नवाचार्य समय सागर जी महाराज ससंघ का पावन वर्षायोग 2 अगस्त से भोपाल में, चातुर्मास मंगल कलश स्थापना को लेकर जैन समाज में उत्साह
विद्योदय तीर्थ, हबीबगंज में होगा भव्य चातुर्मास शुभारंभ, इंदौर सहित प्रदेशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारी
संवाददाता : सतीश जैन
दिगंबर जैन समाज के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर आने वाला है। समाधिस्थ आचार्य संत शिरोमणि विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य नवाचार्य परम पूज्य समय सागर जी महाराज ससंघ का वर्ष 2026 का पावन वर्षायोग (चातुर्मास) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संपन्न होगा। इस अवसर पर रविवार, 2 अगस्त 2026 को भोपाल के विद्योदय तीर्थ, हबीबगंज में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना का भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा।
इस आयोजन को लेकर भोपाल सहित इंदौर और प्रदेश के विभिन्न जिलों में जैन समाज के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में समाजजन इस ऐतिहासिक धार्मिक अवसर के साक्षी बनने के लिए भोपाल पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।
दोपहर 1 बजे होगा मंगल कलश स्थापना समारोह
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल एवं प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि नवाचार्य श्री समय सागर जी महाराज ससंघ की चातुर्मास मंगल कलश स्थापना रविवार, 2 अगस्त को दोपहर 1 बजे से विद्योदय तीर्थ, हबीबगंज (भोपाल) में आयोजित की जाएगी।
यह धार्मिक आयोजन पूरे विधि-विधान, मंत्रोच्चार और जैन परंपराओं के अनुरूप संपन्न होगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, साधर्मियों एवं धर्मप्रेमियों के शामिल होने की संभावना है।
जैन समाज के लिए चातुर्मास का विशेष महत्व
दिगंबर जैन परंपरा में चातुर्मास केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, साधना, संयम, स्वाध्याय और आध्यात्मिक उन्नति का महत्वपूर्ण काल माना जाता है।
वर्षा ऋतु के दौरान जैन मुनि एक स्थान पर विराजमान होकर धर्मोपदेश, प्रवचन, स्वाध्याय तथा साधना के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं।
श्रद्धालु भी इस अवधि में नियमित रूप से प्रवचन, पूजा, अभिषेक, तप, स्वाध्याय, दान और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित करते हैं।
आचार्य विद्यासागर जी की आध्यात्मिक परंपरा के अग्रदूत हैं समय सागर जी महाराज
नवाचार्य समय सागर जी महाराज को समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर जी महाराज की आध्यात्मिक परंपरा का प्रभावशाली संवाहक माना जाता है।
उनके प्रवचनों में संयम, आत्मशुद्धि, नैतिक जीवन, अहिंसा, करुणा और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर विशेष बल दिया जाता है।
देशभर में उनके प्रवासों के दौरान हजारों श्रद्धालु धर्म, संयम और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा प्राप्त करते रहे हैं।
भोपाल में होने वाला यह वर्षायोग भी समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।
सकल दिगंबर जैन समाज करेगा आयोजन
चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह का आयोजन श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी (रजिस्टर्ड), भोपाल, विद्योदय निर्माण समिति, भोपाल तथा सकल दिगंबर जैन समाज, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
आयोजन समिति ने कार्यक्रम की व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। श्रद्धालुओं के बैठने, दर्शन व्यवस्था, जलपान, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले समाजजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इंदौर से विशेष बसों की व्यवस्था
इंदौर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भोपाल पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष बसों की व्यवस्था की गई है।
प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि समाजजनों की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों से नाममात्र के शुल्क पर बसें उपलब्ध कराई गई हैं।
ये सभी बसें 2 अगस्त की सुबह 6 बजे इंदौर से भोपाल के लिए रवाना होंगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।
क्षेत्रवार प्रभारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
यात्रा व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इनमें प्रदीप जैन बल्ला, पवन सिंघई, भरतेश बड़कुल, अरविंद दिवाकर, अमित परवार, संतोष जैन गुरुजी, रिंकू भाई, राकेश जैन पम्पु, संजय अहिंसा, एडवोकेट अरविंद जैन, प्रदीप मामा, राजेश जैन, वीरेंद्र जैन, राजू अलबेला सहित अनेक समाजसेवी शामिल हैं।
इन सभी प्रभारियों को अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का पंजीयन, बसों की व्यवस्था और यात्रा समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के महामंत्री देवेंद्र सोगानी, संगठन मंत्री जैनेश झांझरी एवं कोषाध्यक्ष पिंकेश टोंग्या ने समाज के सभी सदस्यों से इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि नवाचार्य समय सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित यह चातुर्मास समाज के लिए अत्यंत दुर्लभ एवं पुण्यदायी अवसर है।
उन्होंने समाजजनों से परिवार सहित उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित करने तथा आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ लेने की अपील की।
आध्यात्मिक वातावरण में होगा चार माह का प्रवास
चातुर्मास के दौरान विद्योदय तीर्थ परिसर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इनमें प्रातःकालीन पूजा-अर्चना, अभिषेक, प्रवचन, स्वाध्याय, प्रश्नोत्तर, धर्मसभा, तप, संयम, संस्कार शिविर और अन्य धार्मिक गतिविधियां शामिल रहेंगी।
श्रद्धालुओं को पूरे चातुर्मास के दौरान नवाचार्य श्री समय सागर जी महाराज के सान्निध्य में आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
युवाओं और समाज के लिए प्रेरणादायी अवसर
धार्मिक आयोजनों के माध्यम से युवाओं में भारतीय संस्कृति, नैतिक जीवन, अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा।
समाज के वरिष्ठजन मानते हैं कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रदेशभर में बना उत्साह का माहौल
भोपाल में आयोजित होने वाले इस वर्षायोग को लेकर मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्साह का वातावरण है।
इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खंडवा, भोपाल सहित अनेक जिलों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
समाज के विभिन्न संगठन भी अपने-अपने स्तर पर यात्रा और सहभागिता की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
धर्म, संयम और आत्मकल्याण का संदेश देगा वर्षायोग
नवाचार्य समय सागर जी महाराज ससंघ का भोपाल वर्षायोग केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में नैतिकता, संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण के संदेश को मजबूत करने का अवसर भी होगा।
चार माह तक चलने वाले इस चातुर्मास में हजारों श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करेंगे और जैन धर्म की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेंगे।
आयोजन समिति को विश्वास है कि यह चातुर्मास धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत सफल एवं ऐतिहासिक सिद्ध होगा।
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