—Advertisement—

Gwalior को बड़ी सौगात: देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनेगा, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार

Author Picture
Published On: 31 July 2026
Gwalior
— ग्वालियर को बड़ी सौगात! देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन अब एमपी में बनेगा

—Advertisement—

Gwalior को बड़ी सौगात: देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनेगा, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार

मध्य प्रदेश के Gwalior जिले के लिए एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई है। देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन अब ग्वालियर में स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए गुरुवार को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केंद्र सरकार के दूरसंचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे। इस परियोजना को मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

350 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन

Gwalior में बनने वाला यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसे प्लग-एंड-प्ले मॉडल के आधार पर तैयार किया जाएगा, जहां कंपनियों को उत्पादन शुरू करने के लिए जरूरी सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस परियोजना के पहले चरण के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य भारत को दूरसंचार उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करना है।

5G-6G, सेमीकंडक्टर और आधुनिक तकनीक का होगा उत्पादन

इस अत्याधुनिक टेलीकॉम जोन में मोबाइल फोन, नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर और नई पीढ़ी की 5G तथा 6G तकनीक से जुड़े उत्पादों का अनुसंधान, डिजाइन, परीक्षण और निर्माण किया जाएगा।

एक ही परिसर में रिसर्च सेंटर, डिजाइन यूनिट, टेस्टिंग लैब और मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे देश की टेलीकॉम कंपनियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी और विदेशी निर्भरता कम होगी।

भारत को वैश्विक टेलीकॉम निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में कदम

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस परियोजना को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि ग्वालियर में बनने वाला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत अब केवल दूरसंचार सेवाएं देने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि टेलीकॉम उत्पादों के निर्माण में भी दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा। यह परियोजना भारत को वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Gwalior -चंबल क्षेत्र में आएगा हजारों करोड़ का निवेश

इस परियोजना से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के माध्यम से क्षेत्र में लगभग 9 हजार करोड़ रुपये तक का कुल निवेश संभावित है।

इस निवेश से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और छोटे-बड़े उद्योगों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में नई कंपनियों के आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

10 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की सबसे बड़ी खासियत रोजगार सृजन है। परियोजना के माध्यम से ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों के 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

पहले चरण में ही देश की प्रमुख कंपनियां जैसे डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एचएफसीएल और तेजस नेटवर्क लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश कर रही हैं। इससे करीब 4,500 से अधिक उच्च वेतन वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इससे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में अपने ही शहर और आसपास बेहतर करियर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

युवाओं के लिए नई संभावनाओं का खुलेगा रास्ता

टेलीकॉम क्षेत्र में लगातार बढ़ती तकनीकी जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगी। सेमीकंडक्टर, नेटवर्किंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G-6G तकनीक जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।

इसके अलावा स्थानीय छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को भी इस औद्योगिक क्षेत्र से लाभ मिलने की उम्मीद है। सप्लाई चेन से जुड़े कई छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई पहचान

Gwalior में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना मध्य प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हों, युवाओं को रोजगार मिले और भारत वैश्विक स्तर पर तकनीकी निर्माण का मजबूत केंद्र बने।

यह परियोजना न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के औद्योगिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश के प्रमुख टेलीकॉम निर्माण केंद्रों में शामिल हो सकता है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp