Indore में ब्रह्माकुमारी डॉ. हंसा रावल का व्याख्यान: ‘मन की गति कम कर कम नींद में भी अधिक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है’
‘नींद प्रबंधन’ विषय पर दो दिवसीय कार्यक्रम में तनाव, मानसिक शांति और राजयोग पर दिया जोर
Indore। ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में अमेरिका के टेक्सास से आईं ब्रह्माकुमारी डॉ. हंसा रावल ने ‘नींद प्रबंधन’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि वर्तमान समय में अत्यधिक मानसिक तनाव और लगातार चलने वाले विचारों के कारण लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि मन की गति को नियंत्रित कर व्यक्ति कम समय की नींद में भी अधिक ऊर्जा का अनुभव कर सकता है।
ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान तनावमुक्त जीवन, मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और राजयोग ध्यान के महत्व पर भी चर्चा की गई।
‘अधिक सोच से प्रभावित हो रही है नींद’
डॉ. हंसा रावल ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक जीवनशैली में व्यक्ति का मन लगातार सक्रिय रहता है, जिससे कई लोगों को रात में पर्याप्त नींद नहीं आती और कुछ लोग नींद की दवाओं का सहारा लेने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति अपने विचारों की गति को नियंत्रित करना सीख ले तो मानसिक शांति बढ़ सकती है और कम समय की नींद के बाद भी स्वयं को ऊर्जावान महसूस कर सकता है।

कम नींद और ऊर्जा पर रखे अपने विचार
व्याख्यान के दौरान डॉ. रावल ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान सामान्यतः वयस्कों के लिए 7 से 8 घंटे की नींद की आवश्यकता बताता है, लेकिन उन्होंने अपने अनुभव और कुछ शोधों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग कम समय की नींद के बाद भी सक्रिय और ऊर्जावान रह सकते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इतिहास और सार्वजनिक जीवन के कई प्रसिद्ध व्यक्तित्व सीमित समय की नींद लेकर भी प्रभावी ढंग से कार्य करते रहे हैं। उनके अनुसार महत्वपूर्ण बात केवल नींद की अवधि नहीं, बल्कि मन की गुणवत्ता और मानसिक संतुलन भी है।
आध्यात्मिक अनुभवों और शोध का किया उल्लेख
डॉ. हंसा रावल ने अपने संबोधन में अपने आध्यात्मिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में कई ऐसे अनुभव किए जिन्हें उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के साथ साझा किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विषय पर वैज्ञानिकों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में लोगों पर अध्ययन किया गया, जिसमें कुछ प्रतिभागियों के जीवन और सोच में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभवों के बाद कई लोगों ने जीवनशैली में बदलाव किए और मानसिक एकाग्रता तथा निर्णय क्षमता में सुधार महसूस किया।

50 वर्षों से अमेरिका में आध्यात्मिक सेवाएं
इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने बताया कि डॉ. हंसा रावल अमेरिका के टेक्सास में पिछले लगभग 50 वर्षों से आध्यात्मिक सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रसार के कार्य से जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति और राजयोग से प्रेरित होकर डॉ. रावल ने विदेश में रहकर भी आध्यात्मिक शिक्षा के प्रसार को अपना जीवन समर्पित किया है।
मार्क भाई ने भी साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में टेक्सास से आए मार्क भाई ने भी अपने अनुभव साझा किए। बताया गया कि वे पिछले 36 वर्षों से ब्रह्माकुमारीज के साथ सेवाकार्य से जुड़े हुए हैं और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े अपने अनुभवों को उपस्थित लोगों के साथ साझा किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उज्जैन की वन संरक्षक किरण बिसेन, संपूर्ण डायग्नोस्टिक सेंटर की डायरेक्टर डॉ. साधना सोडाणी सहित विभिन्न स्थानीय सेवा केंद्रों की ब्रह्माकुमारी बहनें उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में ‘शक्तिनिकेतन’ की कुमारियों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि ब्रह्माकुमारी आकांक्षा बहन ने आध्यात्मिक गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी उषा बहन ने किया।
तनावमुक्त जीवन का दिया संदेश
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने उपस्थित लोगों से सकारात्मक सोच अपनाने, मानसिक शांति बनाए रखने और नियमित ध्यान व आत्मचिंतन के माध्यम से तनावमुक्त जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मन और संतुलित जीवनशैली व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ईश्वरीय सेवा में,
ब्रह्माकुमारी अनीता
ज्ञानशिखर, ओमशांति भवन, इंदौर
