महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में Brij Bhushan Sharan Singh बरी, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने सुनाया फैसला
राउज एवेन्यू कोर्ट से पूर्व WFI अध्यक्ष को मिली बड़ी राहत, करीब साढ़े तीन साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आया निर्णय
नई दिल्ली। महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व सांसद Brij Bhushan Sharan Singh को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
यह मामला वर्ष 2023 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब देश की कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले में पहलवानों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी।
अदालत ने सबूतों के अभाव में किया बरी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई के बाद बृजभूषण शरण सिंह को आरोपों से मुक्त कर दिया। अदालत ने यह फैसला पर्याप्त सबूतों के अभाव के आधार पर सुनाया।
बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई 2023 से जमानत पर थे। दिल्ली पुलिस ने 10 मई 2024 को चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए थे, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। करीब साढ़े तीन साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे 3 अगस्त 2026 को सुनाया गया।
2023 में लगे थे आरोप
मामले की शुरुआत 18 जनवरी 2023 को हुई थी, जब महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। पहलवानों ने उनके खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन शुरू किया था।
20 जनवरी 2023 को पहलवानों की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और आगे की कानूनी प्रक्रिया चली।
जंतर-मंतर पर हुआ था बड़ा विरोध प्रदर्शन
आरोपों के बाद महिला पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। इस आंदोलन में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों ने भाग लिया था।
प्रदर्शन के दौरान पहलवानों ने सरकार से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की थी। जनवरी 2023 में भाजपा सांसद बबीता फोगाट ने प्रदर्शनकारी पहलवानों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी थी। इसके बाद पहलवानों ने तत्कालीन खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से भी मुलाकात की थी।
विनेश फोगाट ने भारतीय ओलंपिक संघ, प्रधानमंत्री कार्यालय, अनुराग ठाकुर और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी शिकायत भेजी थी। इसके बाद 21 जनवरी 2023 को पहलवानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया था।
Brij Bhushan Sharan Singh का राजनीतिक सफर
बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश के प्रमुख भाजपा नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने 1970 के दशक में छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी।
वे कैसरगंज लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुके हैं और उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के गोंडा, बहराइच और बलरामपुर क्षेत्रों की राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है।
उनके बेटे करण भूषण सिंह वर्तमान में कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद हैं। राजनीतिक क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भी रहे।
आरोपों के बाद छोड़ा था WFI अध्यक्ष पद
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बृजभूषण शरण सिंह को भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद से अलग होना पड़ा था। इसके बाद कुश्ती संघ और खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में रहे।
हालांकि, अदालत के फैसले के बाद उन्हें इस मामले में बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के निर्णय के बाद अब इस मामले से जुड़ी राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का दौर भी तेज हो सकता है।
फैसले पर टिकी थीं सभी की नजरें
महिला पहलवानों के आरोपों से जुड़ा यह मामला देशभर में चर्चा का विषय रहा था। खेल जगत, राजनीतिक क्षेत्र और आम लोगों की नजरें इस मामले के न्यायिक फैसले पर टिकी हुई थीं।
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह को राहत मिली है। अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना निर्णय सुनाया है।
