दतिया उपचुनाव 2026: कांग्रेस के घनश्याम सिंह 6,029 वोटों से विजयी, भाजपा के आशुतोष तिवारी पर दर्ज की जीत
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम घोषित हो गया है। सभी 15 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,029 मतों से हराकर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ कांग्रेस ने दतिया सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा, जबकि भाजपा को महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका लगा है।
दतिया विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-22 में हुए इस उपचुनाव पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी थीं। हालांकि इस सीट के नतीजे से प्रदेश सरकार पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है, लेकिन इसे भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा था।
15 राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस की जीत
सोमवार सुबह 8 बजे से पॉलीटेक्निक कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र पर पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ मतगणना शुरू हुई। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मतों की गिनती 21 टेबलों पर 15 चरणों में संपन्न हुई।
शुरुआती दो राउंड में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन तीसरे राउंड के बाद कांग्रेस ने बढ़त हासिल कर ली और फिर लगातार अपना अंतर बढ़ाती चली गई। बीच के राउंड में कांग्रेस की बढ़त 12 हजार से अधिक वोट तक पहुंच गई थी। अंतिम राउंड तक भाजपा ने कुछ अंतर कम किया, लेकिन घनश्याम सिंह ने 6,029 वोटों से जीत सुनिश्चित कर ली।
शुरुआती बढ़त भाजपा के पास, बाद में बदला समीकरण
पहले राउंड में भाजपा को बढ़त मिली और दूसरे राउंड तक आशुतोष तिवारी आगे बने रहे। हालांकि तीसरे राउंड से कांग्रेस ने वापसी शुरू की। छठे, सातवें, आठवें और नौवें राउंड में कांग्रेस को लगातार बड़ी बढ़त मिली, जिससे मुकाबला भाजपा के हाथ से निकलता गया।
विशेष रूप से आठवें और नौवें राउंड में कांग्रेस को तीन हजार से अधिक वोटों की बढ़त मिलने से चुनाव का रुख पूरी तरह बदल गया। दसवें राउंड तक कांग्रेस की बढ़त 10 हजार से अधिक वोटों तक पहुंच चुकी थी।
राउंडवार मुकाबले ने बदली तस्वीर
मतगणना के दौरान प्रत्येक राउंड में मुकाबला रोचक बना रहा। शुरुआती चरणों में भाजपा की बढ़त के बाद कांग्रेस ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। छठे राउंड में लगभग 1,500 वोटों की बढ़त, सातवें में 1,509, आठवें में 3,288 और नौवें राउंड में 2,936 वोटों की अतिरिक्त बढ़त ने कांग्रेस की स्थिति मजबूत कर दी।
बारहवें राउंड तक कांग्रेस लगभग 12,602 वोटों से आगे थी। हालांकि अंतिम चरणों में भाजपा ने कुछ अंतर कम किया, लेकिन जीत कांग्रेस के खाते में गई।
घनश्याम सिंह ने पहले ही जताया था जीत का भरोसा
मतगणना के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह लगातार अपनी जीत का दावा करते रहे। उन्होंने कहा था कि शहरी क्षेत्रों की ईवीएम खुलने के बाद कांग्रेस की बढ़त तेजी से बढ़ेगी। उनका दावा काफी हद तक सही साबित हुआ और कांग्रेस ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की।
घनश्याम सिंह ने चुनाव परिणाम को जनता का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि दतिया की जनता ने विकास, विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में मतदान किया है।
भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका
भाजपा के लिए यह परिणाम चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने इस उपचुनाव में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर युवा नेता आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने सरकार की योजनाओं और संगठन की मजबूती को मुद्दा बनाया, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
चुनाव के दौरान भाजपा में भीतरघात की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि पार्टी नेताओं ने इन आरोपों से इनकार किया था।
नरोत्तम मिश्रा का बयान
मतगणना के दौरान पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया था कि भाजपा दतिया सीट जीत रही है। उन्होंने कांग्रेस में भीतरघात का आरोप लगाते हुए कहा था कि चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में आएंगे। हालांकि अंतिम परिणाम उनके दावे के विपरीत रहे।
राजेंद्र भारती विवाद भी रहा चर्चा में
यह उपचुनाव पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के कारण कराया गया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के नरोत्तम मिश्रा को हराया था, लेकिन बाद में बैंक घोटाले से जुड़े एक मामले में अदालत द्वारा तीन वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई।
उपचुनाव के दौरान कांग्रेस ने राजेंद्र भारती की प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी थी। पार्टी ने उन पर भीतरघात के आरोप लगाए थे। इस घटनाक्रम ने चुनाव को और अधिक राजनीतिक बना दिया।
मतदान प्रतिशत में आई कमी
30 जुलाई को हुए मतदान में दतिया विधानसभा क्षेत्र के 2,20,410 मतदाताओं में से 1,57,473 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार मतदान प्रतिशत 71.44 प्रतिशत रहा, जो वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हुए 80.44 प्रतिशत मतदान से लगभग नौ प्रतिशत कम रहा।
राजनीतिक संदेश देने वाला परिणाम
दतिया उपचुनाव का परिणाम सरकार के गठन को प्रभावित नहीं करता, लेकिन इसका राजनीतिक संदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस इस जीत को प्रदेश में अपनी संगठनात्मक मजबूती और जनसमर्थन का संकेत मान रही है, जबकि भाजपा के लिए यह परिणाम संगठन और रणनीति की समीक्षा का अवसर माना जा रहा है।
आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह परिणाम दोनों दलों के लिए राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कांग्रेस की यह जीत कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है, जबकि भाजपा के लिए यह आत्ममंथन का विषय बन गई है।
