RBI का बड़ा फैसला: सीमा से लगे जिलों के बैंकों में लगेंगी नोट जांच मशीनें, नकली नोटों पर लगेगी लगाम
नई दिल्ली। यदि आप बैंक से नकद राशि निकालते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में नकली नोटों की बढ़ती समस्या पर सख्ती दिखाते हुए बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे जिलों में स्थित सभी बैंक शाखाओं में करेंसी ऑथेंटिकेशन मशीन (Currency Authentication Machine – CAM) लगाने के निर्देश दिए हैं। इन मशीनों की मदद से बैंक में आने वाले हर नोट की जांच की जाएगी, जिससे सीमा पार से आने वाले नकली नोटों की तुरंत पहचान हो सकेगी और उन्हें दोबारा चलन में आने से रोका जा सकेगा।
आरबीआई का मानना है कि यह कदम बैंकिंग व्यवस्था को और सुरक्षित बनाएगा तथा ग्राहकों तक नकली नोट पहुंचने की संभावना को काफी हद तक कम करेगा।
नकली नोटों पर सख्ती क्यों?
भारत में नकली नोटों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने नोटबंदी लागू करते हुए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इसके बाद 2000 रुपये के नए नोट जारी किए गए, जिन्हें बाद में धीरे-धीरे वापस ले लिया गया।
हालांकि इन कदमों के बावजूद नकली नोटों की तस्करी पूरी तरह नहीं रुक सकी। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के जरिए नकली भारतीय मुद्रा देश में पहुंचने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए आरबीआई ने अब बैंकों को और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
सीमा से लगे जिलों में विशेष व्यवस्था
आरबीआई के नए निर्देशों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे जिलों की सभी बैंक शाखाओं में नोटों की जांच के लिए आधुनिक मशीनें लगाना अनिवार्य होगा। इन मशीनों के जरिए बैंक में जमा होने वाले या ग्राहकों को दिए जाने वाले प्रत्येक नोट की जांच की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमा के रास्ते आने वाले नकली नोटों को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ना है, ताकि वे बाजार में दोबारा न पहुंच सकें।
हर नोट की होगी मशीन से जांच
आरबीआई ने अपनी निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पाया कि कुछ बैंक नकली नोटों की पहचान और रिपोर्टिंग के नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहे थे। इसके बाद अप्रैल में जारी संशोधित दिशानिर्देशों के तहत सभी बैंकों को नकली नोटों की पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब बैंक में आने वाले प्रत्येक नोट की जांच मशीनों के माध्यम से की जाएगी। इससे नकली नोटों की पहचान पहले से अधिक सटीक और तेज़ी से हो सकेगी।
बैंक कर्मचारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
आरबीआई ने केवल मशीनें लगाने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है। केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि नकदी संभालने वाले कर्मचारियों को भारतीय मुद्रा की सुरक्षा विशेषताओं की विस्तृत जानकारी दी जाए।
प्रशिक्षित कर्मचारी मशीनों के साथ-साथ स्वयं भी संदिग्ध नोटों की पहचान कर सकेंगे, जिससे नकली नोटों के बैंकिंग प्रणाली में प्रवेश की संभावना और कम होगी।
नकली नोट मिलने पर क्या होगा?
आरबीआई के नियमों के अनुसार यदि किसी बैंक शाखा में जांच के दौरान नकली नोट मिलता है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। ऐसा नोट किसी भी परिस्थिति में ग्राहक को वापस नहीं किया जाएगा और बैंक भी उसे अपने स्तर पर नष्ट नहीं कर सकेंगे।
हर नकली भारतीय नोट की जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित सरकारी एजेंसियों और जांच एजेंसियों को देना अनिवार्य होगा। इससे नकली नोटों के स्रोत और तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिलेगी।
बैंकों को सिस्टम मजबूत करने के निर्देश
आरबीआई ने सभी बैंकों से अपने मौजूदा नकदी प्रबंधन और नोट जांच व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है। जहां आवश्यकता हो, वहां तकनीकी और परिचालन स्तर पर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से सीमा से लगे जिलों में स्थित शाखाओं को अपने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने के लिए कहा गया है, ताकि नकली नोटों की पहचान समय रहते हो सके और उन्हें दोबारा चलन में आने से रोका जा सके।
ग्राहकों को मिलेगा बड़ा फायदा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद बैंक से नकद निकालने वाले ग्राहकों को नकली नोट मिलने की आशंका काफी कम हो जाएगी। इससे बैंकिंग प्रणाली पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा तथा नकदी लेन-देन अधिक सुरक्षित बनेगा।
आरबीआई का मानना है कि अत्याधुनिक नोट जांच मशीनों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और सख्त रिपोर्टिंग व्यवस्था के जरिए देश में नकली नोटों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। यह कदम भारतीय वित्तीय प्रणाली को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
