MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, आठ आईएएस अफसरों के तबादले, चार जिलों के कलेक्टर बदले
MP सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए आठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को तबादला आदेश जारी किया। इस प्रशासनिक फेरबदल में शहडोल, छतरपुर और बालाघाट जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जबकि रतलाम कलेक्टर को राजधानी भोपाल में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार द्वारा किए गए इस बदलाव को प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आदेश के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, वहीं कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं।
तीन जिलों में बदले गए कलेक्टर
तबादला सूची के अनुसार छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल को अब शहडोल जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीणा को छतरपुर जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
ग्वालियर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ कुमार सत्यम को बालाघाट का नया कलेक्टर बनाया गया है। इस बदलाव के बाद इन तीनों जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व में परिवर्तन देखने को मिलेगा।
सरकार ने अधिकारियों के अनुभव और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। माना जा रहा है कि आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए यह फेरबदल किया गया है।
रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह को भोपाल में नई जिम्मेदारी
रतलाम की कलेक्टर रहीं मिशा सिंह का तबादला भोपाल कर दिया गया है। उन्हें अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्य प्रदेश भोपाल कार्यालय में पदस्थ किया गया है।
मिशा सिंह के तबादले के बाद रतलाम जिले के नए कलेक्टर की नियुक्ति को लेकर अलग से आदेश जारी होने की संभावना जताई जा रही है। रतलाम जिले में अब नए प्रशासनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी किस अधिकारी को मिलेगी, इस पर नजर बनी हुई है।
मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग को कौशल विकास की जिम्मेदारी
मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें भोपाल पदस्थ करते हुए मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का परियोजना संचालक बनाया गया है।
इसके साथ ही उन्हें मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), संचालक रोजगार और एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
अदिति गर्ग अब प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालेंगी। सरकार की प्राथमिकता युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करना है।
अंकित अस्थाना को कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग में उप सचिव रहे अंकित अस्थाना को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा उन्हें मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। कर्मचारी चयन मंडल प्रदेश में विभिन्न सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया संचालित करता है, ऐसे में यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिनेश जैन को खाद्य विभाग की जिम्मेदारी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अपर सचिव रहे दिनेश जैन को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है।
उन्हें विकास आयुक्त सह आयुक्त सह संचालक खाद्य के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें खाद्य विभाग में अपर सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
खाद्य विभाग प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न व्यवस्था और उपभोक्ता हितों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है। ऐसे में दिनेश जैन की नई जिम्मेदारी काफी अहम मानी जा रही है।
स्वरोचिष सोमवंशी को अतिरिक्त प्रभार
आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में विकास आयुक्त सह आयुक्त रहे स्वरोचिष सोमवंशी को वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं।
उन्हें राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव और अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
उनके कार्यभार संभालने के बाद राज्य योजना आयोग और सुशासन संस्थान से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऋषि गर्ग से जुड़ी जिम्मेदारियों में बदलाव
आदेश के अनुसार स्वरोचिष सोमवंशी को अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद ऋषि गर्ग से राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव और सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान से संबंधित जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। हालांकि उनके अन्य दायित्वों को लेकर विभाग की ओर से अलग निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश
MP सरकार समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार आईएएस अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव करती रही है। इस बार किए गए फेरबदल में जिलों के कलेक्टरों के साथ-साथ मंत्रालय स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति से विकास योजनाओं, कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में नई दिशा मिल सकती है। वहीं विभागीय स्तर पर हुए बदलावों से शासन की प्राथमिकताओं को तेजी से लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद सभी अधिकारियों को जल्द नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
