सावन मास का शुभारंभ आज से, शिवालयों में गूंजेगा ‘हर-हर महादेव’; भक्ति और आस्था में डूबेगा क्षेत्र
रिपोर्टर राजेश जामलिया
मोहन बड़ोदिया। भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र और शुभ महीना सावन आज गुरुवार से प्रारंभ हो रहा है। सावन के आगमन के साथ ही क्षेत्र के शिव मंदिरों में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बनने लगा है। शिव भक्तों में विशेष उमंग देखने को मिल रही है। मंदिरों में साफ-सफाई, सजावट और विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब पूरे महीने शिवालयों में सुबह से शाम तक ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष सुनाई देंगे।
हिंदू धर्म में सावन मास का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस पवित्र महीने में भगवान शिव की श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने, जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि सावन के दौरान देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा सावन मास
इस वर्ष सावन मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक चलेगा। पूरे माह क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक करेंगे और पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करेंगे।
सावन के दौरान शिवालयों में प्रतिदिन जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक, रुद्राभिषेक, महाआरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिरों में भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
सावन के चार सोमवार रहेंगे विशेष महत्व के
इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार पड़ेंगे, जिनका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रहेगा। पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त को होगा।
सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा करने की परंपरा है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। इन विशेष दिनों में शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
शिवालयों में तैयारियां पूरी, बढ़ेगी श्रद्धालुओं की रौनक
सावन के आगमन को देखते हुए क्षेत्र के सभी शिव मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, रंग-रोगन और आकर्षक सजावट की गई है। श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर समितियों द्वारा आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
मोहन बड़ोदिया क्षेत्र के शिवालयों में पूरे सावन माह के दौरान धार्मिक गतिविधियां चलती रहेंगी। सुबह की आरती से लेकर शाम की महाआरती तक भक्तों की आवाजाही बनी रहेगी।
कांवड़ यात्रा और धार्मिक आयोजनों से भक्तिमय होगा माहौल
सावन मास के दौरान कांवड़ यात्राओं, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का भी विशेष महत्व रहता है। शिव भक्त कांवड़ लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
क्षेत्र में होने वाले धार्मिक आयोजनों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाएगा। मंदिरों में शिव भक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
मनकामेश्वर महादेव मंदिर में विशेष व्यवस्था
क्षेत्र के कुमारिया खास स्थित प्रसिद्ध मनकामेश्वर महादेव मंदिर में भी सावन माह को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक की बेहतर व्यवस्था की गई है।
माना जा रहा है कि सावन भर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मनकामेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर परिसर पूरे महीने भगवान शिव के जयकारों से गूंजता रहेगा।
सावन देता है भक्ति के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश
सावन केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जुड़ाव का भी संदेश देता है। बारिश के मौसम में चारों ओर फैली हरियाली सावन की सुंदरता को और बढ़ा देती है।
यह महीना संयम, सेवा, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव की आराधना के साथ श्रद्धालु अपने जीवन में अच्छे विचारों और संस्कारों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।
सावन के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में शिव भक्ति का माहौल बन गया है। श्रद्धालु अब पूरे महीने भगवान भोलेनाथ की आराधना, पूजा और धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करेंगे।
