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UP Bus Accident: प्रयागराज से विदिशा जा रही स्लीपर बस झांसी में खड़े ट्रक से टकराई, चालक समेत दो की मौत, 20 यात्री घायल

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Published On: 29 July 2026
A damaged sleeper bus after colliding with a parked truck on the Jhansi-Kanpur Highway near Parichha Power Plant in Uttar Pradesh, where the driver and one passenger were killed and around 20 passengers were injured
— A damaged sleeper bus after colliding with a parked truck on the Jhansi-Kanpur Highway near Parichha Power Plant in Uttar Pradesh, where the driver and one passenger were killed and around 20 passengers were injured

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UP Bus Accident: प्रयागराज से विदिशा जा रही स्लीपर बस झांसी में खड़े ट्रक से टकराई, चालक समेत दो की मौत, 20 यात्री घायल

झांसी/विदिशा। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। प्रयागराज से मध्य प्रदेश के विदिशा जा रही एक स्लीपर बस झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पारीछा पावर प्लांट के सामने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में बस चालक और एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 20 यात्री घायल हो गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बस में सवार यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग तुरंत सहायता के लिए पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और राहत दल भी घटनास्थल पर पहुंच गए और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया।

देर रात हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार यह निजी स्लीपर बस उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से मध्य प्रदेश के विदिशा के लिए रवाना हुई थी। बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जो अलग-अलग जिलों और शहरों की यात्रा कर रहे थे।

मंगलवार देर रात जब बस झांसी-कानपुर हाईवे पर स्थित पारीछा पावर प्लांट के सामने पहुंची, तभी सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि हादसे की आवाज दूर तक सुनाई दी। आसपास मौजूद लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।

बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त

हादसे की भयावहता का अंदाजा बस की स्थिति देखकर लगाया जा सकता है। टक्कर के बाद बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

सबसे अधिक नुकसान चालक की सीट वाले हिस्से में हुआ, जहां बस चालक गंभीर रूप से फंस गया था। स्टेयरिंग और डैशबोर्ड पूरी तरह दब जाने के कारण चालक को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया।

राहत दल को चालक तक पहुंचने के लिए बस के अगले हिस्से को काटना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

चालक समेत दो लोगों की मौत

इस भीषण सड़क हादसे में बस चालक और एक यात्री की जान चली गई।

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार मृतकों के परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

20 यात्री घायल, कई की हालत गंभीर

हादसे में करीब 20 यात्री घायल हुए हैं। इनमें कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।

चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश यात्रियों को सिर, हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं।

गंभीर रूप से घायल यात्रियों की लगातार निगरानी की जा रही है।

यात्रियों में मची चीख-पुकार

दुर्घटना के तुरंत बाद बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। अचानक हुए जोरदार झटके के कारण कई यात्री अपनी सीटों से गिर पड़े।

स्लीपर कोच में सो रहे यात्रियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। कुछ यात्री सीटों के बीच फंस गए, जबकि कई लोग टूटे हुए शीशों और लोहे के हिस्सों से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों ने तुरंत बस के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया।

पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान

घटना की सूचना मिलते ही बड़ागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।

पुलिस के साथ कई एंबुलेंस और राहत दल भी घटनास्थल पर पहुंचे।

स्थानीय नागरिकों ने भी बचाव अभियान में सक्रिय सहयोग किया।

संयुक्त प्रयासों से सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस अधिकारियों ने राहत कार्य पूरा होने तक यातायात को नियंत्रित रखा ताकि बचाव अभियान में किसी प्रकार की बाधा न आए।

मेडिकल कॉलेज में कराया गया इलाज

घायलों को तत्काल झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की विशेष टीम पहले से तैयार थी।

डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक परीक्षण किया और गंभीर मरीजों का तुरंत उपचार शुरू किया।

अस्पताल प्रशासन ने आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा संसाधन भी उपलब्ध कराए।

घायलों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई।

दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से टकराई।

हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

पुलिस निम्न बिंदुओं की जांच कर रही है—

  • ट्रक सड़क पर किस कारण खड़ा था।
  • ट्रक पर आवश्यक रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत मौजूद थे या नहीं।
  • बस चालक की गति निर्धारित सीमा के भीतर थी या नहीं।
  • चालक को झपकी आने जैसी कोई स्थिति तो नहीं बनी।
  • सड़क की रोशनी और दृश्यता की स्थिति कैसी थी।

जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

हाईवे पर खड़े वाहनों से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना उचित सुरक्षा संकेतों के खड़े वाहन गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।

यदि कोई भारी वाहन खराब होने के कारण सड़क पर रुकता है, तो उसके पीछे पर्याप्त दूरी पर रिफ्लेक्टर, चेतावनी त्रिकोण और फ्लैशिंग लाइट लगाना अनिवार्य माना जाता है।

रात के समय दृश्यता कम होने के कारण ऐसे वाहन अन्य चालकों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

मध्य प्रदेश लौट रहे यात्रियों में मची चिंता

यह बस प्रयागराज से मध्य प्रदेश के विदिशा जा रही थी।

बस में विदिशा सहित भोपाल, सागर, रायसेन और आसपास के क्षेत्रों के कई यात्री सवार बताए जा रहे हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही यात्रियों के परिजनों में चिंता का माहौल बन गया।

अस्पताल और पुलिस नियंत्रण कक्ष में लगातार फोन कॉल आने लगे, जहां परिजन अपने परिचितों की जानकारी लेने का प्रयास करते रहे।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि—

  • हाईवे पर खड़े खराब वाहनों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर हटाया जाना चाहिए।
  • रात्रि के समय चेतावनी संकेतों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
  • लंबी दूरी तय करने वाले बस चालकों को पर्याप्त विश्राम मिलना आवश्यक है।
  • नियमित वाहन फिटनेस जांच और तकनीकी निरीक्षण को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

इन उपायों से ऐसी कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

बड़ागांव थाना पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस दुर्घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही ट्रक चालक और वाहन मालिक से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राहत और बचाव के बाद सामान्य हुआ यातायात

दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए झांसी-कानपुर हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।

राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।

प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे रात्रि यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।

हादसे ने छोड़े कई सवाल

प्रयागराज से विदिशा जा रही स्लीपर बस का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। दो लोगों की जान जाने और कई यात्रियों के घायल होने की इस घटना ने सड़क सुरक्षा, हाईवे प्रबंधन और आपातकालीन राहत व्यवस्था की गंभीरता को फिर सामने ला दिया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायलों का इलाज जारी है। हादसे के वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

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