टोकन सिस्टम बंद होने पर Mahesh Patel ने जताई खुशी, किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग
रिपोट–दैनिक स्वराज वाणी खलील मंसूरी
टोकन व्यवस्था के विरोध को बताया किसानों की आवाज
आलीराजपुर। टोकन प्रणाली समाप्त किए जाने के बाद विधायक सेना के नेता एवं आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष Mahesh Patel ने इसे किसानों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि टोकन व्यवस्था लागू होने के कारण क्षेत्र के किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी, जिससे उन्हें खेती के महत्वपूर्ण समय में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
महेश पटेल ने अपने जारी बयान में कहा कि उन्होंने विधानसभा से लेकर ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर तक विभिन्न मंचों पर लगातार इस व्यवस्था का विरोध किया और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार से की थी मांग
महेश पटेल के अनुसार, उन्होंने अलीराजपुर की सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनीता नागर सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी किसानों की समस्याओं को उठाते हुए मांग की थी कि किसानों के साथ किसी प्रकार का अन्याय या दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान अपने परिश्रम से देश के लिए अन्न उत्पादन करता है, इसलिए उसे समय पर खाद, बीज और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग
महेश पटेल ने कहा कि टोकन प्रणाली समाप्त होने से किसानों को कुछ राहत अवश्य मिली है, लेकिन केवल व्यवस्था बदलना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी किसानों को बिना किसी देरी के पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो, ताकि वर्तमान कृषि सीजन प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि किसानों को खाद के लिए बार-बार चक्कर लगाने की स्थिति नहीं बननी चाहिए और वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं सुचारु हो।
आंदोलन की दी चेतावनी
महेश पटेल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो उनके नेतृत्व में व्यापक और लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान कृषि सीजन किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसलों की बुवाई एवं उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान पहले ही कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं और खाद की कमी उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही है।
महेश पटेल ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के सभी सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों और वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक रूप से लंबी कतारों में न लगना पड़े और न ही उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा और यदि प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो किसानों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की भी अपील की।
किसानों और समर्थकों ने जताया समर्थन
महेश पटेल ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर चलाए गए इस अभियान और संघर्ष को क्षेत्र के किसानों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, आदिवासी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को मजबूती देने में सभी वर्गों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके लिए वे सभी समर्थकों और क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि उन लाखों किसानों का है जो अपनी मेहनत और परिश्रम से देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
महेश पटेल ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी किसान हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर जनता का इसी तरह सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उनका संघर्ष पूरी मजबूती और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। अपने बयान के अंत में उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि प्रदेशभर में खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारु और प्रभावी बनाया जाए, ताकि प्रत्येक किसान को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके और खेती का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
