Ajinkya Rahane ने सभी प्रारूपों से लिया संन्यास, 17 साल के शानदार क्रिकेट करियर का हुआ अंत
पूर्व भारतीय कप्तान ने भावुक वीडियो साझा कर दी घोषणा, बोले- खिलाड़ी के रूप में अध्याय समाप्त लेकिन नई पीढ़ी के साथ जुड़ाव रहेगा जारी
नई दिल्ली।
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान Ajinkya Rahane ने अपने क्रिकेट प्रशंसकों को भावुक कर देने वाला फैसला लेते हुए सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। 30 जुलाई 2026 को रहाणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने 17 वर्ष लंबे क्रिकेट करियर को विराम देने का ऐलान किया।
रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे दौर का अंत हो गया, जिसमें उनकी बल्लेबाजी की तकनीक, शांत स्वभाव और मुश्किल परिस्थितियों में नेतृत्व क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलाई।
शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सफर
अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अपनी मजबूत तकनीक और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी से विशेष पहचान बनाई।
अपने टेस्ट करियर में रहाणे ने 85 मुकाबलों में 38.46 की औसत से 5,077 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 12 शतक लगाए और कई यादगार पारियां खेलीं।
वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। रहाणे ने 90 वनडे मैचों में 2,962 रन बनाए, जबकि 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 375 रन बनाए।
ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक कप्तानी ने बनाया खास
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे यादगार अध्याय वर्ष 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रहा। विराट कोहली की अनुपस्थिति में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली और ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत को ऐतिहासिक 2-1 से टेस्ट सीरीज जीत दिलाई।
इस दौरे पर रहाणे की कप्तानी की जमकर प्रशंसा हुई। मेलबर्न टेस्ट में उनकी शतकीय पारी ने भारत की वापसी में अहम भूमिका निभाई। वहीं, गाबा टेस्ट में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत ने इस सीरीज को क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल कर दिया।
रहाणे की शांत नेतृत्व शैली, खिलाड़ियों पर भरोसा और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता ने उन्हें एक सफल कप्तान के रूप में स्थापित किया।
भावुक संदेश के साथ लिया फैसला
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने अपने प्रशंसकों, परिवार, साथियों और भारतीय क्रिकेट से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उनका सफर अब समाप्त हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा।
उन्होंने संकेत दिया कि वह भविष्य में मेंटर की भूमिका निभाकर युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना जारी रखेंगे। उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को अनुभव और सीख से मजबूत बनाना रहेगा।
शांत स्वभाव और संघर्ष के लिए जाने जाएंगे रहाणे
अजिंक्य रहाणे भारतीय क्रिकेट में अपने शांत व्यवहार, अनुशासन और खेल भावना के लिए पहचाने जाते रहे हैं। उन्होंने कई बार कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
उनकी बल्लेबाजी शैली में तकनीक, धैर्य और जिम्मेदारी की झलक दिखाई देती थी। टेस्ट क्रिकेट में विदेशी परिस्थितियों में उनकी उपयोगी पारियां भारतीय टीम की सफलता में अहम योगदान देती रहीं।
क्रिकेट जगत ने दी शुभकामनाएं
रहाणे के संन्यास के बाद क्रिकेट जगत से जुड़े खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उन्हें शानदार करियर के लिए शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी यादगार पारियों, कप्तानी और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को याद किया।
प्रशंसकों का कहना है कि रहाणे हमेशा भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में गिने जाएंगे, जिन्होंने बिना ज्यादा शोर के अपने प्रदर्शन से टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नई भूमिका में नजर आएंगे रहाणे
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुड़ाव जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन और क्रिकेट के विकास में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।
17 वर्षों के लंबे सफर में रहाणे ने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। अब वह खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और अनुभवी क्रिकेट व्यक्तित्व के रूप में नई पारी शुरू करेंगे।
