्रकाशित होना उसके महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम होता है।
इससे पर्यटन और सांस्कृतिक अध्ययन दोनों को लाभ मिलेगा।
सावित्री ठाकुर ने क्या कहा?
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—
“भोजशाला केवल धार या मध्य प्रदेश की धरोहर नहीं है, बल्कि यह भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल पर स्मारक डाक टिकट जारी होने से देश-विदेश में इसकी पहचान और मजबूत होगी।
साथ ही नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति, इतिहास और विरासत के प्रति अधिक जागरूक होगी।
पर्यटन को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ पर्यटन क्षेत्र को मिल सकता है।
जब किसी ऐतिहासिक स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान मिलता है तो वहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है।
धार जिले में आने वाले पर्यटक भोजशाला के साथ-साथ मांडू और आसपास के अन्य ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण करते हैं।
इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल
केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद धार जिले के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और इतिहास प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
लोगों का मानना है कि यह फैसला जिले की ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत किया है।
भारतीय विरासत को मिलेगा नया सम्मान
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करना आवश्यक है।
स्मारक डाक टिकट केवल एक डाक टिकट नहीं बल्कि इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक होता है।
ऐसे प्रयासों से देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब डाक विभाग द्वारा स्मारक डाक टिकट की डिजाइन, प्रकाशन और जारी करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसके बाद आधिकारिक रूप से भोजशाला पर आधारित स्मारक डाक टिकट जारी किया जाएगा।
टिकट जारी होने की तिथि और उससे जुड़े कार्यक्रम की घोषणा संबंधित विभाग द्वारा अलग से की जाएगी।
धार के लिए क्यों है यह ऐतिहासिक फैसला?
धार जिले के लिए यह निर्णय कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है—
- भोजशाला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
- ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
- सांस्कृतिक पर्यटन को गति मिलेगी।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी।
- देश-विदेश में धार की पहचान मजबूत होगी।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला पर स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की पहल और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की स्वीकृति के बाद अब भोजशाला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह निर्णय न केवल भारतीय सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि इससे धार जिले में पर्यटन, ऐतिहासिक जागरूकता और सांस्कृतिक संरक्षण को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
