डॉ ममता खासगीवाला ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिल्ली में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज को अपना शोध ग्रंथ ‘वस्तुत्व महाकाव्य में जैन दर्शन’ भेंट किया। इस अवसर पर आजाद कुमार जैन, डॉ जैनेंद्र जैन, अशोक खासगीवाला, हंसमुख गांधी एवं नेमीचंद बड़कुल सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
डॉ ममता खासगीवाला ने आचार्य विशुद्ध सागर जी को शोध ग्रंथ भेंट
रिपोर्टर : राजेश जैन दद्दू, इंदौर
डॉ ममता खासगीवाला ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर दिल्ली में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज को अपना शोध ग्रंथ “वस्तुत्व महाकाव्य में जैन दर्शन” भेंट किया।
गुरु पूर्णिमा पर शोध ग्रंथ भेंट
आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज द्वारा रचित बहुचर्चित ग्रंथ “वस्तुत्व महाकाव्य” पर डॉ. अनुपम जैन के निर्देशन में पीएचडी करने वाली इंदौर की विदुषी श्रीमती डॉ ममता अशोक खासगीवाला ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिल्ली में अपना शोध ग्रंथ “वस्तुत्व महाकाव्य में जैन दर्शन” आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज को सादर भेंट किया।वस्तुत्व महाकाव्य पर किया शोधडॉ ममता खासगीवाला ने अपने शोध कार्य में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के बहुचर्चित ग्रंथ वस्तुत्व महाकाव्य का जैन दर्शन की दृष्टि से विस्तृत अध्ययन किया। यह शोध कार्य डॉ. अनुपम जैन के निर्देशन में पूर्ण हुआ।
कार्यक्रम में रहे ये गणमान्य उपस्थित
इस अवसर पर दिगंबर जैन सभा ऋषभ विहार, दिल्ली के पदाधिकारी उपस्थित रहे।साथ ही इंदौर के वरिष्ठ समाजसेवी आजाद कुमार जैन, डॉ जैनेंद्र जैन, अशोक खासगीवाला, हंसमुख गांधी तथा नेमीचंद बड़कुल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शोध ग्रंथ का यह समर्पण जैन दर्शन एवं साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। डॉ ममता खासगीवाला द्वारा किया गया यह शोध आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के साहित्य पर गंभीर अध्ययन का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
