MP Kisan March 2026: मूंग खरीदी की मांगों को लेकर भोपाल में किसानों का प्रदर्शन जारी, आज CM हाउस घेराव की तैयारी
MP में मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। नर्मदापुरम से पैदल यात्रा करते हुए भोपाल पहुंचे हजारों किसानों ने राजधानी में डेरा डाल दिया है। किसान संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करे और खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था को आसान बनाया जाए। मंगलवार को किसानों और प्रशासन के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अब किसान बुधवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी में हैं।
किसानों के भोपाल पहुंचने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। नर्मदापुरम रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है।
नर्मदापुरम रोड पर रोके गए किसान, बैरिकेड हटाकर आगे बढ़े
मंगलवार को भोपाल पहुंचने से पहले किसानों को वीर सावरकर सेतु के पास भारी पुलिस बल ने रोकने का प्रयास किया। इसके बाद 11 मील बायपास क्षेत्र में भी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर किसानों को रोकने की कोशिश की। हालांकि, बड़ी संख्या में मौजूद किसान बैरिकेड पार कर आगे बढ़ गए।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने नर्मदापुरम रोड पर बसें खड़ी कर रास्ता रोकने का प्रयास किया। इसके चलते कटारा हिल्स रोड सहित आसपास के इलाकों में लंबा जाम लग गया। बाद में पुलिस ने किसानों को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) के सामने रोक दिया, जहां बड़ी संख्या में किसान जमा हो गए।
किसानों के साथ खाने-पीने का सामान भी मौजूद है। वे अपनी मांगों को लेकर मौके पर डटे हुए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार बातचीत का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
प्रदर्शन के चलते स्कूलों में अचानक छुट्टी
किसान आंदोलन और शहर में यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए भोपाल के कई स्कूलों ने बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी। हालांकि, कई अभिभावकों को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाई।
सुबह बच्चों के स्कूल जाने के समय कई अभिभावक बसों और वैन का इंतजार करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि स्कूल बंद हैं। कई माता-पिता अपने बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे, लेकिन वहां से उन्हें वापस लौटना पड़ा।
कुछ स्कूलों में अभिभावकों के आग्रह पर वैन चालक बच्चों को स्कूल तक लेकर गए, लेकिन बाद में स्कूल प्रबंधन की सूचना मिलने पर बच्चों को वापस घर भेजना पड़ा। अचानक छुट्टी घोषित होने से बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भोपाल में ट्रैफिक डायवर्जन लागू
किसानों के मार्च को देखते हुए भोपाल पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। नर्मदापुरम रोड से आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।
नर्मदापुरम रोड की ओर से आने वाले वाहन 11 मील बायपास से खजूरी कला, एसओएस रोड और पिपलानी होते हुए आवाजाही कर सकते हैं। मिसरोद ग्राम और विश्वविद्यालय क्षेत्र के बीच रहने वाले लोग बावड़ियाकलां ब्रिज से कोलार और 10 नंबर क्षेत्र की ओर जा सकते हैं।
MP नगर से नर्मदापुरम मार्ग की ओर जाने वाले वाहन गोविंदपुरा, पिपलानी, पटेल नगर और खजूरी कला मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। वहीं एम्स जाने वाले लोगों को कटारा हिल्स, बागसेवनिया और आरएलएल ब्रिज के नीचे से होकर जाने की सलाह दी गई है।
मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग
किसानों के आंदोलन के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने भी केंद्र सरकार से मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है।
राज्य सरकार ने केंद्र से मांग की है कि मूंग खरीदी का लक्ष्य 4.54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन किया जाए। सरकार का कहना है कि इससे अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल सकेगा।
कृषि मंत्री ने पत्र में बताया कि इस वर्ष प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन लगभग 20.16 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है। वहीं, वर्तमान खरीदी लक्ष्य सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित रह सकते हैं।
14.30 लाख हेक्टेयर में हुई मूंग की खेती
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस साल मध्यप्रदेश में लगभग 14.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती की गई है। अनुमान के मुताबिक प्रति हेक्टेयर करीब 1410 किलोग्राम उत्पादन के आधार पर कुल उत्पादन 20.16 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच सकता है।
मूंग खरीदी के लिए प्रदेश में 3.47 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें से अब तक करीब 82 हजार किसान ही खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो पाए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि लक्ष्य बढ़ने से ज्यादा किसानों को सरकारी खरीदी व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।
पिछले साल हुई थी 7.72 लाख मीट्रिक टन खरीदी
कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार को भेजे पत्र में बताया कि पिछले वर्ष केंद्र ने मध्यप्रदेश के लिए 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया था, लेकिन प्रदेश में कुल 7.72 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की गई थी।
इस बार राज्य सरकार ने अनुमानित उत्पादन के करीब 40 प्रतिशत हिस्से को सरकारी खरीदी में शामिल करने की मांग की है। सरकार के अनुसार, 8.06 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय होने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
किसानों की दो मुख्य मांगें
किसान संगठनों का कहना है कि उनकी मांगें स्पष्ट हैं। पहली मांग है कि प्रदेश में पैदा हुई पूरी मूंग की सरकारी खरीदी की जाए। दूसरी मांग खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था को सरल बनाने की है, ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब सभी की नजर बुधवार को होने वाले किसान प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास घेराव पर है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है, जबकि किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
