Indore के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से मारपीट मामला: एमपी हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, प्रशासन से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
Indore के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ कथित मारपीट का मामला अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक नाबालिग युवक को वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करते हुए देखा गया था। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लिया है और जिला प्रशासन को जांच की स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट हाई कोर्ट के सामने प्रस्तुत की जाएगी। प्रशासन की ओर से वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं, वहां रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
मामला तब सामने आया जब प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक नाबालिग बुजुर्गों के साथ मारपीट करता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई और प्रशासन हरकत में आया।
बताया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहा नाबालिग करीब पांच महीने पहले अपनी मां के साथ वृद्धाश्रम में आया था। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वृद्धाश्रम को सील कर दिया था और वहां रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
चार साल से आंगनवाड़ी भवन में चल रहा था वृद्धाश्रम
प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम Indore के महाराणा प्रताप नगर क्षेत्र में संचालित हो रहा था। जानकारी के अनुसार, नगर निगम द्वारा आंगनवाड़ी संचालन के लिए बनाए गए कमरों में पिछले करीब चार वर्षों से यह वृद्धाश्रम चल रहा था।
अब प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि वृद्धाश्रम को संचालन की अनुमति किस आधार पर मिली थी और वहां बुजुर्गों की देखभाल के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। इसके अलावा आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हाई कोर्ट ने मांगी पूरी जानकारी
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की Indore खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन से पूरी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने पूछा है कि घटना के बाद प्रशासन ने क्या कार्रवाई की और वर्तमान में वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की स्थिति क्या है।
अदालत के निर्देश के बाद प्रशासन को मामले से जुड़ी सभी जानकारियां एकत्र कर रिपोर्ट तैयार करनी है। रिपोर्ट में घटना की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण शामिल किया जाएगा।
बुजुर्गों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने मांग की है कि वृद्धाश्रमों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि वहां रहने वाले बुजुर्गों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्ग शारीरिक और मानसिक रूप से संवेदनशील स्थिति में होते हैं। ऐसे में उनकी देखभाल करने वाले कर्मचारियों और वहां रहने वाले अन्य लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है।
प्रशासन की कार्रवाई जारी
वीडियो वायरल होने के बाद इंदौर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वृद्धाश्रम को सील कर दिया था। इसके बाद वहां रहने वाले बुजुर्गों की स्थिति और उनकी सुरक्षा को लेकर कदम उठाए गए।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
अब सभी की नजर हाई कोर्ट में पेश होने वाली स्टेटस रिपोर्ट पर है। कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन को यह बताना होगा कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए संचालित संस्थानों में निगरानी व्यवस्था कितनी मजबूत है। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद है कि प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
