रतलाम में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान का समापन, एसपी अमित कुमार बोले- नशा परिवार और समाज दोनों को खोखला करता है
15 दिवसीय जनजागरूकता अभियान के समापन समारोह में युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का दिया संदेश
संवाददाता : पवन धाकड़
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देश पर जिलेभर में पिछले 15 दिनों से संचालित ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ जनजागरूकता अभियान का समापन बुधवार को पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में भव्य कार्यक्रम के साथ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना, समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करना था।
समापन समारोह में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करता है। यदि युवा अपनी ऊर्जा खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक कार्यों में लगाएंगे तो वे न केवल अपना भविष्य उज्ज्वल बनाएंगे, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
15 दिनों तक चला व्यापक जनजागरूकता अभियान
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेशभर में चलाए गए ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के अंतर्गत रतलाम जिले में लगातार 15 दिनों तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस दौरान स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों, ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में नशे के दुष्प्रभावों पर विशेष कार्यक्रम हुए। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों, युवाओं, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद कर उन्हें नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
अभियान का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना और युवाओं को सही दिशा देना भी रहा।
एसपी अमित कुमार ने दिया प्रेरक संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के जीवन को धीरे-धीरे समाप्त कर देती है।
उन्होंने कहा कि—
“नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। यह पूरे परिवार की खुशियों को छीन लेता है और समाज को भीतर से कमजोर करता है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपना समय मोबाइल, गलत संगति या नशे जैसी बुरी आदतों में व्यर्थ करने के बजाय खेल, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों और समाजसेवा जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाएं।
एसपी ने कहा कि “नशामुक्त रतलाम” का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब पुलिस, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर सामूहिक प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री और डीजीपी का वीडियो संदेश प्रसारित
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के वीडियो संदेश के प्रसारण से हुई।
दोनों संदेशों में प्रदेशवासियों से नशे के खिलाफ एकजुट होकर अभियान चलाने तथा युवाओं को नशे से बचाने का आह्वान किया गया।
इसके बाद अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
अपर कलेक्टर और मेडिकल कॉलेज की डीन भी रहीं मौजूद
समापन समारोह में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
- अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत
- मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक लाल
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो
सभी अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में पुलिस, प्रशासन, शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सभी ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा नागरिकों को सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
यह शपथ कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण रहा।
बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से दिया प्रभावशाली संदेश

कार्यक्रम में साई श्री स्कूल के विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
नाटक के माध्यम से दिखाया गया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति को अपराध, आर्थिक संकट, पारिवारिक कलह और सामाजिक उपेक्षा की ओर ले जाती है।
विद्यार्थियों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
योग और मलखंभ ने किया आकर्षित
कार्यक्रम में योग प्रदर्शन ने सभी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
इसके साथ ही प्रसिद्ध मलखंभ खिलाड़ी जितेंद्र धूलिया ने शानदार करतब प्रस्तुत कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
उन्होंने यह संदेश दिया कि अनुशासन, नियमित अभ्यास और खेलों के माध्यम से युवा अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं।
जादू के माध्यम से भी दिया गया सामाजिक संदेश
समारोह में जादूगर सम्राट ने मनोरंजक जादुई प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के विरुद्ध प्रभावशाली संदेश दिया।
उनकी प्रस्तुति में मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी समावेश था, जिसे बच्चों और युवाओं ने विशेष रूप से पसंद किया।
जावरा के युवाओं की लघु फिल्म ने जीता दिल
कार्यक्रम में जावरा के युवाओं द्वारा तैयार की गई एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
फिल्म में नशे की लत के कारण होने वाले सामाजिक, आर्थिक और मानसिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।
फिल्म का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना था कि वे अपने जीवन में सही निर्णय लें और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं का हुआ सम्मान
15 दिवसीय अभियान के दौरान जिलेभर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था।
इनमें शामिल थीं—
- खेल प्रतियोगिताएं
- निबंध लेखन
- पोस्टर निर्माण
- रंगोली प्रतियोगिता
- जनजागरूकता गतिविधियां
समापन समारोह में सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, शील्ड और सम्मान प्रदान किए गए।
इसके अलावा अभियान को सफल बनाने वाले पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया।
सामुदायिक भागीदारी से ही सफल होगा नशामुक्ति अभियान
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे जैसी सामाजिक समस्या का समाधान केवल कानूनी कार्रवाई से संभव नहीं है।
इसके लिए परिवार, विद्यालय, सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाएं, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को मिलकर कार्य करना होगा।
रतलाम पुलिस द्वारा आयोजित यह अभियान इसी सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास
अभियान के दौरान बार-बार इस बात पर जोर दिया गया कि यदि युवाओं को खेल, शिक्षा, योग, कला, संगीत और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे तो वे नशे जैसी बुराइयों से स्वतः दूर रहेंगे।
विशेषज्ञों ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रतिबंध लगाने से नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक विकल्प उपलब्ध कराने से संभव होगा।
समाज को मिला जागरूकता का मजबूत संदेश
‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान का समापन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह समाज के लिए एक मजबूत संदेश बनकर सामने आया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता अभियान, विद्यालयी कार्यक्रम, खेल गतिविधियां और सामाजिक संवाद लगातार जारी रहेंगे ताकि युवाओं को नशे से बचाकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके।
कार्यक्रम का सफल संचालन आर.सी. तिवारी ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
