MP Weather Today: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, तीन मौसम प्रणालियों के असर से 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
MP में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के ऊपर एक साथ तीन मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का दायरा तेजी से बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी है।
तीन मौसम प्रणालियों से बढ़ा बारिश का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के ऊपर तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके संयुक्त प्रभाव से व्यापक वर्षा हो रही है। इन प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों का जमाव बना हुआ है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में अब बारिश की तीव्रता बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग का कहना है कि इन मौसम प्रणालियों का प्रभाव आगामी 2 अगस्त तक बना रह सकता है। इस दौरान कई जिलों में लगातार बारिश होने के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे ज्यादा असर मालवा-निमाड़, नर्मदापुरम संभाग और उससे लगे क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।
इन पांच जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
MP मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 24 घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। तेज बारिश के कारण जलभराव, सड़क मार्ग बाधित होने और छोटे नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
इन 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना
इसके अलावा उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं भोपाल, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा सहित कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
दो अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर
MP मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियां अगले कुछ दिनों तक प्रभावी रहेंगी। उनके मुताबिक 2 अगस्त तक कई हिस्सों में रुक-रुककर तेज बारिश जारी रह सकती है। कुछ इलाकों में अति भारी वर्षा की भी संभावना है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम प्रणालियां इसी तरह सक्रिय रहीं तो प्रदेश में मानसून की अब तक की बारिश की कमी भी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
बुधवार की बारिश से कई इलाकों में बढ़ी मुश्किलें
बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बालाघाट, भोपाल, रतलाम, पचमढ़ी और ग्वालियर सहित कई स्थानों पर तेज बारिश हुई।
बालाघाट जिले में लगातार वर्षा के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए। बैहर-परसवाड़ा मार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्वालियर और भोपाल में भी तेज बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया। हालांकि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
MP में अब भी सामान्य से कम बारिश
लगातार बारिश के बावजूद मध्य प्रदेश अभी भी सामान्य मानसूनी वर्षा के आंकड़े से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में औसतन 14.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से लगभग 16.9 इंच वर्षा होनी चाहिए थी।
इस तरह प्रदेश में अब भी करीब 2.8 इंच यानी लगभग 16 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
MP के कुल 47 जिले अब भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे हैं। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक होने वाली तेज बारिश से यह अंतर काफी कम हो सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में होने वाली अच्छी बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। सोयाबीन, मक्का, धान और अन्य फसलों को पर्याप्त नमी मिलने से उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं जलाशयों और बांधों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे पेयजल और सिंचाई की स्थिति में सुधार होगा।
हालांकि लगातार तेज बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को जलभराव और फसलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लोगों के लिए सावधानी जरूरी
MP मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। बिजली चमकने के समय खुले मैदानों में जाने से बचें और अनावश्यक यात्रा न करें। जिन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।
फिलहाल मौसम के ताजा संकेत बताते हैं कि मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इससे जहां एक ओर गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, वहीं सामान्य से कम बारिश की भरपाई होने की भी उम्मीद बढ़ गई है।
