—Advertisement—

Ashoknagar : बिना नक्शे के पट्टे की जमीनों की बिक्री और नामांतरण पर उठे सवाल, शाढ़ौरा तहसील में जांच की मांग

Author Picture
Published On: 29 July 2026
Ashoknagar

—Advertisement—

**बिना नक्शे बिक गई पट्टे ज़मीनें कैसे हो गए नामांतरण ****

Ashoknagar संवाददाता
राहुल जैन 8085745845

शाढ़ौरा तहसील में भू-माफिया और अफसरों की साठगांठ का खेल,आखिर किसके इशारे पर उधड़ीं नियमों की धज्जियां…..

राहुल जैन स्वराज वाणी संवाददाता अशोकनगर।राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और नियमों की दुहाई देने वाले अधिकारियों की नाक के नीचे शाढ़ौरा तहसील के ग्राम सेमरी लोहाबाद में लापरवाही का ऐसा नंगा नाच चल रहा है, जिसने पूरे तंत्र की साख पर बट्टा लगा दिया है।

सवाल सीधा और बेहद गंभीर है जब शासकीय रिकॉर्ड में गांव का नक्शा ही उपलब्ध नहीं है, तो पट्टे की जमीनों की धड़ल्ले से खरीद-फरोख्त और नामांतरण किस आधार पर कर दिया गया।’दैनिक दीनबंधु’ द्वारा की गई विशेष पड़ताल में सेमरी लोहाबाद की पट्टे की जमीनों के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री और नामांतरण को लेकर चौंकाने वाले और सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। नियम-कानूनों को ताक पर रखकर, शासकीय जमीनों को निजी हाथों में सौंपने का यह पूरा खेल भू-माफिया, पटवारी, तहसीलदार और पंजीयक कार्यालय की साठगांठ की ओर साफ इशारा कर रहा है।

‘दैनिक दीनबंधु’ की तहकीकात में जो सर्वे नंबर और खरीदारों के नाम उजागर हुए हैं, वे यह साबित करने के लिए काफी हैं कि इस फर्जीवाड़े के तार स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश की राजधानी भोपाल तक जुड़े हुए हैं। जिनमें खरीददार निम्न लिखित है :-

1. अशोक नगर जिले की तहसील शाढ़ौरा के ग्राम सैमरी लोहावाद के पट्टे की भूमि सर्वे क्रमांक 84/4 रकबा 1.0 हेक्टेयर है जिसके दो खरीदार हैं जिसमें उपासना शर्मा पत्नी सत्येंद्र शर्मा निवासी भार्गव कॉलोनी गुना और पुष्पा जैन पत्नी जीतेश कुमार जैन निवासी वार्ड क्रमांक 3 नया बस स्टैंड अशोक नगर 84/4 में क्रेता हैं।

2. वही ग्राम सेमरी लोहाबाद के भूमि सर्वे नंबर 11/2/1/2/3 जिसका रकबा 0.964 हेक्टेयर है। यह भी पट्टे की भूमि है। जिसके खरीदार संतोष कुशवाहा पुत्र गप्पूलाल कुशवाहा निवासी ग्राम करैया बुद्धू और नीलेश रघुवंशी पुत्र हरनाम सिंह रघुवंशी निवासी ग्राम सावन इस पट्टे की भूमि के खरीदार हैं।

3. एक और पट्टे की भूमि क्रय करने के मामले में ग्राम सेमरी लोहाबाद तहसील शाढ़ौरा के भूमि सर्वे क्रमांक 18/4 जिसका रकवा 0.500 हेक्टेयर है। यह भी पट्टे की भूमि है जिसके खरीदार रामाकांत शर्मा पुत्र सूर्यकांत शर्मा निवासी बी 208 गीत स्काई ब्ले मित्तल कॉलेज के पास करोंद रोड भोपाल और दूसरे हैं विश्ववीर रघुवंशी पुत्र अर्जुन सिंह रघुवंशी निवासी ग्राम देरखा यह भी पट्टे की भूमि है इसमें भी दो खरीददार शामिल हैं।

1. वहीं एक और अन्य मामले में ग्राम सेमरी लोहाबाद तहसील सालोरा के भूमि सर्वे क्रमांक 11/2/क/4 जिसका रकबा 0.964 है। जिसके खरीदार राकेश रघुवंशी पुत्र शिवराज रघुवंशी निवासी वार्ड क्रमांक पांच महल मोहल्ला शाढ़ौरा और अभिषेक सोनी पुत्र विट्ठल दास सोनी निवासी सुठालिया इस भूमि में खरीदार हैं।

जब नक्शे में जमीन की चौहद्दी और वास्तविक स्थिति ही तय नहीं है, तो तहसील कार्यालय ने किस प्रतिवेदन के आधार पर इस पूरे हेक्टेयरों का नामांतरण मंजूर कर दिया वही एक प्रकरण में अभी नामांतरण नहीं हुआ है।

मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता के कड़े नियम स्पष्ट कहते हैं कि किसी भी कृषि या शासकीय भूमि के क्रय-विक्रय, नामांतरण या बटवारे से पहले उसकी भौगोलिक स्थिति, खसरा और नक्शे का मिलान अनिवार्य है। यदि किसी गांव का नक्शा ही उपलब्ध नहीं है या त्रुटिपूर्ण है, तो जमीन का भौतिक सीमांकन संभव नहीं है। यह तय कर पाना असंभव है कि बेची जा रही जमीन वही है या किसी अन्य शासकीय/निजी भूमि पर कब्जा कराया जा रहा है।

इसके बावजूद शाढ़ौरा तहसील कार्यालय में फाइलों पर आंखें मूंदकर दस्तखत किए गए। पटवारियों ने बिना नक्शे के प्रतिवेदन कैसे बनाए रजिस्ट्रार ने बिना नक्शा तस्दीक किए रजिस्ट्री कैसे की और तहसीलदार ने बिना नक्शे के नामांतरण आदेश जारी कैसे कर दिए। जब इस संबंध में अशोक नगर एसडीएम इसरार खान से बात की तो उन्होंने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी, पट्टे बेचने के लिए कलेक्टर की अनुमति जरूरी होती है इसका हम पता कर लेंगें।

यह पूरा मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से किए गए राजस्व घोटाले का है। सेमरी लोहाबाद में पट्टे की जमीनों को रसूखदारों और बाहरी खरीदारों को औने-पौने दामों में बेचने या नामांतरित कराने का यह खेल बिना प्रशासनिक मिलीभगत के संभव ही नहीं है।

क्या शासन की गाइडलाइन और नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं,क्या पट्टेदार गरीब किसानों/भूमिहीनों को डरा-धमकाकर या लालच देकर उनकी जमीनें छीनी गईं, क्या बिना नक्शे के नामांतरण करके भविष्य में खसरा और शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जों का रास्ता साफ किया गया। यदि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं करता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि तंत्र में बैठे आला अफसर भी इस फर्जी वाडे की गंगा में हाथ धोने से परहेज नहीं कर रहे हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp