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सीआईसीएफ प्रशिक्षण पूर्ण कर लौटे पूर्व विद्यार्थियों का साईं नाथ कॉन्वेंट हाई स्कूल में भव्य स्वागत, विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी और डिजिटल जागरूकता का दिया संदेश

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Published On: 31 July 2026
Sai Nath Convent High School felicitates former students Manoh Rajput and Akash Jatav after successfully completing CICF training, with teachers and students participating in the welcome ceremony
— Sai Nath Convent High School felicitates former students Manoh Rajput and Akash Jatav after successfully completing CICF training, with teachers and students participating in the welcome ceremony

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सीआईसीएफ प्रशिक्षण पूर्ण कर लौटे पूर्व विद्यार्थियों का साईं नाथ कॉन्वेंट हाई स्कूल में भव्य स्वागत, विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी और डिजिटल जागरूकता का दिया संदेश

संवाददाता: मनोज कुमार पुष्पद
पड़ाना/आसारेटा पवार।
शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रसेवा की भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना भी है। इसी सोच को साकार करते हुए साईं नाथ कॉन्वेंट हाई स्कूल में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के दो पूर्व विद्यार्थियों मनोज राजपूत एवं आकाश जाटव, जिन्होंने सीआईसीएफ (CICF) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया, उनका विद्यालय परिवार द्वारा भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं प्रबंधन ने दोनों पूर्व छात्रों का पुष्पमालाओं एवं तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभिनंदन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरित करना, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के महत्व से अवगत कराना तथा उन्हें अपने भविष्य के प्रति जागरूक बनाना था।

पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने जताया गर्व

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत समारोह से हुई, जिसमें विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने मनोज राजपूत और आकाश जाटव का सम्मान किया।

दोनों युवाओं ने विद्यालय में अध्ययन करने के बाद कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर सीआईसीएफ प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। उनकी इस उपलब्धि को विद्यालय ने अपने लिए गर्व का विषय बताया।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जब किसी संस्था के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर सफलता हासिल करते हैं तो वह पूरे विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।

विद्यार्थियों को अनुशासन और शिक्षा का महत्व समझाया गया

सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है।

बच्चों को बताया गया कि यदि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेंगे और समय का सदुपयोग करेंगे, तो वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय केवल परीक्षा पास कराने का माध्यम नहीं बल्कि एक ऐसा मंच है जहां से विद्यार्थियों का संपूर्ण व्यक्तित्व विकसित होता है।

मोबाइल का करें सकारात्मक उपयोग, सोशल मीडिया से रखें दूरी

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को डिजिटल जागरूकता का भी संदेश दिया गया।

उन्हें बताया गया कि मोबाइल फोन आधुनिक समय की आवश्यकता है, लेकिन इसका उपयोग केवल सकारात्मक और शैक्षणिक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।

वक्ताओं ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि अनावश्यक समय बर्बाद करने के बजाय मोबाइल का उपयोग ऑनलाइन अध्ययन, नई जानकारी प्राप्त करने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए करें।

उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव से बचकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे तो उनका भविष्य अधिक उज्ज्वल होगा।

ईमानदारी, मेहनत और लगन से मिलती है सफलता

कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में कोई भी उपलब्धि बिना मेहनत के संभव नहीं होती।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि वे ईमानदारी, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास को अपनी आदत बना लें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहेगा।

उन्होंने अपने प्रशिक्षण के अनुभव बताते हुए कहा कि अनुशासन और आत्मविश्वास किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।

विद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ छात्र प्रतिनिधियों का चयन

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से छात्र प्रतिनिधियों का चयन भी कराया गया।

विद्यालय में मतदान प्रक्रिया आयोजित कर बच्चों को लोकतंत्र के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

इस चुनाव के माध्यम से विद्यार्थियों को मतदान, नेतृत्व और जिम्मेदारी जैसे लोकतांत्रिक मूल्यों का व्यावहारिक अनुभव कराया गया।

तन्नू चौहान और देवराज मालवीय को दिलाई गई शपथ

मतदान प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तन्नू चौहान एवं देवराज मालवीय को विजेता घोषित किया गया।

विद्यालय प्रबंधन ने दोनों छात्र प्रतिनिधियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

उन्हें पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने, विद्यार्थियों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

स्वच्छता अभियान और विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी भी सौंपी

कार्यक्रम में नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को स्वच्छ विद्यालय अभियान से भी जोड़ा गया।

उन्हें विद्यालय परिसर की स्वच्छता, पौधों की देखभाल, अनुशासन व्यवस्था तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जब विद्यार्थियों को छोटी उम्र से जिम्मेदारियां दी जाती हैं तो उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है।

संस्था संचालक ने विद्यार्थियों को दिया प्रेरक संदेश

विद्यालय के संचालक राजेश परमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छा नागरिक बनना भी है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन, समय का सम्मान और मेहनत को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और समाज का सम्मान करें तथा हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।

प्राचार्य ने कहा— विद्यालय संस्कारों की पहली पाठशाला

विद्यालय के प्राचार्य रवि जाट ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में असीम संभावनाएं होती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी सही दिशा, अच्छे संस्कार और नियमित मेहनत के साथ आगे बढ़ें तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धि को वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि विद्यालय का प्रत्येक छात्र इसी प्रकार मेहनत कर अपने माता-पिता और विद्यालय का नाम रोशन करे।

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल ज्ञान से नहीं बल्कि व्यवहार, अनुशासन और ईमानदारी से भी प्राप्त होती है।

कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों ने अपने पूर्व वरिष्ठ छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया और उनसे प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।

इन शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—

  • संस्था संचालक राजेश परमार
  • प्राचार्य रवि जाट
  • सह-प्राचार्य मनोज राठौर
  • मनोज परमार
  • अमित जाट
  • धर्मेंद्र सिंह
  • कमल परमार
  • आशीष पालीवाल
  • कृष्ण पाल
  • पप्पू भैया
  • सतीश भैया
  • गिरजा पालीवाल
  • प्रभा परमार
  • प्राची पुरी
  • कुमकुम पुरी
  • नेहा विश्वकर्मा
  • खुशी यादव
  • निर्जला भिलाला

सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अनुशासित, जिम्मेदार और राष्ट्रहित में कार्य करने वाला नागरिक बनने का संदेश दिया।

विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी दिया जा रहा विशेष जोर

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि साईं नाथ कॉन्वेंट हाई स्कूल में विद्यार्थियों को केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं बल्कि अनुशासन, नैतिकता, नेतृत्व क्षमता, स्वच्छता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भी शिक्षा दी जाती है।

सीआईसीएफ प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान, लोकतांत्रिक चुनाव, छात्र नेतृत्व का चयन और स्वच्छता अभियान की जिम्मेदारी जैसे आयोजन इस बात का प्रमाण हैं कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

अंत में सभी विद्यार्थियों ने अनुशासन का पालन करने, विद्यालय की गरिमा बनाए रखने, स्वच्छता को अपनाने तथा शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।

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