बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास के शुभारंभ पर नंदी ने शिवलिंग एवं मंदिर की परिक्रमा कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। जानिए इस दिव्य घटना का धार्मिक महत्व और पूरी खबर।
बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में नंदी ने की दिव्य परिक्रमा, श्रावण मास के पहले दिन उमड़ी आस्था
झकनावदा | मनीष कुमट (जैन)
बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में नंदी ने की दिव्य परिक्रमा
बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास के शुभारंभ पर रविवार सुबह एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। मंदिर परिसर में पहुंचे एक नंदी (बैल) ने अत्यंत शांत भाव से भगवान शिव के मंदिर और शिवलिंग की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा की। इस दृश्य को देखने वाले श्रद्धालुओं ने इसे भगवान शिव की विशेष कृपा और श्रावण मास का शुभ संकेत माना।
जैसे ही नंदी ने मंदिर की परिक्रमा शुरू की, श्रद्धालु “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष करने लगे। देखते ही देखते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने लगे।
श्रावण मास के पहले दिन दिखा अद्भुत नजारा
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीनों में माना जाता है। इसी पावन अवसर पर बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में नंदी द्वारा की गई परिक्रमा ने भक्तों की आस्था को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया।
मौजूद लोगों के अनुसार नंदी ने मंदिर परिसर में पूरी श्रद्धा के साथ कई चक्कर लगाए। इस दौरान श्रद्धालु मंत्रोच्चार करते रहे और पूरे वातावरण में भक्ति की अद्भुत अनुभूति महसूस की गई।
नंदी की परिक्रमा ने बढ़ाई श्रद्धालुओं की आस्था
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि नंदी भगवान शिव के सबसे प्रिय वाहन और अनन्य भक्त हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार जहां नंदी की उपस्थिति होती है वहां भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
श्रावण मास के पहले दिन बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में नंदी की यह परिक्रमा लोगों के लिए किसी दिव्य संकेत से कम नहीं रही। कई श्रद्धालुओं ने इसे शुभ फलदायी घटना बताते हुए पूरे परिवार के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए।
भगवान शिव के प्रिय भक्त हैं नंदी
सनातन धर्म में नंदी को धर्म, निष्ठा, सेवा और समर्पण का प्रतीक माना गया है। मंदिरों में शिवलिंग के सामने विराजमान नंदी भगवान शिव तक भक्तों की प्रार्थना पहुंचाने वाले माने जाते हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव की पूजा से पहले नंदी के दर्शन करने का विशेष महत्व बताया गया है। इसलिए बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में घटी इस घटना ने श्रद्धालुओं के मन में विशेष श्रद्धा उत्पन्न कर दी।
मंदिर परिसर में गूंजे हर-हर महादेव के जयघोष
पूरे दिन मंदिर परिसर में शिवभक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प और भस्म अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
“हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भगवान भोलेनाथ से परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की।
श्रावण मास का धार्मिक महत्व
श्रावण मास भगवान शिव की विशेष आराधना का महीना माना जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु शिवालयों में पहुंचकर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी कारण बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से देर शाम तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी नंदी को इतनी श्रद्धा और शांति से मंदिर की परिक्रमा करते देखा। कई लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया।
भक्तों का कहना है कि यह घटना सभी को भगवान शिव की भक्ति, सेवा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। लोगों ने श्रावण मास में अधिक से अधिक शिव आराधना करने का संदेश भी दिया।
निष्कर्ष
बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास के पहले दिन नंदी द्वारा की गई परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का अविस्मरणीय क्षण बन गई। पूरे दिन मंदिर परिसर शिवमय वातावरण से सराबोर रहा। यह घटना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि भगवान शिव के प्रति समर्पण और विश्वास का जीवंत उदाहरण भी बनी।

