भूपेन्द्र भैया की ब्लड हेल्पलाइन बनी जरूरतमंदों का भरोसा, 10 दिनों में 55 मरीजों को मिला निःशुल्क रक्त
महेंद्र राज जिला ब्यूरो चीफ सागर
Sagar , 2 अगस्त। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में संचालित “भूपेन्द्र भैया की ब्लड हेल्पलाइन सेवा” जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी पहल के रूप में निरंतर अपनी पहचान मजबूत कर रही है। रक्त की कमी के कारण उपचार में आने वाली बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई यह सेवा आज हजारों परिवारों के लिए भरोसे का पर्याय बन चुकी है। समय पर निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराकर हेल्पलाइन न केवल मरीजों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि उनके परिजनों को मानसिक एवं आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है।
हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली का ताजा उदाहरण बीते दस दिनों में देखने को मिला। 23 जुलाई से 1 अगस्त 2026 के बीच मात्र दस दिनों में 55 जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में प्रतिदिन औसतन छह मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाया गया, जिससे उनका उपचार बिना किसी व्यवधान के प्रारंभ हो सका। कई गंभीर मामलों में रक्त की तत्काल उपलब्धता ने मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली।
यह सेवा 2 जून 2025 को समाजहित के उद्देश्य से प्रारंभ की गई थी। शुरुआत से लेकर अब तक हेल्पलाइन ने 2,005 जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने का उल्लेखनीय पड़ाव पार कर लिया है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचकर यह पहल केवल एक हेल्पलाइन नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा का सशक्त माध्यम बन गई है। रक्तदान के माध्यम से जीवन बचाने की यह मुहिम लगातार विस्तार पा रही है और समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत कर रही है।
हेल्पलाइन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष इसकी त्वरित कार्यप्रणाली है। जैसे ही किसी मरीज या उसके परिजन की ओर से रक्त की आवश्यकता की सूचना प्राप्त होती है, स्वयंसेवकों की टीम तुरंत सक्रिय हो जाती है। मरीज के ब्लड ग्रुप और अस्पताल की जानकारी के आधार पर संबंधित रक्तदाता से संपर्क स्थापित किया जाता है और कम से कम समय में रक्त उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। यही कारण है कि अधिकांश मामलों में मरीजों को समय पर रक्त मिल जाता है और उपचार में देरी नहीं होती।
बीते दस दिनों के दौरान जिन 55 मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया गया, उनमें सागर जिले के साथ-साथ आसपास के अनेक क्षेत्रों से उपचार के लिए आए मरीज शामिल रहे। इनमें बंडा, केसली, गौरझामर, गढ़ाकोटा, खुरई, सुरखी, रहली, राहतगढ़, मालथौन, नरयावली, बांदरी, बीना, देवरी, बेगमगंज, दमोह, सानौधा, बटियागढ़, जैसीनगर तथा दलपतपुर सहित अनेक नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज शामिल थे। यह तथ्य दर्शाता है कि हेल्पलाइन का दायरा केवल सागर शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे संभाग के जरूरतमंद लोगों तक इसकी पहुंच बन चुकी है।
सेवा से जुड़े स्वयंसेवकों और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की सक्रियता इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है। दिन हो या रात, किसी भी समय यदि रक्त की आवश्यकता सामने आती है तो हेल्पलाइन की टीम तत्काल समन्वय स्थापित कर रक्तदाताओं को अस्पताल तक पहुंचाने का कार्य करती है। इसी समर्पण के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में भी मरीजों का उपचार प्रभावित नहीं होने दिया जाता।
हेल्पलाइन की सफलता के पीछे समाज के जागरूक रक्तदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका भी है। बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान कर इस अभियान को मजबूत बना रहे हैं। उनका मानना है कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। यही भावना इस सेवा को लगातार आगे बढ़ा रही है।
पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह स्वयं इस सेवा प्रकल्प की नियमित मॉनिटरिंग करते हैं। प्रत्येक सहायता अनुरोध पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वे लगातार पूरी व्यवस्था पर नजर रखते हैं। उनका स्पष्ट उद्देश्य है कि रक्त के अभाव में किसी भी जरूरतमंद मरीज का उपचार प्रभावित न हो। इसी सोच के साथ हेल्पलाइन चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर लोगों तक सहायता पहुंचा रही है।
हेल्पलाइन केवल रक्त उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। कई मामलों में मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक मार्गदर्शन, अस्पताल संबंधी सहायता तथा मानसिक संबल भी उपलब्ध कराया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सेवा विशेष रूप से राहत का माध्यम बनी है, क्योंकि उन्हें रक्त की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ता।
सामाजिक दृष्टि से भी इस पहल का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। हेल्पलाइन के माध्यम से लगातार बढ़ते रक्तदान ने समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। पहले जहां लोग रक्तदान को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियों से घिरे रहते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग स्वयं आगे आकर रक्तदान के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इस सकारात्मक बदलाव ने रक्तदान को सामाजिक जनभागीदारी के अभियान का स्वरूप देना शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटनाओं, प्रसूति संबंधी जटिलताओं, गंभीर बीमारियों और बड़े ऑपरेशन के दौरान समय पर रक्त मिलना मरीज के जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है। ऐसे समय में इस प्रकार की हेल्पलाइन स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण सहयोगी बन जाती है। “भूपेन्द्र भैया की ब्लड हेल्पलाइन सेवा” इसी उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा करती दिखाई दे रही है।
जरूरतमंद मरीज अथवा उनके परिजन किसी भी समय हेल्पलाइन के मोबाइल नंबर 9228035418 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त लैंडलाइन नंबर (07582) 262688 पर भी सहायता उपलब्ध है। किसी भी आपात स्थिति में पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के मोबाइल नंबर 9425171211 पर कॉल, व्हाट्सएप अथवा एसएमएस के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है, ताकि जरूरतमंदों तक शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सके।
समाज की सहभागिता, स्वैच्छिक रक्तदाताओं की निस्वार्थ भावना तथा सेवा के प्रति समर्पित स्वयंसेवकों के अथक प्रयासों से संचालित यह अभियान आज हजारों परिवारों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बन चुका है। दो हजार से अधिक मरीजों तक निःशुल्क रक्त पहुंचाने का सफर इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक प्रयासों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
मानव सेवा की भावना से प्रेरित यह पहल न केवल लोगों की जान बचाने का कार्य कर रही है, बल्कि समाज में परस्पर सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत कर रही है। आने वाले समय में इस सेवा का दायरा और अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके और किसी भी व्यक्ति का उपचार केवल रक्त की कमी के कारण प्रभावित न हो।
