श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में श्रावण मास पर मासपरायण रामायण पाठ का शुभारंभ
महेश कुमार वर्मा, सरदारपुर तहसील संवाददाता
धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ हुआ आयोजन
राजगढ़ में श्रावण मास की शुरुआत पर हुआ विशेष धार्मिक आयोजन
Rajgarh (धार)। पवित्र श्रावण मास के प्रथम दिवस पर राजगढ़ स्थित प्रसिद्ध श्री खेड़ापति हनुमान जी मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मासपरायण रामायण पाठ का शुभारंभ किया गया। धार्मिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुए इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान हनुमान जी की आराधना की।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान हनुमान जी के पूजन एवं विशेष आरती के साथ हुई। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के दर्शन कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। श्रावण मास में आयोजित होने वाले इस मासपरायण रामायण पाठ को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि श्रावण मास के दौरान नियमित रूप से रामायण पाठ एवं धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक संस्कारों, आध्यात्मिक चेतना और सद्भावना को बढ़ावा देना है। श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
डॉ. मनोहर लाल जैन का जन्मदिन धार्मिक और सामाजिक संदेश के साथ मनाया
इसी अवसर पर क्षेत्र के समाजसेवी एवं लोकप्रिय व्यक्तित्व डॉ. मनोहर लाल जैन का जन्मदिन भी विशेष रूप से मनाया गया। जन्मदिन समारोह को धार्मिक अनुष्ठानों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ जोड़ा गया। डॉ. बलबहादुर सिंह राठौड़ के 1008 पौधारोपण लक्ष्य अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. मनोहर लाल जैन का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने डॉ. जैन का स्वागत शाल, श्रीफल और पुष्पमाला पहनाकर किया। समाजसेवा, चिकित्सा क्षेत्र और जनहित के कार्यों में उनके योगदान की सराहना करते हुए उपस्थित नागरिकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
इस अवसर पर सामूहिक पौधारोपण भी किया गया। उपस्थित जनों ने विभिन्न प्रकार के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सभी ने संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी और अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। लगातार बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

सामाजिक संगठनों और नागरिकों की रही सक्रिय सहभागिता
इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सराफा एसोसिएशन, भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट एवं मातृशक्ति संगठन वाइब्रेंट वुमेन्स कम्युनिटी कार्प्स क्लब के सदस्यों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर धार्मिक गतिविधियों में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि धर्म और समाज सेवा का उद्देश्य मानव कल्याण से जुड़ा हुआ है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने और जनहित के कार्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
गणमान्य नागरिकों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष निलेश सोनी, आजाद फरबदा, महाराणा राजपूत समाज अध्यक्ष मोतीसिंह राठौर, सोनी समाज अध्यक्ष सुरेंद्र सोनी, प्रेमकुमार वैद्य, योगेंद्र तिवारी, झमकलाल चौधरी, बुद्धेसिंह पांडर, राम सिंह देवड़ा, अजय वैद्य, डॉ. सचिन द्विवेदी, शम्भूलाल परवार, पप्पू गामड़, रामु भाभर, मुन्ना कामदार, महेंद्र राजपूत, अक्षय भंडारी, मितांशु सोनी, सुरेश जाट, उर्मिला कुशवाह, ललिता जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. मनोहर लाल जैन को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और समाज सेवा, धार्मिक आस्था तथा पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
धर्म, सेवा और प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक बना। मासपरायण रामायण पाठ ने जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की, वहीं पौधारोपण अभियान ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया।
आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपस्थित लोगों ने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
