Donald Trump Gaza Deal: गाजा में हमास के निरस्त्रीकरण पर सहमति का दावा, इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी की योजना
मध्य पूर्व में लंबे समय से चले आ रहे इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक पहल सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड Trump ने दावा किया है कि उनके नेतृत्व वाले ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के निरस्त्रीकरण को लेकर सहमति हासिल कर ली है। ट्रम्प के अनुसार, यह समझौता गाजा में स्थायी शांति और सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस योजना के तहत गाजा में हथियारों को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने, इजरायली सेना की वापसी और एक नए फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना की रूपरेखा तैयार की गई है। हालांकि, इस समझौते के कई पहलुओं को लागू करना अभी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है और जमीन पर इसकी सफलता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें बनी हुई हैं।
Trump ने बताया ऐतिहासिक कदम, 20-पॉइंट गाजा प्लान का हिस्सा
डोनाल्ड Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस पहल की जानकारी देते हुए इसे “स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता उनके प्रस्तावित 20-पॉइंट गाजा शांति प्लान का प्रमुख हिस्सा है।
इस योजना का उद्देश्य गाजा में सैन्य गतिविधियों को समाप्त करना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और युद्ध के बाद क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए नई प्रशासनिक व्यवस्था तैयार करना है।
तीन चरणों में लागू होगी शांति योजना
प्रस्तावित योजना को कई चरणों में लागू किए जाने की बात कही गई है। इसके तहत सबसे पहले गाजा में सक्रिय सशस्त्र समूहों के हथियारों को जमा कराने और सैन्य ढांचे को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
पहला चरण: हथियारों का समर्पण और निरस्त्रीकरण
योजना के पहले चरण में हमास और अन्य सशस्त्र गुटों से हथियार जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत भारी हथियारों और सैन्य ढांचे को खत्म करने पर जोर दिया जाएगा।
दूसरा चरण: इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी
निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद इजरायली रक्षा बल (IDF) की गाजा से चरणबद्ध वापसी का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रक्रिया को सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
तीसरा चरण: नई सुरक्षा व्यवस्था और फिलिस्तीनी प्रशासन
योजना के अंतिम चरण में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल और नई फिलिस्तीनी पुलिस व्यवस्था के जरिए गाजा की आंतरिक सुरक्षा संभालने का प्रस्ताव है। इसके बाद एक नए फिलिस्तीनी प्रशासन को क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपने की बात कही गई है।
मिस्र, कतर और तुर्की की मध्यस्थ भूमिका
राष्ट्रपति Trump ने इस कूटनीतिक पहल में सहयोग करने वाले देशों मिस्र, कतर और तुर्की की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन देशों की मध्यस्थता ने बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि भविष्य में गाजा क्षेत्र से किसी भी तरह के सुरक्षा खतरे को दोबारा खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। उनका दावा है कि इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी स्थिरता और सुरक्षा स्थापित करना है।
क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?
‘बोर्ड ऑफ पीस’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की एक अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य संघर्ष क्षेत्रों में शांति प्रक्रिया और पुनर्निर्माण को बढ़ावा देना बताया गया है। गाजा संघर्ष के संदर्भ में इस बोर्ड को युद्ध के बाद प्रशासन, सुरक्षा और पुनर्निर्माण की निगरानी से जोड़ा गया है।
इस बोर्ड में ट्रम्प के अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और जेरेड कुशनर जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।
योजना को लेकर उठ रहे हैं सवाल
हालांकि ट्रम्प प्रशासन इसे बड़ी कूटनीतिक सफलता बता रहा है, लेकिन इस पहल को लेकर कई देशों और विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि गाजा जैसे जटिल क्षेत्र में निरस्त्रीकरण और नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू करना आसान नहीं होगा।
सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सभी पक्ष इस योजना को किस हद तक स्वीकार करते हैं और इसे जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है। हमास की अंतिम सहमति, इजरायल की सुरक्षा चिंताएं और फिलिस्तीनी प्रशासन की भूमिका इस प्रक्रिया के महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।
गाजा के भविष्य पर पूरी दुनिया की नजर
लंबे संघर्ष और मानवीय संकट के बाद गाजा के भविष्य को लेकर यह पहल मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो इससे क्षेत्र में पुनर्निर्माण और स्थिरता का रास्ता खुल सकता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक सफलता केवल घोषणा से नहीं बल्कि समझौते के प्रभावी और निष्पक्ष क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। आने वाले समय में यह साफ होगा कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की योजना गाजा में स्थायी शांति स्थापित करने में कितनी सफल साबित होती है।
