रानीगांव में प्रशासन का बड़ा एक्शन, 20 से 25 अवैध अतिक्रमण हटाए गए
नायब तहसीलदार प्राची गायकवाड़ के नेतृत्व में कार्रवाई, विकास कार्यों के लिए शासकीय भूमि कराई गई मुक्त
संवाददाता अर्जुन कुमावत, पिपलोदा
अवैध कब्जों पर चला प्रशासन का बुलडोजर
रानीगांव (Piplioda )। ग्राम पंचायत रानीगांव में शासकीय भूमि और सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की। कालूखेड़ा नायब तहसीलदार प्राची गायकवाड़ के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम गांव पहुंची और वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन की सहायता से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। इस दौरान शासकीय भूमि पर बनाए गए कच्चे और पक्के निर्माणों को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से गांव के मुख्य रास्तों और सार्वजनिक उपयोग की जमीन को राहत मिली।

विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई भूमि
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ग्राम पंचायत रानीगांव में आने वाले समय में कई शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों को मूर्त रूप दिया जाना है। इन विकास कार्यों के लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शासकीय जमीन और रास्तों से अतिक्रमण हटाने की पहल की गई।
अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग गांव के विकास कार्यों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक योजनाओं के लिए किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है।
20 से 25 स्थानों पर था अवैध कब्जा
जानकारी के अनुसार रानीगांव में करीब 20 से 25 स्थानों पर लोगों ने शासकीय भूमि और रास्तों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। कई स्थानों पर कच्चे-पक्के निर्माण भी किए गए थे, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और सार्वजनिक सुविधाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मौके पर पहुंची नायब तहसीलदार प्राची गायकवाड़ ने अतिक्रमणकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की समझाइश और सख्ती के बाद कई लोगों ने स्वयं अपने कब्जे हटाने शुरू कर दिए।
इसके बाद शेष स्थानों पर ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन चलाकर अतिक्रमण हटाया गया और भूमि को पूरी तरह साफ कराया गया।

राजस्व और पुलिस विभाग की रही अहम भूमिका
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग का अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की थी, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
माता चौकी प्रभारी दिनेश राठौड़ और एएसआई मनीष शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। वहीं राजस्व विभाग की ओर से पटवारी संजय ओरा ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से सचिव गोपाल कुमावत, सरपंच प्रतिनिधि एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष रितेश जैन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का किया स्वागत
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक रास्तों और शासकीय भूमि से कब्जे हटने के बाद गांव में आवागमन बेहतर होगा और विकास कार्यों के लिए जगह उपलब्ध हो सकेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही अतिक्रमण की समस्या का समाधान होने से गांव के विकास को नई दिशा मिलेगी।

दोबारा कब्जा करने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी व्यक्ति द्वारा दोबारा शासकीय भूमि या सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा करने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासकीय भूमि की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या कब्जे की जानकारी प्रशासन को दें।
प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर विकास व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
