—Advertisement—

आज से शुरू होगा सावन: शिवालयों में गूंजेगा ‘हर-हर महादेव’, भोलेनाथ की भक्ति में डूबेगा मोहन बड़ोदिया क्षेत्र

Author Picture
Published On: 29 July 2026
Devotees offer जलाभिषेक and prayers to Lord Shiva at a decorated Shiva temple in Mohan Badodiya on the first day of the holy month of Sawan as chants of "Har Har Mahadev" fill the temple premises
— Devotees offer जलाभिषेक and prayers to Lord Shiva at a decorated Shiva temple in Mohan Badodiya on the first day of the holy month of Sawan as chants of "Har Har Mahadev" fill the temple premises

—Advertisement—

आज से शुरू होगा सावन: शिवालयों में गूंजेगा ‘हर-हर महादेव’, भोलेनाथ की भक्ति में डूबेगा मोहन बड़ोदिया क्षेत्र

 रिपोर्टर: राजेश जामलिया

भगवान शिव की आराधना का पावन और आध्यात्मिक महत्व से परिपूर्ण सावन मास गुरुवार, 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। सावन का महीना शिवभक्तों के लिए वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक काल माना जाता है। इस पूरे माह में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। सावन के आगमन को लेकर मोहन बड़ोदिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्रमुख शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा, फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है।

सावन के पहले दिन से ही क्षेत्र के मंदिरों में सुबह ब्रह्म मुहूर्त से भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगने की संभावना है। पूरा क्षेत्र एक बार फिर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण में सराबोर होगा।

30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा सावन मास

इस वर्ष सावन मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पंचामृत अभिषेक, गंगाजल अर्पण, बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प, भांग, चंदन तथा विभिन्न पूजन सामग्रियों से भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।

मंदिरों में सुबह मंगला आरती से लेकर रात्रि शयन आरती तक धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलेगी। अनेक स्थानों पर शिव पुराण कथा, महामृत्युंजय मंत्र जाप, रुद्रपाठ तथा सामूहिक भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। सावन मास के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव से सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, पारिवारिक खुशहाली और जीवन में सफलता की कामना करेंगे।

चार सोमवारों का रहेगा विशेष महत्व

सावन का सबसे अधिक महत्व सोमवार के व्रत और पूजन को माना जाता है। इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं, जो क्रमशः 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को होंगे।

इन चारों सोमवारों पर शिवालयों में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिलेगी। महिलाएं और पुरुष व्रत रखकर भगवान शिव एवं माता पार्वती का पूजन करेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन सोमवार का व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। अविवाहित युवतियां योग्य वर की प्राप्ति के लिए तथा विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार के कल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना करती हैं।

शिवालयों में विशेष तैयारियां पूरी

सावन मास को देखते हुए क्षेत्र के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंदिर समितियों द्वारा साफ-सफाई, रंग-रोगन, आकर्षक सजावट, विद्युत रोशनी, पेयजल, श्रद्धालुओं के लिए कतार व्यवस्था तथा सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाए गए हैं। जलाभिषेक के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंदिर समितियां स्वयंसेवकों की भी तैनाती कर रही हैं, जो दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करेंगे।

मनकामेश्वर महादेव मंदिर रहेगा आस्था का प्रमुख केंद्र

क्षेत्र के कुमारिया खास स्थित प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर में सावन के पूरे माह विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। यह मंदिर वर्षों से क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रत्येक वर्ष सावन में यहां हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर समिति के अनुसार इस बार भी प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष पूजा व्यवस्था, जलाभिषेक स्थल, प्रसाद वितरण, साफ-सफाई तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है।

जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का रहेगा विशेष महत्व

vbbn

सावन मास में भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस माह भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर और पंचामृत अर्पित करने से जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान होता है। रुद्राभिषेक करने से मानसिक शांति, आरोग्य, आर्थिक समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

श्रद्धालु पूरे महीने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, चंदन और फल अर्पित करेंगे। शिव मंत्रों के जाप और महामृत्युंजय मंत्र के उच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।

कांवड़ यात्राओं से बढ़ेगी धार्मिक आस्था

सावन के दौरान क्षेत्र में कांवड़ यात्राओं का भी विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु विभिन्न पवित्र नदियों और तीर्थस्थलों से जल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करेंगे। जगह-जगह कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा शिविर लगाए जाएंगे, जहां पेयजल, भोजन और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है। युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रा में भाग लेकर धार्मिक आस्था का परिचय देता है।

हरियाली के बीच आध्यात्मिक उल्लास

सावन का महीना केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी विशेष माना जाता है। बारिश के कारण खेत-खलिहान, जंगल और पहाड़ियां हरियाली से आच्छादित हो जाती हैं। चारों ओर फैली हरियाली और ठंडी हवाएं वातावरण को मनमोहक बना देती हैं।

प्रकृति और अध्यात्म का यह अद्भुत संगम लोगों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में झूले, लोकगीत, पारंपरिक आयोजन तथा धार्मिक कार्यक्रम सावन के उल्लास को और अधिक बढ़ाते हैं।

संयम, सेवा और प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है सावन

धार्मिक विद्वानों के अनुसार सावन केवल पूजा-अर्चना का महीना नहीं है, बल्कि यह संयम, सात्विक जीवन, सेवा, दया और प्रकृति संरक्षण का भी संदेश देता है। इस माह लोग मांसाहार और नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं तथा आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाने का प्रयास करते हैं।

वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों को भी सावन में विशेष महत्व दिया जाता है। अनेक सामाजिक संस्थाएं इस दौरान पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश देती हैं।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर रहेगा विशेष ध्यान

सावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी आवश्यक व्यवस्थाओं पर नजर रखेगा। प्रमुख मंदिरों के आसपास यातायात व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। भीड़ वाले दिनों में पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती भी की जाएगी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सकें।

श्रद्धालुओं में दिख रहा उत्साह

सावन प्रारंभ होने से पहले ही बाजारों में पूजा सामग्री, बेलपत्र, रुद्राक्ष, फूल-मालाएं, धूप, अगरबत्ती, कलश, त्रिशूल और अन्य धार्मिक सामग्री की खरीदारी तेज हो गई है। दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। महिलाएं, युवा और बच्चे सभी सावन के स्वागत को लेकर उत्साहित हैं।

क्षेत्र के श्रद्धालुओं का कहना है कि पूरे वर्ष उन्हें सावन मास का इंतजार रहता है। इस दौरान भगवान शिव की पूजा से मन को शांति मिलती है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।

पूरे माह गूंजेगा “हर-हर महादेव”

सावन मास के प्रारंभ के साथ ही मोहन बड़ोदिया सहित आसपास का पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब जाएगा। मंदिरों में प्रतिदिन होने वाली आरती, भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और धार्मिक आयोजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा। भगवान भोलेनाथ के जयघोष और घंटियों की मधुर ध्वनि श्रद्धालुओं की आस्था को और प्रगाढ़ बनाएगी।

सावन का यह पवित्र महीना श्रद्धा, भक्ति, सेवा, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश लेकर आया है। क्षेत्र के श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ भगवान शिव की आराधना कर सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करेंगे।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp