Indore News: भगवान भोलेनाथ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध, दलित समाज ने चंदन नगर थाना घेरा, मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज करने की उठाई मांग
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शनिवार को भगवान भोलेनाथ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। दलित अखिल भारतीय बलाई महासंघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोग चंदन नगर थाने पहुंचे और मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कथित बयान से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इस मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
भगवान भोलेनाथ पर कथित टिप्पणी से बढ़ा आक्रोश
जानकारी के अनुसार, मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा भगवान भोलेनाथ को लेकर कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो और उससे जुड़ी चर्चाएं सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और हिंदू समाज में नाराजगी देखी जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को दलित अखिल भारतीय बलाई महासंघ के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी धर्म, देवी-देवता या धार्मिक प्रतीक के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी धर्मों का सम्मान करने की सीख देता है और किसी भी व्यक्ति को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है।
मनोज परमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे समाजजन
दलित अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोग चंदन नगर थाने पहुंचे। प्रदर्शन में महिलाओं, युवाओं और समाज के वरिष्ठ लोगों की भी भागीदारी रही।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया और पुलिस प्रशासन से मांग की कि कथित बयान देने वाले व्यक्ति के खिलाफ तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले मामलों में बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।
चंदन नगर थाने के बाहर हुई नारेबाजी
चंदन नगर थाना परिसर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और ज्ञापन स्वीकार किया।
स्थिति को देखते हुए थाना परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
पुलिस अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद दलित समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यदि कथित टिप्पणी की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन यदि न्याय नहीं मिला तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की भी अपील
प्रदर्शन के दौरान कई समाजजनों ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय विशेष के खिलाफ माहौल बनाना नहीं है, बल्कि कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की मांग करना है।
उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने या भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी विवादित सामग्री की सत्यता की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी चाहिए और कानून अपना काम करे।
पुलिस ने क्या कहा?
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि प्राप्त शिकायत का परीक्षण किया जाएगा और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक वर्ग कथित टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि कई लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच के बाद ही कानूनी कदम उठाने की बात कह रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या भड़काऊ पोस्ट साझा करने से बचें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
कानून के दायरे में कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी धर्म, देवी-देवता या धार्मिक प्रतीक के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती है और उससे समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक समुदाय का नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सम्मान से जुड़ा हुआ है। इसलिए प्रशासन को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल जांच और कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस द्वारा शिकायत की जांच की प्रक्रिया जारी है। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद स्थिति सामान्य रही और समाज के प्रतिनिधि शांतिपूर्वक वापस लौट गए।
अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में शिकायत के आधार सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
